Mon Sep 21, 2026 | 02:09 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetna Jain , Gynecologist

क्या प्रेग्नेंसी में रोज वॉक करने से नॉर्मल डिलीवरी का चांस बढ़ता है? डॉक्टर से जानें सावधानी

प्रेग्नेंसी में महिलाओं को रोजाना वॉक करने की सलाह दी जाती है, ताकि नॉर्मल डिलीवरी हो सके। क्या सच में रोजाना वॉक करने से नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ सकती है? जानने के लिए पढ़ें यह लेख और साथ ही जानें कि डॉक्टर किन महिलाओं को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
क्या प्रेग्नेंसी में रोज वॉक करने से नॉर्मल डिलीवरी का चांस बढ़ता है? डॉक्टर से जानें सावधानी
क्या प्रेग्नेंसी में रोज वॉक करने से नॉर्मल डिलीवरी का चांस बढ़ता है? डॉक्टर से जानें सावधानी

प्रेग्नेंसी शुरू होते ही महिलाओं को पूरी तरह से एक्टिव रहने की सलाह दी जाती है और इसमें रोजाना वॉक करना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान कई महिलाओं को यह भी कहा जाता है कि अगर वे रोजाना वॉक करेंगी, तो उनकी नॉर्मल डिलीवरी भी हो सकती है। क्या वाकई में ऐसा होता है? इस बारे में Dr. Chetna Jain, Director, Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon ने बताया कि सिर्फ वॉक करने से नॉर्मल डिलीवरी की गारंटी देना संभव नहीं है। अगर प्रेग्नेंसी सामान्य है और डॉक्टर ने फिजिकल एक्टिवटी की सलाह दी है, तो रोजाना वॉक करने से वजाइनल डिलीवरी के लिए शरीर को तैयार करने में मदद कर सकती है।

क्या प्रेग्नेंसी में वॉक करना फायदेमंद हो सकता है?

Dr. Chetna Jain कहती हैं, “जैसे-जैसे प्रेग्नेंसी बढ़ती है, तो वजन बढ़ता है और शरीर पर पहले के मुकाबले काफी ज्यादा दबाव पड़ने लगता है। ऐसे में अगर हल्की से मॉडरेट वॉक की जाए, तो शरीर को एक्टिव रखने में मदद मिल सकती है। रेगुलर वॉक करने से मांसपेशियां एक्टिव रहती हैं और कॉर्डियोवास्कुलर फिटनेस बनी रह सकती है। फिजिकल एक्टिव रहने से स्टेमिना बढ़ता है, जो लेबर के समय काफी मदद कर सकता है। जो महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान कोई फिजिकल एक्टिविटी नहीं करती हैं, उनके शरीर में अकड़न हो सकती है।”

क्या रेगुलर वॉक करने से नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ती है?

Dr. Chetna Jain का कहना हैं, “हेल्दी प्रेग्नेंसी में रेगुलर वॉक करने से शरीर फिट रहता है और यह नॉर्मल डिलीवरी के लिए शरीर को तैयार कर सकता है, लेकिन डिलीवरी नॉर्मल होगी या सर्जरी, यह महिला के वॉक करने पर निर्भर नहीं हो सकता। डिलीवरी किस तरह की होगी, यह फैसला लेने से पहले शिशु की पॉजीशन, मां और शिशु की हेल्थ कंडीशन, सर्विक्स की स्थिति और लेबर के दौरान के रिस्क को ध्यान में रखा जाता है। इसलिए डिलीवरी को वॉक या किसी एक्सरसाइज से जोड़ना गलत है।”

क्या कहती है रिसर्च?

Journal of Education and Health Promotion में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, जो महिलाएं प्रेग्नेंसी के 34वें हफ्ते रेगुलर वॉक करती हैं, उनकी सर्विक्स प्रसव के लिए तैयार होती है।

  • लेबर पेन खुद शुरू होने की संभावना को बढ़ा सकता है।
  • लेबर इंजेक्शन की जरूरत कम पड़ने के चांस बढ़ सकते हैं।
  • स्टडी में नॉर्मल डिलीवरी के 83.7% मामले देखने को मिले।\

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क्या वॉक करने से लेबर आसान हो सकता है?

Dr. Chetna Jain ने कहा, “प्रेग्नेंसी अगर सामान्य है, तो वॉक करना शरीर और शिशु दोनों के लिए बेहतर रहता है। जो महिलाएं पूरी प्रेग्नेंसी वॉक या फिजिकल फिट रहती है, उन्हें लेबर के दौरान दर्द को सहने का स्टेमिना मिल सकता है। इसके अलावा, कुछ महिलाएं लेबर के दौरान पॉजीशन बदलने या हल्का चलना आराम महसूस कराता है। ऐसे समय में डॉक्टर महिला की मेडिकल कंडीशन देखकर ही उसे हल्की वॉक करने की सलाह दे सकते हैं। लेबर के समय डिलीवरी कैसे करनी है, यह पूरी तरह से डॉक्टर उस समय मां की मेडिकल कंडीशन को देखते हुए ही लेते हैं।”

प्रेग्नेंसी में कितना वॉक करना चाहिए?

