Wed Oct 7, 2026 | 09:32 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

खर्राटे लेना कब सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है? डॉक्टर से जानें

खर्राटे लेना एक सामान्य समस्या है, लेकिन तेज और लगातार खर्राटे स्लीप एपनिया जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकते हैं। सांस रुकने, दिन में नींद और सुबह सिरदर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
खर्राटे लेना कब सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है? डॉक्टर से जानेंखर्राटे लेना कब सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है? डॉक्टर से जानें

रात को सोने के दौरान अक्सर आपकी नींद किसी के खर्राटों के कारण खराब हो जाती होगी या फिर आपकी नींद किसी और के खर्राटे लेने से टूट जाती होगी। खर्राटा लेना बहुत ही आम समस्या है। नींद के दौरान जब सांस का रास्ता सिकुड़ जाता है, तो हवा के गुजरने से गले के टिश्यू पर असर पड़ता है, जिससे सोने के दौरान सांस लेने पर आवाज आती है। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida के अनुसार, कभी-कभार आने वाले हल्के खर्राटे आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होते हैं, लेकिन अगर खर्राटे बहुत तेज और लगातार हों तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

खर्राटा क्यों आता है?

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि पीठ के बल सोने, वजन बढ़ने, शराब का सेवन, नाक बंद होना या सर्दी-जुकाम जैसी स्थितियों में खर्राटे बढ़ सकते हैं। कुछ लोगों में नाक या गले की बनावट के कारण भी खर्राटे आते हैं। अगर व्यक्ति अच्छी नींद लेने के बाद सुबह तरोताजा महसूस करता है और दिन में ज्यादा नींद नहीं आती है तो यह सामान्य हो सकता है। हालांकि, लंबे समय तक बने हुए और बहुत तेज खर्राटे खतरनाक हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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खर्राटे कब खतरनाक होते हैं?

Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि खर्राटे खतरनाक हैं या नहीं यह इस बात पर निर्भर करता है कि खर्राटों के साथ दूसरे लक्षण मौजूद हैं या नहीं। अगर सोते समय खर्राटों के बीच सांस रुकती हुई महसूस हो या फिर अचानक हांफने जैसी आवाज आए तो यह स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है। इसके अलावा इन लक्षणों पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है-

  • रात में बार-बार नींद खुलना
  • रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना
  • 7 से 8 घंटे सोने के बाद तरोताजा महसूस न करना
  • मुंह सूखना या गले में खराश होना
  • दिन में ज्यादा नींद या थकान रहना
  • सुबह उठने पर सिरदर्द होना
  • ध्यान लगाने में परेशानी या याददाश्त कमजोर होना
  • चिड़चिड़ापन या मूड में बदलाव होना

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क्या कहती है स्टडी?

American Medical Association के अनुसार, खर्राटे तब खतरनाक होते हैं, जब वे ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया का संकेत होते हैं, जिसमें सोते समय गले के ढीले टिश्यू सांस के रास्ते को पूरी तरह रोक देते हैं। अगर खर्राटों के साथ सुबह थकान महसूस हो, चिड़चिड़ापन, याददाश्त से जुड़ी परेशानी हो या सोते समय सांस रुकने जैसे लक्षण दिखाई दें तो यह परेशानी का कारण हो सकता है। लंबे समय तक इसका इलाज न कराने से हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

खर्राटों से राहत पाने का इलाज क्या है?

Dr. Akshay Chugh के मुताबिक, हर व्यक्ति के खर्राटों का इलाज एक जैसा नहीं होता है। खर्राटों के सही कारण के हिसाब से ही इसका इलाज किया जा सकता है, जैसे-

  • अगर आपका वजन ज्यादा है तो वजन कम करना फायदेमंद हो सकता है।
  • पीठ के बल सोने के कारण खर्राटे आ रहे हैं तो करवट लेकर सोने की आदत डालें।
  • शराब से बचना और नाक बंद रहने की समस्या का इलाज करने से भी खर्राटों से मदद मिल सकती है।
  • अगर स्लीप एपीनिय के कारण खर्राटे आ रहे हैं तो डॉक्टर CPAP मशीन इस्तेमाल करने की सलाह दे सकते हैं। यह मशीन नींद के दौरान लगातार हवा का प्रेशर देकर वायुमार्ग को खुला रखने में मदद करती है।
  • कुछ मामलों में डॉक्टर खास माउथ डिवाइस का इस्तेमाल करने की सलाह दे सकते हैं।

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डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर आपके खर्राटे इतने तेज हैं कि परिवार के अन्य सदस्य या आपके पार्टनर की नींद पर बुरा असर पड़ रहा है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। खासकर तब, जब खर्राटों के साथ सांस रुकने, हांफने, दिन में ज्यादा नींद या सुबह सिरदर्द जैसी समस्या भी हो तो इस समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

खर्राटे की समस्या होने पर डॉक्टर के पास जाने से वे आपकी मेडिकल हिस्ट्री, वजन, नाक और गले की स्थिति के साथ नींद से जुड़े लक्षणों का आकलन कर सकते हैं। इसलिए, बिना देर किए समस्या बढ़ने पर डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।


निष्कर्ष
खर्राटे अपने आप में हमेशा बीमारी नहीं होती है, लेकिन बहुत तेज और लगातार खर्राटे, सांस रुकना और दिन में ज्यादा नींद स्वास्थ्य के लिए चेतावनी के संकेत हो सकते हैं। अगर आप इन लक्षणों को महसूस करते हैं तो सही कारण जानने के लिए डॉक्टर या स्लीप स्पेशलिस्ट से कंसल्ट करना बेहतर हो सकता है। समय पर जांच और सही इलाज से न सिर्फ खर्राटों में सुधार हो सकता है, बल्कि नींद की क्वालिटी और स्वास्थ्य जोखिमों को भी बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • खर्राटों के लिए किस डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

    खर्राटों की समस्या के लिए सबसे पहले ENT यानी कान, नाक और गला के स्पेशलिस्ट को दिखाना चाहिए। इसके अलावा, स्थिति के अनुसार, आप स्लीप स्पेशलिस्ट, पल्मोनोलॉजिस्ट और जनरल फिजिशियन को भी दिखा सकते हैं।
  • सोते समय नाक बजने का क्या इलाज है?

    सोते समय नाक बजने का कारण वायुमार्ग का सिकुड़ना या नाक का बंद होना है। इस समस्या को ठीक करने के लिए करवट लेकर सोएं, सिर ऊंचा रखकर सोएं और वजन कंट्रोल में रखें। 

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 07, 2026 20:43 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh