Wed Oct 7, 2026 | 04:42 PM IST

Medically Reviewed by Dr Anju Suryapani , Senior Consultant – Obstetrics, Gynaecology

Pregnancy Tips: प्रेग्नेंसी में हाथ-पैर की सूजन सामान्य है या खतरनाक? ऐसे पहचानें फर्क

प्रेग्नेंसी में हाथ-पैरों में सूजन सामान्य हो सकती है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकती है। सामान्य सूजन धीरे-धीरे बढ़ती है, जबकि अचानक या ज्यादा सूजन के साथ सिरदर्द और धुंधला दिखने जैसी समस्या हो सकती हैं। 
Pregnancy Tips: प्रेग्नेंसी में हाथ-पैर की सूजन सामान्य है या खतरनाक? ऐसे पहचानें फर्कPregnancy Tips: प्रेग्नेंसी में हाथ-पैर की सूजन सामान्य है या खतरनाक? ऐसे पहचानें फर्क

प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इनमें पैरों, एड़ी, हाथों और कभी-कभी उंगलियों में सूजन आना नॉर्मल बात है। खासकर, प्रेग्नेंसी के दूसरे और तीसरे ट्राइमेस्टर में सूजन नजर आने लगती है। बढ़ता हुआ गर्भाशय शरीर की नसों पर दबाव डाल सकता है, जिससे पैरों से ब्लड सर्कुलेशन वापस दिल की ओर कुछ कम हो जाता है और दिल की तरफ कम हो जाता है और शरीर के टिश्यू में ज्यादा लिक्विड जमा हो सकता है। आइए इस लेख में Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant- Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida से जानते हैं कि प्रेग्नेंसी में हाथ-पैर की सूजन कब गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है?

Dr. Anju Suryapani का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान हर तरह की सूजन को सामान्य नहीं मानना चाहिए। कुछ स्थितियों में अचानक या ज्यादा सूजन प्रेग्नेंसी में होने वाली समस्याओं का संकेत हो सकते हैं। इसलिए, यह समझना जरूरी है कि सामान्य सूजन कैसी होती है और किन परिस्थितियों में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।

प्रेग्नेंसी में सूजन क्यों होती है?

Dr. Anju Suryapani के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान महिला का शरीर बच्चे की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई शारीरिक बदलावों से गुजरता है। शरीर में लिक्विड की मात्रा बढ़ती है और गर्भाशय के बढ़ने के साथ आस-पास की नसों पर प्रेशर पड़ सकता है। इसका असर खासतौर पर पैरों और एड़ियों में नजर आता है।

लंबे समय तक खड़े रहने या लगातार बैठे रहने से भी सूजन बढ़ सकती है। पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना और ज्यादा नमक का सेवन भी कुछ लोगों में पानी रुकने की समस्या को बढ़ा सकता है।

इसे भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी में पैरों की सूजन से आजादी द‍िलाएंगे ये 5 उपाय, दर्द से भी म‍िलेगा छुटकारा

प्रेग्नेंसी में नॉर्मल सूजन की पहचान कैसे करें?

Dr. Anju Suryapani बताती हैं कि नॉर्मल प्रेग्नेंसी वाली सूजन धीरे-धीरे बढ़ती है और दिन के अंत में ज्यादा महसूस हो सकती है। पैरों, एड़ियों और उंगलियों में हल्की सूजन दिखाई देना नॉर्मल हो सकता है। कई बार रात में आराम करने और सुबह उठने के बाद यह सूजन कम हो सकती है। साथ ही, अगर सूजन दोनों पैरों में एक जैसा है और इसके साथ कोई अन्य गंभीर लक्षण नहीं है तो अक्सर यह प्रेग्नेंसी में होने वाले आम शारीरिक बदलावों से जुड़ी हो सकती है, जिसे लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं होती है।

प्रेग्नेंसी में सूजन कब खतरनाक होती है?

Dr. Anju Suryapani बताती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान अगर हाथ-पैरों में सूजन की समस्या अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाए, खासकर चेहरे, हाथों या पैरों में तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में अपने डॉक्टर से मदद लेना जरूरी है। खासकर अगर आपको सूजन के साथ यह लक्षण नजर आएं तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए-

  • तेज सिरदर्द
  • आंखों के सामने धुंधला दिखाई देना
  • सूजन के साथ चमकती रोशनी दिखना
  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होना
  • सांस लेने में तकलीफ
  • बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना
  • ब्लड प्रेशर ज्यादा होना

प्रेग्नेंसी में शरीर में सूजन के साथ ये लक्षण नजर आना प्री-एक्लेम्पसिया जैसी गर्भावस्था की गंभीर समस्या से जुड़े हो सकते हैं।

क्या कहती है स्टडी?

