Tue Sep 29, 2026 | 02:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetna Jain , Gynecologist

नॉर्मल डिलीवरी में लेबर पेन लंबा क्यों चल सकता है? डॉक्टर से समझें प्रसव में देरी के 5 कारण

नॉर्मल डिलीवरी के दौरान कई बार महिलाओं को देर तक दर्द होता रहता है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिसमें सर्विक्स का समय पर न खुलना और शिशु की पोजीशन सबसे आम कारण हो सकते हैं। इस लेख में डॉक्टर ने ऐसे 5 कारणों के बारे में विस्तार से बताया है।
नॉर्मल डिलीवरी में लेबर पेन लंबा क्यों चल सकता है? डॉक्टर से समझें प्रसव में देरी के 5 कारणनॉर्मल डिलीवरी में लेबर पेन लंबा क्यों चल सकता है? डॉक्टर से समझें प्रसव में देरी के 5 कारण

नॉर्मल डिलीवरी के समय हर महिला का लेबर पेन अलग हो सकता है। कई बार महिलाओं का प्रसव कुछ घंटों में ही पूरा हो जाता है, तो कुछ महिलाओं का बहुत ज्यादा समय लग जाता है। ऐसे में कई बार महिलाएं काफी परेशान भी हो जाती हैं। महिलाओं की प्रसव पीड़ा लंबी चलने की वजह के बारे में बताते हुए Dr. Chetna Jain, Director, Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon कहती हैं कि सिर्फ लेबर लंबा खिंचना ही नहीं देखा जाता, बल्कि संकुचन कितना तेजी से हो रहा है और सर्विक्स खुलने में कितना समय लग रहा है।

नॉर्मल डिलीवरी में लेबर पेन लंबा चलने के 5 मुख्य कारण

Cleveland Clinic के मुताबिक, पहली बार मां बनने वाली महिलाओं के लिए प्रसव पीड़ा 25 घंटे या इससे ज्यादा भी चल सकती है, वहीं जो महिलाएं कम से कम एक बच्चे को जन्म दे चुकी हैं, उनकी डिलीवरी में 20 घंटे से ज्यादा समय लग सकता है।
Dr. Chetna Jain कहती हैं, “डिलीवरी में देरी के कारण संकुचन कमजोर होना, बच्चे की पोजीशन सही न होना, शिशु का आकार ज्यादा होना हो सकते हैं।”

1. संकुचन कमजोर होना

Dr. Chetna Jain ने कहा, “लेबर पेन में देरी का कारण यूटरेस में होने वाले संकुचन बहुत अहम होते हैं, क्योंकि इन्हीं की मदद से सर्विक्स धीरे-धीरे खुलता है और शिशु बर्थ कनाल की तरफ नीचे आता है। अगर संकुचन मजबूत नहीं होता, तो सर्विक्स खुलने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है और डिलीवरी में ज्यादा समय लग सकता है। ऐसी कंडीशन में डॉक्टर मां और बच्चे की स्थिति को देखकर ही फैसला लेते हैं। कुछ मामलों में कभी-कभी आराम और हाइड्रेशन से मदद मिल सकती है, जबकि कुछ मामलों में डॉक्टर दवाएं भी दे सकते हैं।”

2. शिशु की पोजीशन ठीक न होना

Dr. Chetna Jain का कहना है, “वजाइनल या नॉर्मल डिलीवरी के लिए शिशु का सिर नीचे होना बहुत जरूरी होता है, लेकिन इसके साथ शिशु की सिर की पोजीशन और उसका बर्थ कनाल में आना भी लेबर पेन में देरी का कारण बन सकता है। अगर किसी शिशु पीछे की तरफ मुंह किए हुए है या उसका सिर ठीक तरह से नीचे की ओर नहीं आया है, तो उसे नीचे आने में ज्यादा समय लग सकता है। कई बार लेबर पेन के दौरान शिशु अपनी पोजीशन भी बदल सकता है।”

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3. सर्विक्स का पूरी तरह से न खुलना

