Thu Nov 5, 2026 | 05:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Anju Suryapani , Senior Consultant – Obstetrics, Gynaecology

PCOS में दूध-दही बंद करना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

PCOS में डेयरी प्रोडक्ट्स के सेवन को लेकर अक्सर भ्रम रहता है। डॉ. अंजू सूर्यपानी बताती हैं कि यह हर महिला के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत प्रतिक्रिया और लक्षणों पर निर्भर करता है। 
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PCOS, जिसे वर्तमान में PMOS के रूप में जाना जाता है, आज के समय में महिलाओं में होने वाली एक बहुत ही आम हार्मोनल समस्या बन चुकी है, जो मुख्य रूप से इंसुलिन रेजिस्टेंस और शरीर में सूजन से जुड़ी होती है। इस स्थिति में खान-पान का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि सही डाइट महिलाओं के शरीर में हार्मोनल असंतुलन को बेहतर रखने में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में अक्सर PCOS से पीड़ित महिलाओं को डेयरी प्रोडक्ट्स न लेने की सलाह दी जाती है। आइए इस बारे में Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida से जानते हैं।

क्या PCOS में डेयरी प्रोडक्ट्स छोड़ना जरूरी है?

Dr. Anju Suryapani कहते हैं कि सबसे पहले हमें यह समझना जरूरी है कि PCOS शरीर में हार्मोनल असंतुलन, इंसुलिन रेजिस्टेंस और क्रॉनिक इंफ्लेमेशन से जुड़ी स्थिति है। ऐसे में जब हम डेयरी प्रोडक्ट्स की बात करते हैं तो इसमें मुख्य रूप से दो चीजों पर ध्यान दिया जाता है-

  1. इंसुलिन और IGF-1- दूध और खास तौर पर स्किम्ड या लो-फैट दूध इंसुलिन के लेवल और IGF-1 को बढ़ा सकता है। जिन महिलाओं को इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होती है, उनके शरीर में बढ़ा हुआ इंसुलिन हार्मोन ओवरी को ज्यादा मात्रा में एंड्रोजन बनाने के लिए बढ़ावा देता है। इससे एक्ने, चेहरे पर अनचाहे बाल और बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है।
  2. हार्मोनल कंटेंट- नेचुरल तरीके से भी दूध में कुछ हार्मोन्स होते हैं, जो बछड़े के विकास के लिए होते हैं और वे मानव शरीर के हार्मोनल सिस्टम को अलग तरीके से प्रभावित कर सकते हैं।

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क्या कहती है स्टडी?

साल 2014 में International Journal of Preventive Medicine में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, दही या पनीर जैसे सभी डेयरी प्रोडक्ट्स के कुल सेवन और PCOS के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है। हालांकि, उम्र और दवाओं जैसे अन्य कारकों का प्रभाव हटाने पर दूध का ज्यादा सेवन PCOS के जोखिम को बढ़ा सकता है। खासतौर पर PCOS से पीड़ित महिलाएं कम फैट वाले दूध का सेवन ज्यादा करती पाई गई हैं, जो इंसुलिन-लाइक ग्रोथ फैक्टर के लेवल और पुरुष हार्मोन एंड्रोजन के रिलीज को बढ़ाकर लक्षणों को प्रभावित कर सकता है।

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क्या सभी महिलाओं को डेयरी छोड़नी चाहिए?

Dr. Anju Suryapani का कहना है कि हर महिला का शरीर अलग होता है। PCOS के लक्षण भी हर मरीज में अलग रूप में दिखाई देते हैं। कुछ महिलाओं को डेयरी से बहुत ज्यादा इंफ्लेमेशन या एक्ने की समस्या हो सकती है, जबकि कई अन्य महिलाएं बिना किसी परेशानी के संतुलित मात्रा में डेयरी का सेवन करती हैं। इसलिए, आपको डेयरी प्रोडक्ट्स छोड़ने की जरूरत कब पड़ सकती है, इसे समझना जरूरी है-

  • लैक्टोज इंटॉलेरेंस- अगर दूध पीने के बाद आपको ब्लोटिंग, गैस, ऐंठन और दस्त की समस्या होती है तो आपका पाचन तंत्र लैक्टोज को सहन नहीं कर पा रहा है। ऐसे में डेयरी से दूरी बनाना बहुत जरूरी है।
  • गंभीर मुंहासे और इंफ्लेमेशन- अगर आपकी स्किन पर एक्ने हैं और इलाज के बाद भी वे ठीक न हों तो कुछ हफ्तों के लिए डेयरी बंद करके यह देखना फायदेमंद हो सकता है कि क्या इससे सुधार हो रहा है।

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डेयरी छोड़ने के बजाय सही फूड चुनाना क्यों जरूरी है?

Dr. Anju Suryapani के अनुसार, दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स हमारे रोजाना के खान-पान और पोषण का एक अहम हिस्सा हैं। ये कैल्शियम, विटामिन बी12, प्रोटीन और विटामिन डी का एक बेहतरीन स्रोत हैं। अगर आप बिना किसी सोचे-समझे अचानक पूरी तरह डेयरी लेना बंद कर देती हैं तो आपके शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। इसलिए, डेयरी को पूरी तरह छोड़ने के बजाय आपको क्वालिटी और क्वांटिटी पर ध्यान देना चाहिए।

  1. फुल-फैट या ट्रेडिशनल डेयरी चुनें- लो-फैट या स्किम्ड दूध से फैट निकालने के बाद उसमें शुगर यानी लैक्टोज का असर बढ़ जाता है, जो इंसुलिन स्पाइक का कारण बनता है। इसलिए, आप फुल-फैट दूध या शुद्ध गाय या भैंस का दूध लें, जो शरीर के लिए ज्यादा बेहतर हो सकता है।
  2. फर्मेंटेड डेयरी प्रोडक्ट्स अपनाएं- सादा दही, छाछ और घर का बना मक्खन या थोड़ा सा घी PCOS के मरीजों के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं। फर्मेंटेशन प्रक्रिया के दौरान लैक्टोज कम हो जाता है और और यह आंतों के गुड बैक्टीरिया के लिए बहुत फायदेमंद होता है। पनीर का सेवन भी सीमित मात्रा में करना चाहिए।
  3. A2 मिल्क का ऑप्शन- अगर आप दूध पीना बंद नहीं करना चाहती हैं तो आप नॉर्मल दूध की जगह A2 मिल्क का चुनाव कर सकती हैं, जो पचने में आसान और हेल्दी माना जाता है।

निष्कर्ष
Dr. Anju Suryapani का कहना है कि PCOS में डेयरी प्रोडक्ट्स छोड़ना हर महिला के लिए जरूरी नहीं है। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका शरीर डेयरी को लेकर कैसा रिएक्ट करता है। किसी भी सख्त पाबंदी में पड़ने से पहले अपने लक्षणों को समझें और किसी डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से कंसल्ट जरूर करें।
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FAQ

  • क्या पीसीओएस में छाछ पी सकते हैं?

    हां, PCOS में छाछ पीना फायदेमंद होता है क्योंकि यह कम कैलोरी वाला, पचने में आसान और शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करने वाला प्रोबायोटिक ड्रिंक है, जो वजन कंट्रोल करने में मदद करता है।
  • पीसीओएस में कौन सी रोटी खानी चाहिए?

    PCOS में मैदे या रिफाइंड आटे की जगह ज्वार, बाजरा, रागी, जौ या मल्टीग्रेन आटे से बनी रोटियां खानी चाहिए, क्योंकि इनमें फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो इंसुलिन लेवल को संतुलित करता है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Nov 05, 2026 17:01 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Anju Suryapani