Wed Oct 14, 2026 | 04:01 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

क्या रोज आंवला खाने से सफेद बाल फ‍िर से काले हो सकते हैं? आयुर्वेदाचार्य से जानें सच

आयुर्वेद में सफेद बालों की समस्‍या को पालित्य कहते हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में आंवले को बालों की देखभाल के लिए उपयोगी माना गया है। जानें इससे सफेद बाल दोबारा काले होते हैं या नहीं?
क्या रोज आंवला खाने से सफेद बाल फ‍िर से काले हो सकते हैं? आयुर्वेदाचार्य से जानें सचक्या रोज आंवला खाने से सफेद बाल फ‍िर से काले हो सकते हैं? आयुर्वेदाचार्य से जानें सच

अक्‍सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है क‍ि क्‍या सफेद बालों को आंवला की मदद से दोबारा काला क‍िया जा सकता है? इसका जवाब है हां, कुछ हद तक ऐसा करना संभव है। आयुर्वेद‍िक एक्‍सपर्ट मानते हैं क‍ि आंवला में व‍िटाम‍िन सी होता है, इसमें पंच रस होते हैं जो सफेद बालों को काला करने में मदद कर सकते हैं। हालांक‍ि, सफेद बालों के ल‍िए आंवला एकमात्र उपाय नहीं है। सफेद बालों को काला करने के ल‍िए केवल इसे लेना काफी नहीं है। सफेद बालों की समस्‍या को दवा, सप्‍लीमेंट्स और हेल्‍दी डाइट की मदद से कुछ हद तक ठीक क‍िया जा सकता है। आइए जानते हैं क‍ि आंवला, सफेद बालों की समस्‍या से कैसे छुटकारा द‍िलाने में मदद कर सकता है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

आंवला में मौजूद व‍िटाम‍िन C है बालों के ल‍िए फायदेमंद

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आंवला में व‍िटाम‍िन C होता है। व‍िटाम‍िन सी आयरन के एब्‍जॉर्ब होने की प्रक्र‍िया में अहम भूम‍िका न‍िभाता है। अगर शरीर में आयरन की कमी होगी, तो समय से पहले ही सफेद बालों की समस्‍या हो सकती है।

साल 2018 में International Journal Of Trichology में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, समय से पहले बाल सफेद होने वाले लोगों के ब्‍लड में आयरन, कॉपर और कैल्शियम का स्तर स्वस्थ लोगों की तुलना में कम पाया गया। अध्‍ययन में बाल सफेद होने की गंभीरता और ब्‍लड में आयरन के स्तर के बीच विपरीत संबंध पाया गया। यानी आयरन का स्तर जितना कम था, बाल सफेद होने की गंभीरता उतनी अधिक होने की प्रवृत्ति देखी गई।

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आंवला पंच रस युक्त है

आयुर्वेद में आंवले को पंचरस युक्त फल माना गया है। इसका मतलब है कि इसमें लवण यानी नमक को छोड़कर पांच रस पाए जाते हैं जैसे- मधुर (मीठा), अम्ल (खट्टा), कटु (तीखा), तिक्त (कड़वा) और कषाय (कसैला)। आंवले का स्वाद मुख्य रूप से खट्टा और कसैला होता है। आयुर्वेद में आंवले को शरीर के स्वास्थ्य और बालों की देखभाल के लिए उपयोगी माना जाता है।

साल 2015 में Pharmacognosy Research नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक अध्ययन के मुताब‍िक, शोधकर्ताओं ने आंवले के अलावा गुड़हल, जटामांसी, कुठ, कत्था, कॉफी, मेहंदी का इस्तेमाल करके हर्बल हेयर कलर फॉर्मूलेशन तैयार किए। अध्ययन में आंवले का इस्तेमाल कई दूसरी जड़ी-बूटियों के साथ तैयार किए गए हेयर कलर में सफेद बालों को रंगने में बेहतर पर‍िणाम म‍िले।

आंवला खाने से पोषक तत्‍वों की कमी दूर होती है

बालों का समय से पहले सफेद होना कुछ पोषक तत्वों की कमी से जुड़ा हो सकता है। इनमें विटामिन B12, फोलेट, आयरन और कुछ खनिजों की कमी शामिल है। हालांकि, हर व्यक्ति के बाल सफेद होने की वजह पोषण की कमी नहीं होती। आनुवंशिक कारण भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।

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आंवला सफेद बालों का एकमात्र इलाज नहीं है