Cleveland Clinic के मुताबिक, नॉर्मल डिलीवरी के दौरान महिलाओं का सर्विक्स फैलना बहुत जरूरी है और डिलीवरी के लिए यह पूरी तरह से 10 सेंटीमीटर खुलना चाहिए। कई बार संकुचन कमजोर या अनियमित होने के कारण यह 10 सेमी खुलने से पहले ही रुक जाता है।

4. शिशु का आकार या सिर बड़ा होना

Dr. Chetna Jain कहती हैं, “अगर शिशु का आकार या सिर बड़ा हो, तो मां के बर्थ कनाल में आना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, यह समझना बहुत जरूरी है कि प्रेग्नेंसी के दौरान अल्ट्रासाउंड से शिशु के वजन का अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन यह हमेशा सटीक नहीं होता। इसलिए सिर्फ वजन को देखकर नॉर्मल डिलीवरी के बारे में कहना मुश्किल होता है।”

5.बच्चे का नीचे न खिसकना

Cleveland Clinic के अनुसार, कई मामलों में सर्विक्स पूरा 10 सेमी खुल जाता है, लेकिन शिशु बर्थ कैनाल में नीचे की ओर खिसकना बंद कर देता है।

Dr. Chetna Jain ने कहा कि शिशु की पोजीशन, आकार और मां की पेल्विक की स्थिति मिलकर शिशु को नीचे की ओर खिसकना मुश्किल बना सकती है। ऐसी कंडीशन में डॉक्टर शिशु की स्थिति देखते हैं। इस वजह से भी लेबर धीमा हो सकता है।

लंबा लेबर पेन मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए कितना जोखिम भरा है?

Cleveland Clinic की इसी रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसव पीड़ा लंबी चलने की वजह से मां मेंटल और फिजिकल रूप से काफी थक जाती है। अगर दूसरे स्टेज में प्रसव पीड़ा लंबी खिंच जाती है, तो इससे कई तरह की गंभीर स्थितियां हो सकती हैं।

डॉक्टर की सलाह

Dr. Chetna Jain सलाह देती हैं कि लेबर धीमा चल रहा हो, तो इसका कतई मतलब नहीं होता कि तुरंत ही सर्जरी कर दी जाए। आमतौर पर डॉक्टर संकुचन, सर्विक्स में बदलाव और शिशु की हार्टबीट देखते हैं। कई बार लेबर को कुछ और समय दिया जाता है, तो कुछ में जल्दी सर्जरी करने की जरूरत पड़ सकती है। यह हर महिला की मेडिकल कंडीशन देखकर लिया जाता है।

निष्कर्ष
लेबर के दौरान अगर महिला की पानी की थैली फटने के बाद प्रोग्रेस न हो, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो, बहुत तेज दर्द हो या शिशु की मूवमेंट्स कम लगे, तो तुरंत मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए महिलाओं को अपनी डिलीवरी कराते समय डॉक्टर की ही सलाह लेनी चाहिए।

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FAQ

  • क्या डिहाइड्रेशन या एंग्जायटी से भी लेबर पेन धीमा पड़ सकता है?

    डिहाइड्रेशन से गर्भाशय की मांसपेशियां जल्दी थक जाती हैं। वहीं, ज्यादा डर या तनाव से शरीर में एड्रेनालाईन हार्मोन बढ़ता है, जो प्राकृतिक ऑक्सीटोसिन हार्मोन को ब्लॉक करके लेबर पेन की गति धीमी कर देता है।
  • लेबर पेन लंबा खिंचने पर मां और बच्चे को क्या खतरे हो सकते हैं?

    बच्चे में ऑक्सीजन की कमी, हार्ट बीट में उतार-चढ़ाव और मेकोनियम का खतरा रहता है। मां में बहुत ज्यादा शारीरिक थकान, गर्भाशय में इंफेक्शन और डिलीवरी के बाद ज्यादा ब्लीडिंग का रिस्क बढ़ सकता है। 

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Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 29, 2026 14:02 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetna Jain