अक्सर ड्राईनेस की वजह से त्वचा पपड़ीदार हो जाती है। सामान्यतः हम इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं, क्योंकि माॅइश्चराइजर लगाते ही समस्या अपने आप ठीक हो जाती है। मगर क्या आप जानते हैं कि अगर कानों के पीछे, भौंहों में और नाक के किनारों पर पपड़ी जम रही है, तो यह सिर्फ ड्राईनेस नहीं है? यह किसी अन्य स्किन कंडीशन की ओर इशारा करता है।
इस बारे में राजौरी गार्डन स्थित Advanced Skin Clinic की Founder, Aesthetic Physician, Cosmetologist And Skin Specialist डॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "कानों के पीछे, भौंहों में और नाक के किनारों पर पपड़ी जमना सेबोरिक डर्माटाइटिस के लक्षण हैं। यह एक तरह की स्किन कंडीशन है, जिसमें त्वचा में सूजन आ जाती है। यह समस्या होने पर प्रभावित हिस्से में त्वचा का रंग बदल जाता है। इसके अलावा, कई अन्य समस्याएं जैसे एक्जिमा, सोरायसिस में भी ये ठीक इसी तरह की त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है।"
त्वचा पर पपड़ी जमने के कारण
Which Skin Condition Causes Flaky Skin
1. सेबोरिक डर्मेटाइटिस
जैसा कि पहले ही जिक्र किया गया है कि सेबोरिक डर्मेटाइटिस स्किन कंडीशन है, जिसमें त्वचा में सूजन आ जाती है। Cleveland Clinic के अनुसार सेबोरिक डर्मेटाइटिस होने का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है। हालांकि, माना जाता है कि जिन लोगों की त्वचा का ऑयल ग्लैंड्स अधिक सक्रिय हैं, उन्हें यह समस्या अधिक होती है। इसके अलावा, आनुवंशिक प्रभाव, स्किन बैरियर को क्षति होना भी सेबोरिक डर्मेटाइटिस का कारण हो सकते हैं।सेबोरिक डर्मेटाइटिस के लक्षण मुख्य रूप से कान के पीछे, आईब्रो, माथा, चेहरा, स्कैल्प आदि हिस्सों में नजर आते हैं।
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2. एक्जिमा
सेबोरिक डर्मेटाइटिस की ही तरह, एक्जिमा होने पर भी त्वचा पर पपड़ी जमने लगती है। National Eczema Association के अनुसार, एक्जिमा होने पर मरीज को खुजली, ड्राईनेस जैसी समस्या का भी सामना करना पड़ता है। आमतौर पर एक्जिमा आईलिड, चेहरा और कान के हिस्से को अधिक प्रभावित करती है। विशेषज्ञ समझाते हैं कि एक्जिमा त्वचा की प्राकृतिक लेयर को कमजोर कर देती है, जिससे त्वचा में नमी को बनाए रखना मुश्किल हो जाता है।
3. सोरायसिस
The National Psoriasis Foundation के अनुसार, सोरायसिस एक ऐसी ऑटोइम्यून कंडीशन है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से स्वस्थ स्किन सेल्स पर ही हमला करने लगता है। ऐसे में त्वचा की कोशिकाएं बहुत तेजी से बनने लगती हैं। इसकी वजह से सिर की त्वचा, भौंहों और कानों के आसपास, मोटी और चांदी जैसी सफेद पपड़ी जमने लगती है। यही नहीं, सोरायसिस होने पर त्वचा पर लाल या गहरे रंग के धब्बे भी नजर आने लगते हैं, जिनमें तेज खुजली और जलन भी महसूस होती है।
4. कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस
