आजकल सफेद बाल होना कोई हैरानी की बात नहीं रह गई है। कम उम्र में भी लोगों के बाल सफेद हो रहे हैं। भले ही समस्या सामान्य नजर आती है, लेकिन युवावस्था में किसी को भी सफेद बाल पसंद नहीं आते हैं। इससे लोगों का आत्मविश्वास भी डगमागाता है। ऐसे में यह जान लेना बहुत जरूरी है कि आखिर कम उम्र में बाल सफेद क्यों हो जाते हैं? आखिर इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं? विशेषज्ञों की मानें, तो इसके पीछे कोई एक कारण जिम्मेदार नहीं है। बढ़ता तनाव, ऑटोइम्यून कंडीशन इसके पीछे जिम्मेदार हो सकते हैं। आइए, राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से इसके कारणों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
अचानक बाल सफेद होने के कारण- Causes Of Sudden Gray Hair
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अचानक बाल सफेद होने के पीछे कई तरह के कारण जिम्मेदार हैं। अगर समय पर रहते सही कारणों का पता चल जाए, तो बालों के सफेद होने की प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है। इसके निम्न कारण हैं-
1. बढ़ता मानसिक तनाव
आधुनिक जीवनशैली में बच्चे से लेकर युवा और वयस्क, हर कोई किसी न किसी बात को लेकर तनाव में है। तनाव न सिर्फ हमारे स्वास्थ्य को खराब करता है, बल्कि कम उम्र में अचानक बालों को सफेद करने के लिए भी जिम्मेदार है।
American Academy of Dermatology Association के अनुसार, बढ़ते तनाव के कारण हेयर फॉल बढ़ जाता है और बाल कम उम्र में सफ़ेद भी होने लगते हैं। असल में, तनाव की वजह से शरीर में कोर्टिसोल नाम के स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में बालों की ग्रोथ में भी कमी आती है और बालों के सफेद होने की प्रक्रिया भी तेज हो जाती है।
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2. ऑटोइम्यून कंडीशन
कई ऐसी ऑटोइम्यून कंडीशन हैं, जिसमें बालों के सफेद होने की प्रक्रिया काफी तेज हो जाती है। डॉ. करुणा मल्होत्रा की मानें, तो एलोपेसिया एरीटा जैसी ऑटोइम्यून बीमारियों में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता खुद गलती से स्वस्थ हेयर फॉलिकल्स पर अटैक करती है। इससे बालों को काला करने वाले मेलानिन पर असर पड़ता है, जिससे बालों का रंग भी सफेद होने लगता है और बालों की ग्रोथ भी धीमी हो जाती है।
3. विटामिन और पोषक तत्वों की कमी
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शरीर में किसी भी तरह की पोषक तत्वों की कमी होना सही नहीं है। हर विटामिन और मिनरल हमारे शरीर को स्वस्थ और ऑर्गन को सही तरह से फंक्शन करने में मदद करता है। अगर शरीर में विटामिन बी12, आयरन और तांबे जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, तो बालों के पिग्मेंट सेल्स ठीक तरह से काम करना बंद कर देते हैं। PubMed Central के अनुसार, पोषक तत्वों की कमी का बालों के कम उम्र में अचानक सफेद होने से गहरा संबंध है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
डॉ. करुणा मल्होत्रा समझाती हैं, "विटामिन बी12 और आयरन रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में मदद करते हैं, जो बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन और पोषण पहुंचाने का काम करते हैं। जैसे ही शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, तो सेल्स में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है। ऐसे इससे मेलानिनक बनने की प्रक्रिया बाधित होती है और बाल जड़ से सफेद होने लगते हैं।"
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4. थायराइड की समस्या
यह बात आप जानते ही होंगे कि थायराइड एक ऐसा हार्मोन है, जो हमारे शरीर के सभी ऑर्गन को सही तरह से काम करने में मदद करता है। अगर किसी वजह से भी थायराइड ग्लैंड कम या अधिक सक्रिय हो जाता है, तो हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे बालों में मेलानिन की मात्रा घटने लगती है।
डॉ. करुणा मल्होत्रा बताती हैं, "थायराइड हार्मोन सीधे बालों के फॉलिकल्स पर बने रिसेप्टर्स को प्रभावित करते हैं। जब इन हार्मोन्स का स्तर असंतुलित होता है, तो बालों की जड़ों में पिग्मेंट बनाने वाली सेल्स की ग्रोथ धीमी हो जाती है। साथ ही मेलानिन का प्रोडक्शन भी कम हो जाता है। नतीजतन, बाल कम उम्र में ही पतले और सफेद होने लगते हैं।"
5. आनुवंशिकी कारक
अगर नजदीकी परिवार में किसी के बाल कम उम्र में सफेद हो गए थे, तो भावी पीढ़ी को भी यह समस्या हो सकती है। दरअसल, आनुवांशिकी होने के कारण शरीर कम उम्र में ही बालों के पिग्मेंट का निर्माण कब बंद करेगा। विशेषज्ञ बताते हैं कि IRF4 नामक जीन बालों के ग्रे होने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाता है। इसमें गड़बड़ी होने वालों के सफेद होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।
कम उम्र में बालों को सफेद होने से कैसे रोकें?
