Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

गर्मियों में पेट को ठंडक पहुंचाता है ताड़गोला, जानें पाचन के ल‍िए इसके फायदे

ताड़गोला का स्वाद हल्का मीठा होता है। इसे खाकर शरीर में ताजगी महसूस होती है। यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है जिन्हें गर्मियों में पेट में जलन, भारीपन या बार-बार एसिडिटी की शिकायत रहती है।

गर्मी का मौसम आते ही शरीर में पानी की कमी, पेट में गर्मी, अपच, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। तेज धूप और बढ़ते तापमान का असर सिर्फ त्वचा पर ही नहीं, बल्कि पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। ऐसे मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने और पेट को ठंडक पहुंचाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना बेहद जरूरी हो जाता है। ताड़गोला, जिसे आइस एप्पल या ताड़ी फल भी कहा जाता है, ऐसा ही एक मौसमी फल है जो गर्मियों में खास तौर पर खाया जाता है। ताड़गोला में पानी की मात्रा काफी ज्‍यादा होती है, जिसके कारण यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। आयुर्वेद में भी इसे शीतल प्रकृति वाला फल माना जाता है, जो शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करने में मदद कर सकता है। पाचन तंत्र के लिए ताड़गोला के फायदे जानने के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

1. पेट को ठंडक म‍िलती है

ताड़गोला की सबसे बड़ी खासियत इसकी शीतल प्रकृति है। गर्मियों में जब शरीर और पेट में गर्मी बढ़ जाती है, तब इसका सेवन ठंडक का एहसास दिला सकता है। यह पेट की जलन और गर्मी से जुड़ी असहजता को कम करने में मदद कर सकता है।

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2. शरीर को हाइड्रेट रखता है

डिहाइड्रेशन का असर पाचन क्रिया पर भी पड़ सकता है। शरीर में पानी की कमी होने पर कब्ज, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ताड़गोला में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने और पाचन क्रिया को सामान्य बनाए रखने में मदद कर सकती है।

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3. कब्ज से राहत म‍िलती है

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ताड़गोला में थोड़ी मात्रा में फाइबर पाया जाता है। फाइबर मल को नरम बनाने और उसकी गति को बेहतर बनाने में मदद करता है। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में इसका सेवन कब्ज की समस्या को कम करने में सहायक हो सकता है।

4. एसिडिटी और पेट की जलन कम होती है

गर्मियों में कई लोगों को पेट में जलन और एसिडिटी की शिकायत रहती है। ताड़गोला की ठंडी तासीर पेट को आराम पहुंचाने में मदद कर सकती है। इसका सेवन पेट में होने वाली असहजता और गर्मी को कम करने में सहायक माना जाता है।

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5. पाचन प्रक्रिया को सपोर्ट म‍िलता है

ताड़गोला हल्का और आसानी से पचने वाला फल माना जाता है। भारी और तले-भुने खाद्य पदार्थों की तुलना में यह पेट पर कम दबाव डालता है। इसलिए गर्मियों में इसे खाने से पाचन तंत्र को अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ता।

ताड़गोला खाने का सही तरीका

  • ताजा ताड़गोला सीधे खाया जा सकता है।
  • इसे फलों की सलाद में मिलाकर खा सकते हैं।
  • गर्मियों में इसे शाम के स्नैक के रूप में खाना अच्छा विकल्प हो सकता है।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

  • डायब‍िटीज के मरीज इसे सीमित मात्रा में खाएं और डॉक्टर की सलाह लें।
  • अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ लोगों को पेट संबंध‍ित समस्‍या हो सकती है।
  • हमेशा ताजा और साफ ताड़गोला ही खरीदें और खाएंं।

न‍िष्‍कर्ष:

ताड़गोला का सेवन करने से पेट को ठंडक म‍िलती है, शरीर हाइड्रेट रहता है, कब्‍ज से राहत म‍िलती है, एस‍िड‍िटी और पेट की जलन से राहत म‍िलती है और डाइजेशन को सपोर्ट म‍िलता है।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 31, 2026 21:54 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 31, 2026 21:54 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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