Dr. Chetna Jain ने बताया कि अगर प्रेग्नेंसी में डॉक्टर फिजिकल एक्टिवटी की सलाह देते हैं, तो महिला अपनी क्षमता के अनुसार और प्रेग्नेंसी स्टेज के हिसाब से हल्की से मॉडरेट इंटेंसिटी की वॉक कर सकती है। अगर किसी महिला ने प्रेग्नेंसी से पहले एक्सरसाइज नहीं की है, तो शुरुआत में कम समय के लिए ही करना बेहतर रहता है। फिर शरीर के अनुसार धीरे-धीरे वॉक करने का समय बढ़ाया जा सकता है।

Journal of Education and Health Promotion की इसी स्टडी में बताया गया है कि प्रेग्नेंसी में महिलाएं हफ्ते में 4 दिन 40 मिनट तक वॉक कर सकती हैं। महिलाएं वॉक इस गति से करें कि चलते समय उनकी सांस न फूले और बिना रुके आसानी से कम से कम तीन शब्द बोल सके।

प्रेग्नेंसी में किन महिलाओं को वॉक करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है?

Dr. Chetna Jain के अनुसार, सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर प्रेग्नेंसी एक जैसी नहीं होती। इसलिए किसी अन्य महिला के रूटीन या सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर को देखकर खुद किसी भी तरह की एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी न करें। इससे प्रेग्नेंसी में कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं।

  • अगर वॉक के दौरान ब्लीडिंग, डिस्चार्ज होना, तेज पेट दर्द, चक्कर, सांस लेने में असामान्य परेशानी आ कोई भी लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
  • जिन महिलाओं की प्रेग्नेंसी हाई रिस्क है, उन्हें एक्सरसाइज या वॉक का रूटीन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी है।

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डॉक्टर की सलाह

Dr. Chetna Jain महिलाओं को सलाह देती हैं कि नॉर्मल डिलीवरी का स्ट्रेस लेने के बजाय उन्हें प्रेग्नेंसी के दौरान खुद को सेहतमंद रखने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए डॉक्टर की सलाह पर डाइट, फ्लूड और फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए।

  • आमतौर पर सामान्य प्रेग्नेंसी में हल्की वॉक करने की सलाह दी जा सकती है।
  • वॉक के दौरान महिलाओं को अगर ज्यादा थकान या असहजता महसूस हो, तो आराम करना चाहिए।
  • वॉक के लिए आरामदायक जूता पहनना भी जरूरी है।
  • वॉकिंग के दौरान पर्याप्त पानी पिएं।
  • अगर बहुत ज्यादा गर्मी है, तो एक्सरसाइज करने से बचें।

निष्कर्ष
प्रेग्नेंसी में वॉक करने से शरीर को एक्टिव रखा जा सकता है, लेकिन इसे नॉर्मल डिलीवरी होने का जरिया मान लेना गलत है। रेगुलर वॉक करने से मांसपेशियों को मजबूती मिलती है, जिससे लेबर के समय काफी मदद मिल सकती है। वॉक या किसी भी तरह की एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें और खासतौर जिन महिलाओं की हाई रिस्क प्रेग्नेंसी है, उन्हें बिना डॉक्टर से जानें किसी भी तरह की एक्सरसाइज या वॉक करने से बचना चाहिए।

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FAQ

  • क्या प्रेग्नेंसी में बहुत तेज गति से वॉक करने से बच्चे को कोई नुकसान पहुंच सकता है?

    बहुत तेज भागने या भारी थकान वाली वॉक से शरीर का तापमान और पल्स रेट बहुत ज्यादा बढ़ सकती है, जिससे बच्चे तक ऑक्सीजन का फ्लो कम हो सकता है। वॉक के दौरान हमेशा टॉक टेस्ट का ध्यान रखें। इसका मतलब है कि वॉक करते समय बिना सांस फूले आसानी से बात कर सकें।
  • क्या जुड़वां बच्चों के लिए रोजाना वॉक करना सुरक्षित है?

    जुड़वां प्रेग्नेंसी में गर्भाशय का वजन ज्यादा होने के कारण समय से पहले प्रसव का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसी महिलाओं को बिना डॉक्टर की सलाह और अनुमति के लंबी वॉक नहीं करनी चाहिए। उन्हें सिर्फ हल्की गति से इनडोर वॉक की सलाह दी जाती है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 21, 2026 13:00 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetna Jain

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