Fri Oct 16, 2026 | 05:38 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

कम उम्र में ही सफेद होने लगे हैं बाल? आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके पीछे की असली वजह

कम उम्र में सफेद बालों की समस्या आजकल आम हो गई है, जिसे आयुर्वेद में पालित्य रोग कहते हैं। इसका मुख्य कारण पित्त दोष का असंतुलन है, जिसके लिए संतुलित आहार और जीवनशैली अपनाना महत्वपूर्ण है।
कम उम्र में ही सफेद होने लगे हैं बाल? आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके पीछे की असली वजहकम उम्र में ही सफेद होने लगे हैं बाल? आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके पीछे की असली वजह

वर्तमान में कम उम्र में ही कई लोग सफेद बालों की समस्या के कारण परेशान रहने लगे हैं। पहले जहां सफेद बालों की समस्या बढ़ती उम्र को दिखाती थी, वहीं अब युवाओं और बच्चों में भी उम्र से पहले सफेद बालों की समस्या देखने को मिलती है। कम उम्र में सफेद बालों की समस्या अक्सर जेनेटिक, पोषक तत्वों की कमी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण होती है। हालांकि, आयुर्वेद में समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या को पालित्य रोग के रूप में जाना जाता है। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, यह समस्या मुख्य रूप से पित्त दोष से जुड़ी मानी जाती है।

कम उम्र में बाल सफेद होने के पीछे के आयुर्वेदिक कारण

डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद में बालों से जुड़ी समस्याओं को अलग-अलग बीमारी के रूप में समझाया गया है। बालों का झड़ना या गंजापन खालित्य से जुड़ा माना जाता है, जबकि समय से पहले बालों का सफेद होना पालित्य कहलाता है।

आयुर्वेद के अनुसार, पालित्य रोग में पित्त दोष की अहम भूमिका मानी जाती है। पित्त शरीर में उष्णता (गर्मी) और बदलावों से जुड़े कामों का प्रतिनिधित्व करता है। जब पित्त असंतुलित होता है, तो इसका असर शरीर के अलग-अलग टिश्यू पर पड़ने लगता है। इसी आधार पर आयुर्वेद में समय से पहले बालों का सफेद होना पित्त दोष से जोड़कर देखा जाता है।

साल 2025 में International Journal of Ayurveda and Pharma Research में प्रकाशित एक स्टडी में बताया गया है कि आयुर्वेद के अनुसार बालों को उनका प्राकृतिक रंग प्रदान करने के लिए भ्राजक पित्त जिम्मेदार होता है। शरीर में पित्त दोष का असंतुलन या संचय इस तंत्र को बिगाड़ देता है, जिससे बाल अपना स्वाभाविक रंग खो देते हैं।

डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि पालित्य की समस्या में पित्त को संतुलित रखने वाले आहार पर ध्यान देना जरूरी है। इसमें संतुलित भोजन, अच्छी नींद और हेल्दी रूटीन अपनाना जरूरी होता है।

इसे भी पढ़ें: बच्चों में सफेद बाल सिर्फ जेनेटिक नहीं, शरीर में इन 5 न्यूट्रिएंट्स की कमी भी हो सकती है वजह

hair-turning-grey-in-ayurvedahair-turning-grey-in-ayurveda

क्या खराब लाइफस्टाइल और तनाव सफेद बालों के लिए जिम्मेदार हैं?

डॉ. श्रेय शर्मा के मुताबिक, कम उम्र में बाल सफेद होने के पीछे लाइफस्टाइल और खान-पान से जुड़े कारण हो सकते हैं, लेकिन हर व्यक्ति में इसका कारण एक जैसा नहीं होता है।

  • जंक फूड और तला-भुना भोजन- रोजाना ज्यादा तला-भुना और पोषक तत्वों की कमी वाला भोजन करने से शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स नहीं मिल पाते हैं। आयुर्वेद में ऐसे खानपान को पित्त बढ़ाने वाले आहार से जोड़ा जा सकता है।
  • पोषण की कमी- शरीर में विटामिन बी12, आयरन और कुछ अन्य पोषक तत्वों की कमी बालों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में समय से पहले बाल सफेद होने का कनेक्शन भी पोषण की कमी से पाया गया है।
  • तनाव और नींद की कमी- लंबे समय तक मानसिक तनाव और नींद पूरी न होने से संपूर्ण स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए, तनाव भी समय से पहले बाल सफेद होने का एक बड़ा कारण हो सकता है।

सफेद बालों की समस्या को रोकने के लिए आयुर्वेदिक डाइट

डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि कम उम्र में बाल सफेद हो रहे हैं तो सबसे पहले अपने खान-पान को संतुलित करना बहुत जरूरी है। आयुर्वेद में पित्त को संतुलित रखने वाले आहार खाने पर जोर दिया जाता है, जिनमें शामिल हैं-

  • आंवला- आयुर्वेद में आंवले को पित्तवर्धक माना जाता है। इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं।
  • हरी पत्तेदार सब्जियां- पालक और अन्य हरी सब्जियां फोलेट, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं।
  • दालें और साबुत अनाज- ये प्रोटीन, फाइबर और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।
  • ड्राई फ्रूट्स और सीड्स- बादाम, अखरोट और अलग-अलग तरह के सीड्स संतुलित आहार का अहम हिस्सा हो सकते हैं।
  • फल और ताजी सब्जियां- अलग-अलग रंगों के फल और सब्जियां खाने से शरीर को कई तरह के विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं, जो बालों की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: सफेद बालों को रोकने के लिए कौन से विटामिन जरूरी है? एक्सपर्ट से जानें

निष्कर्ष
डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि कम उम्र में बाल सफेद होने की समस्या को आयुर्वेद में पालित्य रोग के रूप में जाना जाता है और इसे पित्त दोष से जुड़ा हुआ माना जाता है। आयुर्वेद में संतुलित आहार, नियमित रूटीन और पित्त को संतुलित रखने वाली आदतों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में आप अपने शरीर में पित्त दोष को संतुलित रखने के लिए आंवला, फल, सब्जियां, पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और मिनरल्स को शामिल कर सकते हैं। अगर बाल सफेद होने की समस्या लगातार बनी हुई है तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • समय से पहले बाल सफेद होने का क्या इलाज है?

    समय से पहले बाल सफेद होने से रोकने के लिए आंवला, करी पत्ता और विटामिन व मिनरल्स से भरपूर फूड्स का सेवन करना फायदेमंद होता है। इसके अलावा, तनाव से बचें और स्मोकिंग या शराब से दूरी बनाएं।
  • कितने साल की उम्र में बाल सफेद होते हैं?

    आमतौर पर 30 से 40 साल की उम्र के बीच शरीर में मेलेनिन का प्रोडक्शन कम होने के कारण बाल नेचुरल तरीके से सफेद होने लगते हैं। हालांकि, जेनेटिक्स, तनाव और खराब लाइफस्टाइल के कारण यह समस्या कम उम्र में भी हो सकती है।

Read Next

→ क्या घास पर चलने से आंखों की रोशनी बढ़ती है? आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 16, 2026 16:42 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma