डिलीवरी का समय जैसे-जैसे नजदीक आता है, वैसे-वैसे शरीर खुद ही शिशु के जन्म की तैयारी शुरू कर देता है। इस दौरान महिलाओं को कुछ छोटे-बड़े बदलाव नजर आ सकते हैं। हालांकि, कुछ महिलाओं को एक साथ कई बदलाव महसूस होते हैं और कुछ को बहुत ही ज्यादा हल्के बदलाव दिखाई देते हैं कि उन्हें समझ ही नहीं आता। लेबर पेन धीरे-धीरे शुरू होता है। इसलिए गुरूग्राम के Cloudnine Group of Hospitals के Department of Obstetrics and Gynecology विभाग की डायरेक्टर Dr. Chetna Jain कहती हैं कि हर महिला का लेबर अनुभव अलग हो सकता है। इसलिए शरीर में होने वाले बदलावों को समझना जरूरी है, लेकिन सिर्फ किसी एक संकेत के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि डिलीवरी कब शुरू होगी।
लेबर पेन के शुरुआती 5 लक्षण
Mayo Clinic के मुताबिक, लेबर पेन शुरू होने से पहले सर्विक्स आमतौर पर 3.5 से 4 सेंटीमीटर लंबी होती है। जैसे ही लेबर का शुरुआती स्टेज शुरू होता है, सर्विक्स मुलायम, छोटी और पतली होने लगती है। ऐसे में महिलाओं को हल्के कॉन्ट्रैक्शन महसूस हो सकते हैं।
Dr. Chetna Jain ने कहती हैं, “कई बार महिलाएं लेबर पेन से घबराने लगती हैं और उन्हें महसूस ही नहीं होता कि ये दर्द लेबर का है या फिर वैसे ही हो रहा है। इसलिए मैं महिलाओं को सलाह दूंगी कि उन्हें इन लक्षणों की पहचानना की कोशिश करनी चाहिए और अगर ऐसा होता है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।”
1. पेट पहले से थोड़ा नीचे महसूस होना
Dr. Chetna Jain ने कहा, “डिलीवरी से पहले जब बच्चे का सिर धीरे-धीरे पेल्विस की ओर नीचे आने लगता है, तो पेट का आकार या उसकी स्थिति कुछ अलग महसूस हो सकती है। इसे आमतौर पर लाइटनिंग या बच्चे का नीचे आना कहा जाता है। कुछ महिलाओं को इस बदलाव के बाद सांस लेने में थोड़ी आसानी महसूस हो सकती है, क्योंकि बच्चे का दबाव ऊपर की तरफ कम होता है। वहीं, पेल्विस और ब्लैडर पर दबाव बढ़ने से बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि पेट नीचे महसूस होने के तुरंत बाद लेबर शुरू हो जाए। यह बदलाव डिलीवरी से कुछ समय पहले भी हो सकता है।”
2. म्यूकस प्लग निकलना
Mayo Clinic के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान बलगम जैसा मोटा प्लग सर्विक्स को बंद करके रखता है, ताकि गर्भाशय में बैक्टीरिया न जा सके। डिलीवरी से पहले यह म्यूकस प्लग योनि के रास्ते से बाहर आ सकता है। इस वजह से आखिरी तिमाही में वजाइनल डिस्चार्ज ज्यादा हो सकता है। यह डिस्चार्ज साफ, हल्का गुलाबी या थोड़े से खून के धब्बे वाला हो सकता है। यह डिलीवरी से कुछ दिन पहले या लेबर पेन की शुरुआत हो सकती है।
Dr. Chetna Jain का मानना है कि कई बार म्यूकस प्लग निकलने के बाद कुछ महिलाओं में जल्द लेबर शुरू हो जाता है, जबकि कुछ में इसमें कई घंटे या कुछ दिन भी लग सकते हैं। कुछ महिलाओं को यह संकेत बिल्कुल महसूस नहीं होता।
3. ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन (Braxton Hicks Contractions) महसूस होना
Dr. Chetna Jain का कहना है, “गर्भावस्था के आखिरी दिनों या हफ्तों में पेट का कुछ समय के लिए सख्त होना या गर्भाशय में खिंचाव जैसा महसूस होना आम है। इसे ब्रेक्सटन-हिक्स संकुचन कहा जाता है। ये संकुचन आमतौर पर कभी होते हैं, तो कभी बिल्कुल भी नहीं होते। कई बार महिलाओं को आराम करने, पानी पीने या शरीर की स्थिति बदलने के बाद कम भी हो सकते हैं। जब लेबर पेन शुरू होता है, तो संकुचन धीरे-धीरे रेगुलर, लंबे और जल्दी-जल्दी होने लगते हैं। इसमें दर्द भी तेजी से बढ़ने लगता है।