साल 2021 में Case Reports in Obstetrics and Gynecology जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, प्रेग्नेंसी में लगभग 70% महिलाओं के पैरों में सूजन होना एक सामान्य बात है, लेकिन अगर सूजी हुई स्किन से पानी या अंडे की सफेदी जैसा साफ तरल पदार्थ लगातार रिसने लगे, शरीर में अचानक बहुत ज्यादा सूजन आ जाए, सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 140 mmHg से ज्यादा हो जाए या प्री-एकलम्पसिया के लक्षण दिखें, तो यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

प्रेग्नेंसी में सूजन दूर करने के उपाय

Dr. Anju Suryapani के मुताबिक, अगर एक पैर में अचानक सूजन, दर्द, गर्माहट या रेडनेस दिखाई दे और दूसरे पैर की तुलना में वह काफी अलग लगे तो इसे सामान्य प्रेग्नेंसी वाली सूजन मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी यह ब्लड क्लॉट बनने जैसी समस्या का संकेत हो सकती है।

सूजन कम करने के लिए क्या करें?

Dr. Anju Suryapani के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान हाथ-पैरों में सूजन होने की समस्या से राहत पाने के लिए आप इन उपायों को अपना सकते हैं-

  1. पैरों को ऊंचाई पर रखें- बैठते समय पैरों को शरीर की कमर से थोड़ी ऊंची स्थिति में रखने की कोशिश करें। आराम करते समय पैरों के नीचे तकिया रख सकते हैं। इससे पैरों में जमे लिक्विड को कम करने में मदद मिल सकती है।
  2. लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रहें- अगर आपका काम लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने वाला है, तो बीच-बीच में स्थिति बदलते रहे और थोड़ी देर धीरे-धीरे चलें। लंबे समय तक एक ही जगह पर खड़े रहने से पैरों की सूजन को बढ़ सकती है।
  3. ज्यादा नमक खाने से बचें- बहुत ज्यादा नमकीन भोजन शरीर में पानी रोकने की समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए, भोजन में जरूरत से ज्यादा नमक डालने और ज्यादा नमकीन फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए।
  4. आराम और हल्की गतिविधियां करें- प्रेग्नेंसी के दौरान सूजन से बचने के लिए या कम करने के लिए डॉक्टर द्वारा बताई गई हल्की शारीरिक गतिविधि और थोड़ी-थोड़ी देर में चलना पैरों में ब्लड सर्कुलेशन के लिए फायदेमंद हो सकता है। अगर किसी महिला को प्रेग्नेंसी के कारण एक्सरसाइज न करने की सलाह दी गई है, तो इस बात को नजरअंदाज न करें।
  5. पर्याप्त पानी पिएं- सूजन होने पर पानी कम पानी सही उपाय नहीं होता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है और इससे शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

इसे भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी में नजरअंदाज न करें कलाई के पास की सूजन, डिलवरी के बाद बढ़ सकती है ये परेशानी

डॉक्टर से कब मिलना जरूरी है?

प्रेग्नेंसी में नियमित प्रीनेटल चेकअप के दौरान ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य संकेतों की निगरानी करना बहुत जरूरी होता है। अगर सूजन लगातार बढ़ रही है, अचानक शुरू हुई है या उसके साथ ऊपर बताए गए चेतावनी वाले लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें। ध्यान रहे, सिर्फ सूजन देखकर किसी बीमारी के बारे में पता नहीं लगाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर ब्लड प्रेशर, पेशाब और अन्य जांचों के जरिए पता लगा सकते हैं।

निष्कर्ष
प्रेग्नेंसी के दौरान पैरों और एड़ियों में धीरे-दीरे होने वाली हल्की सूजन अक्सर नॉर्मल होती है। हालांकि, आराम करने, पैरों को ऊंचा रखने, लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रहने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और ज्यादा नमक के सेवन से बचना सूजन की समस्या से बचने में मदद कर सकता है। लेकिन, अचानक या बहुत ज्यादा सूजन, चेहरे और हाथों में बढ़ती सूजन, तेज सिरदर्द, नजर में बदलाव, ऊपरी पेट में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • गर्भावस्था के किस महीने में पैर सूज जाते हैं?

    प्रेग्नेंसी के दौरान पैरों में सूजन आमतौर पर दूसरी तिमाही से शुरू हो सकती है और तीसरी तिमाही में सबसे ज्यादा बढ़ सकती है।
  • किस विटामिन की कमी से पैरों में सूजन आती है?

    पैरों में सूजन मुख्य रूप से विटामिन बी1 की कमी और शरीर में प्रोटीन की कमी के कारण आ सकती है। इसके अलावा, विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी भी मांसपेशियों या नसों को प्रभावित करके पैरों में दर्द और भारीपन का कारण बन सकती है।

Read Next

→ नॉर्मल डिलीवरी में लेबर पेन लंबा क्यों चल सकता है? डॉक्टर से समझें प्रसव में देरी के 5 कारण

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 07, 2026 15:00 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Anju Suryapani