बालों के सफेद होने की प्रक्रिया पूरी तरह प्राकृतिक है। इसे रोका नहीं जा सकता है। हालांकि, अपनी जीवनशैली में कुछ जरूरी बदलाव करके इस प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं, जैसे-
- अपनी डाइट में विटामिन बी12, डी, आयरन और कॉपर को जरूर शामिल करें। इससे बाल हेल्दी होते हैं और अचानक बाल सफेद नहीं होते हैं।
- तनाव को मैनेज करने की कोशिश करें। बढ़ते तनाव के कारण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है, जिससे बालों के सफेद होने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। तनाव कम करने के लिए योग, वाॅक आदि करें।
- शराब और स्मोकिंग से पूरी तरह दूर रहें। इस तरह के नशीले पदार्थों का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
- बालों की अच्छी तरह केयर करें। सप्ताह में एक-दो बार हेयर ऑयलिंग करें, सिर की मसाज करें और जड़ों को नॉरिश करें।
- सिर पर हार्श केमिकल का इस्तेमाल करने से बचें। ऐसा कोई प्रोडक्ट यूज न करें, जिससे आपके बाल कमजोर हो सकते हैं।
- सिर पर हीट टूल्स जैसे स्ट्रेटनर या ड्रायर का इस्तेमाल सीमित करें। अगर संभव हो, तो न करें। विशेषकर, जिन लोगों के बाल पहले से ही कमजोर हैं, वे किसी तरह के हेयर ट्रीटमेंट से भी दूर रहें।
निष्कर्ष
अगर आपके भी बाल अचानक सफेद होने लग जाए, तो अपनी कंडीशन को इग्नोर न करें। कई बार कम उम्र में ही बालों का सफेद होना किसी अन्य समसया का संकेत हो सकती है। हालांकि, कम उम्र में बाल सफेद न हो, इसके लिए सही जीवनशैली अपनाकर इस प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है। जैसे नियमित रूप से हेल्दी डाइट फॉलो करें, रेगुलर एक्सरसाइज करें और नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूर रहें।
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FAQ
क्या आंवला और करी पत्ता की मदद से सफेद बालों को काला किया जा सकता है?
आंवले में विटामिन C और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है और करी पत्ते में बी-कॉम्प्लेक्स और मेलानिन री-पिगमेंटेशन के गुण होते हैं। इनका नियमित सेवन या तेल में मिलाकर बालों में लगाने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और पिगमेंटेशन बेहतर होता है।क्या एक बार सफेद हो चुके बाल वापस प्राकृतिक रूप से काले हो सकते हैं?
आमतौर पर ऐसा होना सम्भव नहीं होता है। विशेषकर, अगर जेनेटिक्स (आनुवंशिकी) या बढ़ती उम्र के कारण सफेद हुए हैं, तो उन्हें वापस काला नहीं किया जा सकता है।
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Aug 07, 2026 12:03 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra