Wed Sep 30, 2026 | 03:41 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

महंगे प्रोडक्ट्स नहीं, ये 5 बीज भी त्‍वचा को रख सकते हैं स्‍वस्‍थ, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें कैसे करें सेवन?

बीज द‍िखने में भले ही छोटे होते हैं, लेक‍िन इनमें कई पोषक तत्‍वों की भरपूर मात्रा होती है। ये सीड्स स्‍क‍िन हेल्‍थ को भी सपोर्ट करते हैं। जानें त्‍वचा के ल‍िए फायदेमंद सीड्स के बारे में।
महंगे प्रोडक्ट्स नहीं, ये 5 बीज भी त्‍वचा को रख सकते हैं स्‍वस्‍थ, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें कैसे करें सेवन?महंगे प्रोडक्ट्स नहीं, ये 5 बीज भी त्‍वचा को रख सकते हैं स्‍वस्‍थ, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें कैसे करें सेवन?

जब भी स्‍क‍िन केयर की बात आती है, हमारे द‍िमाग में महंगी क्रीम या प्रोडक्‍ट्स की तस्‍वीर आने लगती है, लेक‍िन स्‍क‍िन और डाइट एक्‍सपर्ट्स का मानना है क‍ि जब तक त्‍वचा भीतर से स्‍वस्‍थ नहीं होगी, तब तक बाहर से त्‍वचा द‍िखने में ग्‍लोइंग और हेल्‍दी नहीं लगेगी। ऐसे में त्‍वचा को भीतर और बाहर से स्‍वस्‍थ बनाने के ल‍िए हेल्‍दी स्‍क‍िनकेयर रूटीन के साथ-साथ सीड्स को भी डाइट का ह‍िस्‍सा बना सकते हैं। सीड्स में प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर, विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई अन्‍य पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं जिससे त्‍वचा हेल्‍दी बनती है। च‍िया सीड्स, अलसी के बीज, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज, खरबूजे के बीज कुछ ऐसे नाम हैं जो त्‍वचा के ल‍िए फायदेमंद हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन सीड्स को डाइट में शाम‍िल करने का सही तरीका और फायदे। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

ये 5 बीज कैसे लाते हैं त्वचा पर नेचुरल ग्लो?

च‍िया सीड्स, अलसी, कद्दू के बीज में मौजूद ओमेगा 3 से स्‍क‍िन बैर‍ियर सुधरता है ज‍िससे त्‍वचा का ग्‍लो बढ़ाने में मदद म‍िलती है। सूरजमुखी के बीजों में विटामिन ई पाया जाता है, जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है। इन सीड्स में मौजूद पोषक तत्‍व त्‍वचा को हेल्‍दी बनाए रखने में मदद करते हैं।

  सेवन का सही तरीका क‍ितनी मात्रा में खाएं? क‍िस समय खाएं?
अलसी के बीज पीसकर या ड्राई रोस्‍ट एक चम्‍मच या 10 से 15 ग्राम सुबह, दोपहर या शाम
च‍िया सीड्स रातभर पानी में भ‍िगोकर एक चम्‍मच  सुबह
कद्दू के बीज ड्राई रोस्‍ट एक चम्‍मच  सुबह, दोपहर या शाम के स्नैक में
सूरजमुखी के बीज ड्राई रोस्‍ट एक चम्‍मच  दोपहर
खरबूजे के बीज हल्‍का भूनकर एक चम्‍मच  सुबह, दोपहर या शाम के स्नैक में

1. अलसी के बीज

फ्लैक्‍स या अलसी के बीजों में ओमेगा 3 पाया जाता है और इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं ज‍िससे एक्‍ने की समस्‍या को कंट्रोल करने में मदद म‍िल सकती है।

साल 2025 में International Journal Of Pharmaceutical Research And Applications में प्रकाश‍ित एक र‍िव्‍यू आर्टि‍कल के मुताब‍िक, अलसी सीड्स में मौजूद ओमेगा से त्‍वचा में नमी बनी रहती है, ड्राईनेस से बचाव होता है और स्‍टडी में इसे इलास्‍ट‍िस‍िटी बढ़ाने के ल‍िए भी फायदेमंद बताया गया है। स्‍टडी में बताया गया है क‍ि अलसी के बीज, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचान में मदद कर सकते हैं।

बीज के सेवन का सही तरीका:

  • एक टेबलस्‍पून फ्लैक्‍स सीड्स का सेवन कर सकते हैं।
  • दोपहर के भोजन से पहले या नाश्‍ते के बाद इन सीड्स का सेवन कर सकते हैं।
  • फ्लैक्‍स सीड्स को ड्राई रोस्‍ट या पीसकर डाइट में शाम‍िल कर सकते हैं।

सावधानी:

अगर ब्‍लड थ‍िनर लेते हैं, तो ज्‍यादा मात्रा में अलसी के बीजों का सेवन न करें। गर्भावस्‍था में इन सीड्स को लेने से पहले डॉक्‍टर से सलाह लेना जरूरी है। ज्‍यादा मात्रा में अलसी के सीड्स खाने से गैस, पेट फूलना या दस्‍त जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

यह भी पढ़ें- PMOS में अलसी के बीज खाने से मिलते हैं ये 5 फायदे, एक्सपर्ट से जानें सेवन का सही तरीका

2. च‍िया सीड्स

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  • च‍िया सीड्स में फाइबर होता है इसल‍िए यह डाइजेशन को सपोर्ट करते हैं ज‍िसका अच्‍छा असर त्‍वचा पर देखने को म‍िल सकता है।
  • च‍िया सीड्स हाइड्रेशन को सपाेर्ट करते हैं इसल‍िए ड्राई स्‍क‍िन और रेडनेस जैसी समस्‍याएं कम करने में मदद म‍िलती है।
  • इनमें ओमेगा 3 मौजूद होता है इसल‍िए ये सूजन को घटाने में मदद कर सकते हैं और स्‍क‍िन बैर‍ियर को र‍िपेयर करने में भी मदद कर सकते हैं।
  • च‍िया सीड्स में ज‍िंक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं ज‍िससे एक्‍ने को कंट्रोल करने में भी मदद म‍िलती है।

साल 2023 में Journal Of Functional Foods में प्रकाशित एक स्‍टडी के अनुसार, चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड, पॉलीफेनॉल, विटामिन और मिनरल जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फैटी एसिड त्वचा की सेहत को सपोर्ट करते हैं। स्‍टडी में चिया सीड्स के कॉस्मेटिक उपयोग का भी ज‍िक्र क‍िया गया है।

बीज के सेवन का सही तरीका:

एक टेबल स्‍पून च‍िया सीड्स को एक‍ ग‍िलास पानी में रातभर के ल‍िए भ‍िगोकर रख दें। रातभर में च‍िया सीड्स फूल जाएंगे। सुबह उठकर च‍िया सीड्स वाले पानी का सेवन कर सकते हैं।

सावधानी:

ध्‍यान रखें क‍ि च‍िया सीड्स को ड्राई फॉर्म में न खाएं क्‍योंक‍ि ये केवल पानी सोखकर फूलते हैं। इन्‍हें ड्राई खाने पर न‍िगलने में परेशानी हो सकती है इसल‍िए सीड्स को भ‍िगोना जरूरी है। च‍िया सीड्स IBS या आंतों से जुड़ी समस्या वाले मरीजों में पेट फूलने और गैस जैसी पाचन संबंधि‍त समस्‍याएं पैदा कर सकते हैं इसल‍िए डॉक्‍टर की सलाह पर ही इनका सेवन करें।

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3. कद्दू के बीज

कद्दू के बीजों में ज‍िंक और व‍िटाम‍िन ई जैसे पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं ज‍िससे त्‍वचा में भीतर से न‍िखार आ सकता है। कद्दू के बीजों में केराटिन प्रोटीन मौजूद होता है। यह त्‍वचा के साथ-साथ बाल और नाखूनों को भी स्‍वस्‍थ रखने में मदद कर सकते हैं।

बीज के सेवन का सही तरीका:

  • कद्दू के बीजों को ड्राई रोस्‍ट करके खा सकते हैं।
  • कद्दू के बीजों को सुबह नाश्ते में, दोपहर में या शाम के स्नैक के रूप में खा सकते हैं।
  • एक चम्‍मच यानी 10 से 15 ग्राम ज‍ितनी मात्रा ले सकते हैं।

सावधानी:

  • जरूरत से ज्‍यादा मात्रा में कद्दू के बीज खाने से पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं।
  • अगर कद्दू के सीड्स से एलर्जी है, तो इसका सेवन करने से बचें।

