प्रोजेरिया एक गंभीर आनुवंशिक बीमारी है जिसमें बच्चे का शरीर समय से पहले ही तेजी से बूढ़ा होने लगता है। प्रोजेरिया को हचिंसन-गिलफोर्ड प्रोजेरिया सिंड्रोम (HGPS) भी कहा जाता है। जरूरी नहीं है कि इस बीमारी के लक्षण जन्म के समय दिखाई दें। जन्म के बाद कुछ महीने बच्चा सामान्य दिख सकता है। 1-2 साल की उम्र में इस बीमारी के लक्षण धीरे-धीरे नजर आने लगते हैं। महानायक अमिताभ बच्चन ने फिल्म 'पा' में प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे का किरदार निभाया था। इस फिल्म के जरिए लोगों ने प्रोजेरिया पीड़ित बच्चे के जीवन से जुड़ी चुनौतियों को करीब से देखा। आइए जानते हैं प्रोजेरिया क्यों होता है, इसके लक्षण और इलाज क्या है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Rajeev Chowdry, Internal Medicine Specialist At Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad से बात की।
साल 2014 में Indian Journal Of Medical Research में प्रकाशित एक रिव्यू आर्टिकल के मुताबिक, प्रोजेरिया एक बहुत दुर्लभ बीमारी है जिसके होने की अनुमानित दर 40 से 80 लाख नवजातों में लगभग 1 देखी गई।आंकड़ों के अनुसार, प्रोजेरिया में औसत जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) लगभग 8 से 21 वर्ष देखी गई है।
प्रोजेरिया के लक्षण क्या हैं?

- प्रोजेरिया के लक्षण हर बच्चे में अलग हो सकते हैं।
- प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे का वजन और लंबाई बढ़ने की गति कम हो सकती है।
- बच्चे की त्वचा में झुर्रियां नजर आ सकती हैं।
- सिर के बाल झड़ सकते हैं।
- भौंहों और पलकों के बाल भी कम हो सकते हैं।
- चेहरे की बनावट में भी कुछ खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं। सिर चेहरे की तुलना में बड़ा दिखाई दे सकता है।
- कुछ बच्चों को जोड़ों में अकड़न महसूस हो सकती है। हड्डियों का विकास भी प्रभावित हो सकता है।
प्रोजेरिया क्यों होता है?
आनुवंशिक बदलाव के कारण यह बीमारी होती है। प्रोजेरिया के ज्यादातर केस में LMNA जीन में बदलाव देखा गया है। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि माता-पिता को भी यह बीमारी हो।
यह भी पढ़ें- बच्चों की हाइट न बढ़ने के पीछे हो सकती हैं खानपान की ये 5 गलतियां, आज ही चेक करें
क्या प्रोजेरिया से बच्चे का दिमाग भी बूढ़ा होता है?
प्रोजेरिया में शरीर में उम्र बढ़ने जैसे बदलाव दिखाई देते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चे का मानसिक विकास भी तेजी से उम्रदराज व्यक्ति जैसा हो जाता है। प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे आमतौर पर सामान्य बुद्धि और मानसिक विकास रखते हैं। वे पढ़ सकते हैं, खेल सकते हैं, बातचीत कर सकते हैं और अपनी उम्र के दूसरे बच्चों की तरह भावनाएं व्यक्त करते हैं।
प्रोजेरिया के कारण होने वाली शारीरिक समस्याएं
Mayo Clinic के मुताबिक, आमतौर पर, जीवन के पहले साल में ही आप देखेंगे कि आपके बच्चे का विकास धीमा हो गया है। इस बीमारी के कारण कई शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं जैसे-
- विकास धीमे होना।
- बाल झड़ना।
- त्वचा सख्त महसूस हो सकती है और झुर्रियां दिख सकती हैं।
- त्वचा के आर-पार नसें आसानी से दिखना।
- कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां हो सकती हैं।
- ओरल हेल्थ और दांतों की समस्याएं हो सकती हैं।
- हड्डियों की बढ़त और विकास में समस्याएं हो सकती हैं।
- हिप डिसलोकेशन हो सकता है।
- जोड़ों की समस्याएं जैसे जोड़ों का अकड़न हो सकती है।
- त्वचा के नीचे की चर्बी और मांसपेशियों कम हो सकती हैं।
- इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्या हो सकती है।
- सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
प्रोजेरिया का इलाज क्या है?
प्रोजेरिया को जड़ से खत्म करने का इलाज फिलहाल नहीं है, लेकिन डॉक्टर प्रोजेरिया के कारण होने वाली समस्याओं का इलाज करते हैं। ऐसे बच्चों की नियमित जांच होती है और फिजियोथेरेपी की मदद भी ली जाती है।
क्या प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे सामान्य जीवन जी सकते हैं?
प्रोजेरिया एक गंभीर बीमारी है। इसके कारण हार्ट और ब्लड वेसल्स पर बुरा असर पड़ता है। शरीर में उम्र बढ़ने के साथ धमनियों में प्लाक जमा होने की समस्या हो सकती है। प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चों के लिए सामान्य जीवन जीना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। हालांकि, हर बच्चे की स्थिति अलग हो सकती है। परिवार के सहयोग और मेडिकल देखभाल से उनके जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है।
निष्कर्ष:
प्रोजेरिया एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है जिसमें बचपन से ही शरीर किसी बूढ़े इंसान जैसा दिखने लगता है। प्रोजेरिया में वजन और लंबाई बढ़ने की गति कम होना, बच्चे की त्वचा में झुर्रियां दिखना, सिर के बाल झड़ने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। प्रोजेरिया होने पर विकास धीमा हो जाता है, कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां हो सकती हैं, जोड़ों की सेहत प्रभावित हो सकती है, इंसुलिन रेजिस्टेंस हो सकता है, सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। इस बीमारी का कनेक्शन मुख्य रूप से LMNA जीन में बदलाव के साथ देखा गया है। फिलहाल बीमारी का पूरी तरह से इलाज करना संभव नहीं है। दवाओं और मेडिकल देखभाल से इसके लक्षणों को कंट्रोल और मॉनिटर किया जाता है।
image credit: bollywoodhungama, timesnow
FAQ
क्या प्रोजेरिया संक्रामक बीमारी है?
नहीं, यह संक्रामक बीमारी नहीं है। किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से, साथ खाने या छूने से दूसरे व्यक्ति में यह बीमारी नहीं फैलती।प्रोजेरिया में मौत होने का मुख्य कारण क्या है?
प्रोजेरिया पीड़ितों में मौत का मुख्य कारण हार्ट और ब्लड वेसल्स से जुड़ा हो सकता है। इसमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 14, 2026 19:31 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Rajeev Chowdry