यह भी पढ़ें- नॉर्मल डिलीवरी के दौरान सांस लेने का सही तरीका क्या है? जानें लेबर पेन को कैसे करें मैनेज
4. कमर और पेल्विस में भारीपन महसूस होना
Dr. Chetna Jain ने बताया कि लेबर पेन शुरू होने से पहले कुछ महिलाओं को कमर के निचले हिस्से में दर्द, खिंचाव या लगातार भारीपन महसूस हो सकता है। पेल्विस में दबाव भी बढ़ सकता है। कई बार महिलाओं को लगता है कि उन्हें बार-बार पॉटी आ रही है। इसकी वजह शिशु का सिर नीचे आकर पेल्विस और आसपास के हिस्सों पर दबाव डालना हो सकता है।
5. पानी की थैली फटना
NHS के अनुसार, लेबर के दौरान पानी की थैली फटती है, लेकिन यह लेबर पेन शुरू होने से पहले भी हो सकती है। शिशु गर्भाशय में एक थैली (एमनियोटिक सैक) में विकसित होता है। जब लेबर शुरू होने लगता है, तो यह थैली फट जाती है और एमनियोटिक फ्लूड योनि के रास्ते बाहर निकल जाता है। इसे आम भाषा में थैली फटना कहते हैं। अगर थैली प्राकृतिक तरीके से नहीं फटती, तो डॉक्टर इस थैली को खुद ही पंचर करके पानी निकाल देते हैं। एमनियोटिक साफ और हल्के रंग का होता है। हालांकि, कई बार इसे और पेशाब में अंतर करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन इसमें खून के धब्बे हो सकते हैं।
डॉक्टर की सलाह
Dr. Chetna Jain सलाह देती हैं कि वास्तविक लेबर पेन को समझना जरूरी है और इसके लिए सबसे जरूरी है कि संकुचन के पैटर्न को समझे। अगर संकुचन बार-बार हो रहा है और दर्द बढ़ रहा है, तो यह लेबर पेन हो सकता है। हालांकि, कई बार पहली प्रेग्नेंसी में महिलाओं को यह समझ नहीं आता। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
निष्कर्ष
Dr. Chetna Jain बताती हैं कि अगर पानी की थैली फट जाए, योनि से ज्यादा ब्लीडिंग हो, बच्चे की सामान्य हलचल कम महसूस हो या बहुत तेज या लगातार दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। अगर 37 हफ्ते से पहले लेबर के ये संकेत दिखे, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि डिलीवरी का अनुभव हर महिला में अलग हो सकता है। किसी को कई घंटे पहले संकेत मिल सकते हैं, तो किसी में बदलाव बहुत कम महसूस होते हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह ही मानें।
All Image Credit: Magnific
FAQ
वाटर ब्रेकिंग होने के बाद बिना दर्द शुरू हुए भी अस्पताल जाना क्यों जरूरी है?
पानी की थैली फटने के बाद शिशु को इंफेक्शन का रिस्क काफी बढ़ जाता है। भले ही आपको लेबर पेन महसूस न हो रहा हो, पानी की थैली फटने के बाद तुरंत अस्पताल जाना चाहिए, ताकि शिशु की हार्ट रेट और अन्य जरूरी चेकअप किए जा सके।लेबर पेन के दौरान गर्भाशय का मुंह कितना खुलना जरूरी होता है?
नॉर्मल डिलीवरी के लिए सर्विक्स का 10 सेंटीमीटर तक खुलना जरूरी होता है। शुरुआती स्टेज में यह धीरे-धीरे 0 से 4 सेमी तक खुलता है, जिसके बाद दर्द और संकुचन काफी तेज हो सकता है।अगर लेबर पेन के दौरान खून का बहाव तेज हो जाए, तो क्या करें?
हल्का पिंक या ब्राउन डिस्चार्ज या कुछ बूंदें खून होना सामान्य है, लेकिन अगर ब्लीडिंग पीरियड्स की तरह तेज और गहरे लाल रंग की हो, तो यह प्लेसेंटा के गर्भाशय से अलग होने का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत हो सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 17, 2026 16:32 IST
Modified By : Aneesh Rawat Sep 17, 2026 16:32 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Chetna Jain