4. सूरजमुखी के बीज

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सूरजमुखी के बीजों में व‍िटाम‍िन ई पाया जाता है और ये ऑक्‍सीडेट‍िव डैमेज के ख‍िलाफ सुरक्षा देने में मदद करते हैं। इससे त्‍वचा को स्‍वस्‍थ रखने और ग्‍लोइंग बनाने में मदद म‍िल सकती है।

बीज के सेवन का सही तरीका:

  • एक चम्‍मच सूरजमुखी के बीजों का सेवन दोपहर के समय कर सकते हैं।
  • इन सीड्स को ड्राई रोस्‍ट करके खाना ज्‍यादा बेहतर माना जाता है।

सावधानी:

  • सूरजमुखी के बीजों को भी सीमित मात्रा में लें क्योंकि इनमें कैलोरी और फैट अध‍िक होता है।
  • अध‍िक मात्रा में इन सीड्स को खाने से पेट फूलने या गैस की समस्‍या हो सकती है।

5. खरबूजे के बीज

खरबूजे के बीजों में प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, मैग्नीशियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। खरबूजे के बीजों में मौजूद प्रोटीन और जिंक, डैमेज स्‍क‍िन सेल्‍स को र‍िपेयर करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

बीज के सेवन का सही तरीका:

  • खरबूजे के बीजों को हल्‍का भूनकर खा सकते हैं।
  • एक चम्‍मच या 10 से 15 ग्राम खरबूजे के सीड्स खा सकते हैं।
  • इसे सुबह, दोपहर या शाम के स्नैक के रूप में ले सकते हैं।

सावधानी:

बाजार से खरीदे हुए बीजों में नमक, तेल या अन्य मिलावट हो सकती है इसलिए सादे बीज बेहतर विकल्प हैं।

स्किन केयर के लिए बीज खाते समय रखें इन बातों का ध्यान

  • कद्दू, सूरजमुखी और खरबूजे के बीजों को बिना नमक या कम नमक वाले रूप में लेना बेहतर विकल्प है।
  • सीड्स पौष्टिक होने के साथ कैलोरी से भरपूर भी होते हैं, इसलिए इन्हें जरूरत से ज्यादा नहीं खाना चाह‍िए।
  • सीम‍ित मात्रा में सीड्स को शाम‍िल करें। अगर एक्‍ज‍िमा, डर्मेटाइट‍िस या कोई अन्‍य गंभीर त्‍वचा रोग या क्रॉन‍िक डि‍जीज है, तो डॉक्‍टर की सलाह पर ही सीड्स का सेवन करें।

न‍िष्‍कर्ष:

त्‍वचा की सेहत के ल‍िए च‍िया सीड्स, अलसी के बीज, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज और खरबूजे के बीज फायदेमंद माने जाते हैं। च‍िया सीड्स ड्राई स्‍क‍िन, रेडनेस, सूजन, एक्‍ने को कम करने में मदद करते हैं, अलसी के बीज भी एक्‍ने से बचाव में मदद करते हैं, कद्दू के बीज त्‍वचा को ग्‍लोइंग बनाने में मदद करते हैं और बालों की सेहत एवं नाखूनों के ल‍िए भी फायदेमंद माने जाते हैं। सूरजमुखी के बीज त्‍वचा को ऑक्‍सीडेट‍िव डैमेज से बचाव में मदद करे हैं और खरबूजे के बीज, डैमेज हुए स्‍क‍िन सेल्‍स को र‍िपेयर करने में मदद कर सकते हैं।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या सीड्स खाने से चेहरे पर ग्लो बढ़ता है?

    सीड्स में मौजूद पोषक तत्व त्वचा को स्‍वस्‍थ रखने में मदद कर सकते हैं, लेक‍िन ये ग्‍लो बढ़ाने की गारंटी नहीं हो सकती। स्‍क‍िन ग्‍लो के ल‍िए हेल्‍दी डाइट, नींद, हाइड्रेशन जरूरी हैं। 
  • क्या सीड्स का सेवन मुंहासों का इलाज है?

    सीड्स को मुंहासों का इलाज नहीं माना जा सकता। इनमें मौजूद पोषक तत्व त्‍वचा को हेल्‍दी रखने में मदद करते हैं ज‍िससे मुंहासों से बचने में मदद म‍िल सकती है। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

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    Sep 30, 2026 14:23 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha