Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vidya Tickoo , Consultant Endocrinologist & Diabetologist

बच्चे को डायबिटीज है तो गर्मी की छुट्टियों में रखें इन 5 बातों का ध्यान, नहीं होगी शुगर बढ़ने की समस्या

गर्मि‍यों की छुट्टि‍यों में डायब‍िट‍िक बच्‍चे आसानी से हाई शुगर लेवल का श‍िकार हो सकते हैं क्‍योंक‍ि छुट्ट‍ियों में द‍िनचर्या और खानपान की आदतें खराब हो जाती हैं और बच्‍चे अपनी मनपसंद चीजों का ज्‍यादा सेवन करने लगते हैं। जानें डायब‍िट‍िक बच्‍चों को हाई शुगर लेवल से कैसे बचाएं?

इस समय बच्‍चे गर्म‍ियों की छुट्टि‍यों का आनंद उठा रहे हैं। छुट्टि‍यों में पेरेंट्स की एक बड़ी समस्‍या होती है बच्‍चों को हेल्‍दी ख‍िलाना क्‍योंक‍ि इस दौरान बच्‍चे फ्री होते हैं और उन्‍हें तरह-तरह की चीजें खाने का मन करता है, लेक‍िन अनहेल्‍दी खानपान शारीर‍िक समस्‍याएं बढ़ा सकता है और उन्‍हीं में से एक है हाई शुगर लेवल। यह समस्‍या उन बच्‍चों के ल‍िए खतरनाक है ज‍िन्‍हें डायब‍िटीज है। गलत खानपान की आदतों के चलते छुट्टि‍यों में डायब‍िट‍िक बच्‍चों का शुगर लेवल बढ़ सकता है। जानें कुछ आसान ट‍िप्‍स जो बच्‍चों को हाई शुगर लेवल से बचा सकते हैं। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Vidya Tickoo, Consultant Endocrinologist & Diabetologist At Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की से बात की।

1. समय पर जांंच कराएंं

अगर परिवार में डायबिटीज का इतिहास है या बच्चे का वजन ज्‍यादा है, तो समय-समय पर डॉक्टर की सलाह से जांच कराएं। नियमित जांच से डायबिटीज में असंंतुल‍ित शुगर लेवल को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही बच्‍चे के ल‍िए हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल फॉलो करना भी जरूरी है।

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2. एक तय समय पर बच्‍चों को खाना दें

छुट्टि‍यों में बच्‍चे देर तक जागते हैं और देर से सोकर उठते हैं इससे उनका रूटीन ब‍िगड़ जाता है और खाना भी समय पर नहीं हो पाता। इसल‍िए बच्‍चों को एक तय समय पर खाना दें और बच्‍चों को हेल्‍दी रूटीन फॉलो कराएं ताक‍ि उनका खाना समय पर हो पाए। इससे डायब‍िटीज में शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलेगी।

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3. आइसक्रीम और मीठी चीजों का सेवन सीमि‍त करें

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गर्मी हो और बच्‍चे आइसक्रीम न खाएं यह, तो मुमक‍िन नहीं है। बच्‍चों को आइसक्रीम और मीठी चीजों से दूर रखना मुश्‍क‍िल है, लेक‍िन मात्रा कम कर सकते हैं। बच्‍चों को बाहर के बजाय घर पर ही आइसक्रीम बनाकर दें ज‍िसमें चीनी की जगह फलों का इस्‍तेमाल करें। साथ ही छुट्टि‍यों में बच्‍चों की द‍िनचर्या अच्‍छी होनी चाह‍िए ताक‍ि उन्‍हें शुगर क्रेव‍िंग्‍स न हो।

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4. बच्‍चों को एक्‍ट‍िव रखें

अगर आपके बच्‍चे को डायब‍िटीज है, तो उसे हाई शुगर लेवल से बचाने के ल‍िए एक्‍ट‍िव रखना जरूरी है। बच्‍चों को रन‍िंग, स्‍व‍िम‍िंग, साइकिलिंग जैसी एक्‍ट‍िव‍िटीज करने दें। इससे शरीर फ‍िट रहेगा और ब्‍लड शुगर लेवल भी कंट्रोल रहेगा। काउटडोर गेम्‍स खेलने के दौरान ध्‍यान रखें क‍ि बच्‍चा धूप से बचे। खेल के ल‍िए या फ‍िज‍िकल एक्‍ट‍िव‍िटी के ल‍िए सुबह या शाम का समय ठीक रहेगा जब धूप कम होती है। 

रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मुताब‍िक, जो बच्‍चे शारीर‍िक रूप से एक्‍ट‍िव नहींं रहते हैं उनमें टाइप 2 डायब‍िटीज का खतरा ज्‍यादा होता है। एक्‍ट‍िव रहने से शरीर इंंसुल‍िन को बेहतर ढंंग से इस्‍तेमाल कर पाता है और वजन बढ़ने का खतरा कम होता है।

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5. बच्‍चों को हेल्‍दी स्नैक्स ख‍िलाएं

छुट्ट‍ियों में बच्‍चोंं को चॉकलेट, कुकीज या म‍िठाई ख‍िलाने के बजाय पौष्टिक विकल्प दें। खासतौर पर डायब‍िट‍िक बच्‍चों के ल‍िए घर पर ही ड्राई फ्रूट्स से हेल्‍दी डेजर्ट और प्रोटीन बार तैयार करें। इससे बच्‍चों की सेहत भी बेहतर होगी, शरीर को एनर्जी भी म‍िलेगी और गर्म‍ियों में थकान से भी बचाव होगा। हेल्‍दी व‍िकल्‍पों का सेवन करने से ब्‍लड शुगर लेवल भी कंट्रोल होगा।

न‍िष्‍कर्ष:

समर वेकेशन में डायब‍िट‍िक बच्चों का शुगर लेवल कंंट्रोल करना जरूरी है, इसके ल‍िए उन्‍हें हेल्‍दी स्नैक्स ख‍िलाएं, बच्‍चों को एक्‍ट‍िव रखें, बच्‍चों का रूटीन और खाने का समय फ‍िक्‍स रखें। इन सभी ट‍िप्‍स की मदद से बच्‍चों को हाई शुगर लेवल से बचा सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 05, 2026 19:57 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
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