अगर बाल पोषक तत्वों की कमी या किसी ऐसी समस्या के कारण सफेद हो रहे हैं, जिसका इलाज संभव है, तो उस कारण को ठीक करने के ल‍िए आंवला का सेवन उपयोगी हो सकता है। आंवला संतुलित आहार का हिस्सा बनकर सामान्य पोषण में योगदान दे सकता है, लेकिन यह दावा करना कि रोज आंवला खाने से बाल काले होने लगेंगे या सफेद होने की प्रक्रिया रुक जाएगी, अभी वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। आंवले को ताजा फल, बिना अतिरिक्त चीनी के आंवला पेस्ट या दूसरे सामान्य खाद्य पदार्थों के रूप में खाया जा सकता है।

भृंगराज का चूर्ण ले सकते हैं

बालों की ग्रोथ और सफेद बालों की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए भृंगराज चूर्ण का सेवन कर सकते हैं। भृंगराज चूर्ण में एंटीऑक्‍सीडेंट और रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो बालों की सेहत में सुधार करने में मदद कर सकते हैं।

प्रोटीन युक्त आहार जैसे पनीर, सोया और अंडे का सेवन करें

बाल मुख्य रूप से केराटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं। इसलिए पर्याप्त प्रोटीन लेना बालों की सामान्य ग्रोथ और मजबूती के लिए जरूरी है। प्रोटीन की गंभीर कमी से बालों की सेहत प्रभावित हो सकती है।

प्रोटीन के अच्छे स्रोत

  • पनीर और दूध
  • सोयाबीन और टोफू
  • अंडे
  • दालें और चना
  • राजमा और अन्य फलियां

कैल्शियम सप्लीमेंट भी ले सकते हैं

बालों की कमजोरी या हेयर फॉल से जूझ रहे हैं, तो डॉक्‍टर की सलाह से कैल्‍श‍ियम सप्‍लीमेंट भी ले सकते हैं। सफेद बाल या हेयर फॉल का संबंध कैल्‍श‍ियम के साथ पाया गया है।

न‍िष्‍कर्ष:

आयुर्वेद में सफेद बालों की समस्‍या को पाल‍ित्‍य कहा जाता है। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में आंवले को बालों की देखभाल के लिए उपयोगी माना गया है। हालांक‍ि, इससे सफेद बाल पूरी तरह से काले नहीं होते, लेक‍िन बालों की ग्रोथ और कुछ हद तक सफेद बालों की समस्‍या को कंट्रोल करने के ल‍िए आंवला को हेल्‍दी डाइट का ह‍िस्‍सा बनाना फायदेमंद हो सकता है। आंवला में व‍िटाम‍िन सी होता है जो आयरन के एब्‍जॉर्ब होने की क्षमता को बेहतर बनाता है। आयरन की कमी से भी बाल सफेद हो सकते हैं। आंवला में पंच रस मौजूद होते हैं, यह शरीर में कई पोषक तत्‍वों की कमी दूर करता है ज‍िसमें से कुछ की कमी से सफेद बालों की समस्‍या हो सकती है जैसे व‍िटाम‍िन बी12 या फाेलेट की कमी। आंवला के अलावा, सफेद बालों की समस्‍या को कंट्रोल करने और हेयर ग्रोथ के ल‍िए डाइट में प्रोटीन स्रोत जैसे दूध, अंडे, दाल वगैरह को शाम‍िल करना जरूरी है। साथ ही, डॉक्‍टर की सलाह से कैल्‍श‍ियम सप्‍लीमेंट ले सकते हैं और आयुर्वेद में भृंगराज चूर्ण को भी बालों की सेहत के ल‍िए फायदेमंद माना जाता है।

image credit: magnific

FAQ

  • बाल सफेद क्‍यों होने लगते हैं?

    बालों का रंग मेलेनिन नामक पिगमेंट से बनता है। जब बालों के रोम में पिगमेंट बनाने वाली कोशिकाएं उतनी एक्‍ट‍िव नहीं होतीं, तो नए बाल सफेद निकल सकते हैं।
  • समय से पहले बाल सफेद क्‍यों होने लगते हैं?

    समय से पहले सफेद बालों के पीछे आनुवंशिक कारण, पोषक तत्‍वों की कमी, थायराइड, कुछ दवाओं का असर जैसे कारण ज‍िम्‍मेदार हो सकते हैं।

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    Oct 14, 2026 14:33 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma