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साइलेंट इंफ्लेमेशन क्या है, क्यों खतरनाक माना जाता है और इससे कैसे बचें? बता रहे हैं डॉक्टर

साइलेंट इंफ्लेमेशन शरीर में धीरे-धीरे बढ़ने वाली ऐसी बीमारी है जिसके शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते हैं, पर यह अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचाती है। इससे बचाव के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव को मैनेज करना जरूरी है। 

आजकल की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी के कारण ज्यादातर लोग किसी न किसी बीमारी से परेशान रहते हैं। कुछ बीमारियों का पता तुरंत चल जाता है। वहीं, कुछ बीमारियां ऐसी भी हैं, जिनके बारे में बहुत देर से पता चलता है, क्योंकि इनके शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते हैं। इन्हीं बीमारियों में शामिल है साइलेंट इंफ्लेमेशन, जो शरीर के अंदर धीरे-धीरे बढ़ने वाली ऐसी बीमारी है, जो बिना किसी बाहरी लक्षण या दर्द के धीरे-धीरे पनपती है। ऐसे में आइए Dr. Sumit Jain, Director, Internal Medicine, Paras Health Panchkula से जानते हैं कि साइलेंट इंफ्लेमेशन क्या है और यह खतरनाक क्यों माना जाता है?

साइलेंट इंफ्लेमेशन क्या है?

डॉ. सुमित जैन ने बताया कि साइलेंट इंफ्लेमेशन या मूक सूजन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर के अंदर लंबे समय तक हल्की लेकिन लगातार सूजन बनी रहती है, जबकि इसके साफ लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। यही कारण है कि इसे 'साइलेंट किलर' के रूप में भी जाना जाता है। समय के साथ यह सूजन ब्लड वेसल्स, दिल, लिवर और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। आधुनिक जीवनशैली इस समस्या के प्रमुख कारणों में से एक है। ज्यादा प्रोसेस्ड फूड का सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव, स्मोकिंग, नींद की कमी और बढ़ता वजन शरीर में सूजन को बढ़ावा दे सकते हैं।

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साइलेंट इंफ्लेमेशन को खतरनाक क्यों माना जाता है?

डॉ. सुमित जैन के अनुसार, साइलेंट इंफ्लेमेशन इसलिए खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसके कोई बाहरी लक्षण नजर नहीं आते हैं, लेकिन यह अंदर ही अंदर शरीर के अंगों और धमनियों को नुकसान पहुंचाता रहता है। लंबे समय तक साइलेंट इंफ्लेमेशन का रहना दिल, डायबिटीज, स्ट्रोक और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकता है।। साल 2023 में StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार, क्रोनिक सूजन चुपचाप बढ़ती है, लेकिन लंबे समय में यह दिल की बीमारी, कैंसर, डायबिटीज, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, एलर्जिक अस्थमा, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, अल्जाइमर डिजीज, क्रोनिक किडनी डिजीज और इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज का कारण बन सकती है।

साइलेंट इंफ्लेमेशन से बचाव के लिए क्या करना चाहिए?

डॉ. सुमित जैन का कहना है कि साइलेंट इंफ्लेमेशन से बचाव के लिए आप इन बातों का ध्यान रखें-

  • अपनी डाइट में संतुलित आहार शामिल करें
  • नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करते रहें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन न हो
  • तनाव को सही तरह से मैनेज करें
  • नियमित रूप से अपने शरीर की जांच करवाएं

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निष्कर्ष

साइलेंट इंफ्लेमेशन के बारे में शुरुआत में पता चलना मुश्किल हो सकता है, जिसके कारण धीरे-धीरे आपके शरीर पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए, इस बीमारी को कंट्रोल करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल और नियमित रूप से हेल्थ चेकअप करवाना बहुत जरूरी है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • शरीर में इंफ्लेमेशन कैसे कम करें?

    शरीर में इंफ्लेमेशन कम करने के लिए एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट अपनाएं, नियमित रूप से 20 से 30 मिनट एक्सरसाइज करें और पर्याप्त नींद लें।
  • इंफ्लेमेशन के क्या लक्षण हैं?

    इंफ्लेमेशन होने पर शरीर में दर्द, रेडनेस, सूजन, गर्माहट और उस अंग का काम करना बंद करना या कम होना शामिल हैं।

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Disclaimer

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Modified By : Katyayani Tiwari
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