यह त्वचा की एक ऐसी स्थिति है, जो फेस वॉश, शैंपू, हेयर डाई या कॉस्मेटिक्स जैसे उत्पादों के सीधे संपर्क में आने पर होने वाले एलर्जिक रिएक्शन या जलन (इरिटेशन) के कारण होती है। National Center for Biotechnology Information (NCBI) Bookshelf पर प्रकाशित StatPearls के एक रिव्यू आर्टिकल के अनुसार, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस त्वचा की एक सूजन भरी बीमारी है, जो कि स्किन प्रोडक्ट्स में मौजूद केमिकल्स के संपर्क में आने से होती है। ध्यान रखें कि कई केमिकल्स स्किन को सूट नहीं करते हैं। ऐसे में ये तेज केमिकल्स भौंहों या कानों के आसपास की त्वचा को प्रभावित करने लगते हैं, जिससे प्रभावित हिस्से में रेडनेस, खुजली, सूखापन और रैशेज जैसी समस्याएं हो जाती हैं।
5. त्वचा का ड्राई होना
जिस तरह सेबोरिक डर्मेटाइटिस जैसी परेशानियों में स्किन ड्राई और पपड़ीदार हो जाती है। इसी तरह, सामान्य स्किन ड्राईनेस में भी यह समस्या होती है। हालांकि, इसमें सेबोरिक डर्मेटाइटिस की तरह तेलीय या चिपचिपी पपड़ी और अंदरूनी लालिमा नहीं होती है और यह अक्सर एक सामान्य माॅइश्चराइजर के इस्तेमाल से ठीक होने लगती है।
स्किनकेयर रूटीनः पपड़ीदार त्वचा से कैसे निपटें?
Skin Condition That Causes Flaky Skin
पपड़ीदार त्वचा से निपटना मुश्किल नहीं है। इसके लिए, डाॅक्टर द्वारा दिए गए स्किन केयर रूटीन अपनाएं-
- हमेशा जेंटल स्किन क्लिंजर से ही चेहरा धोएं।
- त्वचा पर एल्कोहल फ्री प्रोडक्ट ही यूज करें।
- अगर सेबोरिक डर्मेटाइटिस है, तो प्रभावित हिस्से को बिल्कुल न रगड़ें।
- नियमित रूप से स्किन को माॅइश्चराइज करें।
- त्वचा को खुजलाने से बचें।
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कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी हैः चेतावनी के संकेत
अगर कानों के पीछे, भौंहों में और नाक के किनारों पर पपड़ी जमने लगी है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यहां बताए गए संकेतों के दिखने पर तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं-
- अगर संक्रमण धीरे-धीरे फैलता जा रहा है।
- खुजली की तीव्रता बढ़ रही है।
- रोजमर्रा के कामकाज में बाधा आ रही है।
- अगर त्वचा से संबंधित समस्या का मूल कारण नहीं समझ आ रहा है।
- अगर दवा लेने के बावजूद समस्या से राहत नहीं मिल रही है।
निष्कर्ष
कानों के पीछे, भौंहों में और नाक के किनारों पर पपड़ी जमना कोई साधारण समस्या नहीं है। कई बार यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती है। इसलिए, अगर इस तरह की परेशानी लंबे समय से बनी हुई है, तो बेहतर है कि आप डाॅक्टर से मिलें और अपना प्राॅपर ट्रीटमेंट करवाएं।
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FAQ
क्या सेबोरिक डर्मेटाइटिस या फेशियल डैंड्रफ संक्रामक बीमारी है?
नहीं, सेबोरिक डर्मेटाइटिस या एक्जिमा संक्रामक नहीं है और यह छूने से दूसरों में नहीं फैलते।क्या सर्दियों के मौसम में कानों और भौंहों के पास पपड़ी जमने की समस्या बढ़ जाती है?
हां, ठंडी व ड्राई हवा और हीटर के इस्तेमाल से त्वचा की नमी छिन जाती है, जिससे सर्दियों में त्वचा में पपड़ी जमने लगती है।
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Current Version
Oct 27, 2026 12:33 IST
Modified By : Meera Tagore Oct 27, 2026 12:33 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra
