Tue Oct 27, 2026 | 12:48 AM IST

Doctor Verified

पैर की नसों को र‍िलैक्‍स करने के ल‍िए इन 5 हर्बल ऑयल्‍स से करें माल‍िश, जकड़न-थकान से भी म‍िलेगी राहत

थकी हुई पैरों की नसों को र‍िलैक्‍स करने के लिए ब्राह्मी, अश्वगंधा, तिल, देवदार के तेल वगैरह से माल‍िश करें, इससे जल्‍द आराम मिलेगा।
पैर की नसों को र‍िलैक्‍स करने के ल‍िए इन 5 हर्बल ऑयल्‍स से करें माल‍िश, जकड़न-थकान से भी म‍िलेगी राहतपैर की नसों को र‍िलैक्‍स करने के ल‍िए इन 5 हर्बल ऑयल्‍स से करें माल‍िश, जकड़न-थकान से भी म‍िलेगी राहत

लंबे समय तक खड़े रहना, बहुत चलना या एक ही जगह पर बैठ कर काम करना, ये सभी कारण हमारे पैरों की नसों में थकान और जकड़न ला सकते हैं। अकसर लोग इसे मामूली दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार यह संकेत है कि आपके शरीर में असंतुलन है। शरीर में 'वात दोष' बढ़ने से नसों में तनाव, सूजन और ऐंठन बढ़ जाती है। ऐसे में हर्बल ऑयल से मालिश करना न केवल नसों को राहत देता है, बल्क‍ि मानसिक तनाव को भी कम करता है। आयुर्वेद‍िक दृष्टिकोण से देख‍ें, तो कुछ विशिष्ट जड़ी-बूटियों से बने तेल नसों को पोषण देने के साथ-साथ वात को शांत करते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे 5 ऐसे हर्बल ऑयल्स के बारे में जो खास तौर पर पैरों की नसों की थकान, जकड़न और सूजन को दूर करने में मदद करते हैं। माल‍िश का सही तरीका, समय और कितनी बार करें, इन सभी बातों पर आगे बात करेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह से बात की।

1. कर्पूरादि तैलम- Karpooradi Thailam

कपूरादि तेल में मुख्य रूप से कपूर, नारियल तेल और अन्य ठंडक देने वाले तत्व होते हैं। यह नसों को तुरंत ठंडक पहुंचाता है और पैरों की सूजन या जलन में तुरंत आराम देता है। यह उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें पैरों में गर्माहट, सूजन या दिनभर की थकान के बाद भारीपन महसूस होता है। कपूर की तासीर ठंडी होती है, जिससे नसें शांत होती हैं और ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है।

इसे भी पढ़ें- पैरों में दर्द से हैं परेशान? अरंडी के इस्तेमाल से दूर करें समस्या

2. ब्राह्मी तेल- Brahmi Oil

ब्राह्मी को मानसिक तनाव कम करने और तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने वाली जड़ी-बूटी माना गया है। जब पैर थकान से भारी हो जाते हैं, तो ब्राह्मी तेल से की गई मालिश नसों को शांत करती है और द‍िमाग को भी रिलैक्स करती है। यह खास तौर पर उन लोगों के लिए सही है जो ऑफिस वर्क या मानसिक दबाव के कारण थकान के लक्षण महसूस करते हैं।

3. देवदार का तेल- Cedar Oil

oils-for-leg-painoils-for-leg-pain

देवदार पेड़ की लकड़ी से बना यह तेल आयुर्वेद में एक अच्‍छा दर्द निवारक तेल माना जाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और रिलैक्सिंग गुण होते हैं जो नसों की सूजन और खिंचाव को कम करते हैं। अगर आपके पैरों में हल्का-हल्का दर्द, ऐंठन या भारीपन लगातार रहता है, तो देवदार के तेल से नियमित मालिश राहत देती है। इसकी सुगंध भी बहुत सुकून भरी होती है, जो मानसिक थकान को भी दूर करती है।

4. अश्वगंधा तेल- Ashwagandha Oil

अश्वगंधा को आयुर्वेद में ताकत देने वाली जड़ी-बूटी माना गया है। अश्वगंधा तेल से मालिश करने से मांसपेश‍ियों और नसों को गहराई से पोषण मिलता है। यह वात को संतुलित करता है, जिससे नसों की अकड़न कम होती है और थकान दूर होती है। यह ऑयल विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो दिनभर खड़े रहते हैं या जिन्हें बार-बार पैरों में झुनझुनाहट महसूस होती है।

5. अर्जुन तेल- Arjun Oil

अर्जुन छाल से बना तेल, नसों और ब्‍लड वैसल्‍स को मजबूत करता है। इसका इस्‍तेमाल, विशेष रूप से उन लोगों के लिए होता है जिन्हें ब्लड सर्कुलेशन की समस्या होती है। अर्जुन तेल से मालिश नसों को मजबूती देता है और पैरों में हल्कापन महसूस होता है।

पैरों की नसों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित मालिश जरूरी है। ऊपर बताए गए हर्बल ऑयल्स आयुर्वेद के अनुसार नसों को प्राकृतिक ढंग से पोषण देते हैं और वात दोष को शांत करते हैं। हफ्ते में 2 से 3 बार, सोने से पहले हल्के गर्म तेल से 10 मिनट तक पैरों की मालिश करें। यह न केवल थकान और जकड़न को दूर करेगा, बल्कि नींद भी बेहतर होगी और अगली सुबह शरीर ज्यादा एनर्जेट‍िक महसूस करेगा।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

Read Next

→ मर्दाना ताकत बढ़ाने के लिए कौन सी जड़ी बूटी खानी चाहिए? आयुर्वेदाचार्य से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Nov 05, 2025 06:30 IST

    Modified By : Anurag Gupta
  • Nov 05, 2025 06:30 IST

    Modified By : Anurag Gupta
  • Nov 05, 2025 06:30 IST

    Published By : Yashaswi Mathur