वर्कआउट के बाद अक्सर लोगों के शरीर में दर्द हो जाता है। ऐसा खासकर उन लोगों के साथ होता है, जिन्होंने हाल-फिलहाल में वर्कआउट करना शुरू किया होता है। ध्यान रखें कि वर्कआउट के बाद मांसपेशियों को काफी क्षति होने लगती है। इसलिए, वर्कआउट के बाद रिकवरी पर विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी होता है। सवाल है कि वर्कआउट के बाद हो रहे बाॅडी पेन से रिकवरी के लिए क्या किया जा सकता है?
Celebrity Fitness Coach And The Founder Of Yash Fitness यश अग्रवाल बताते हैं कि वर्कआउट के बाद रिकवरी के लिए डाइट में प्रोटीन और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट शामिल जरूर करने चाहिए। ये पोषक तत्व न सिर्फ आपको वेट लाॅस में मदद करते हैं, बल्कि मसल्स रिपेयर में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, वर्कआउट के बाद सही मात्रा में प्रोटीन लेने से शरीर में खोई हुई एनर्जी भी लौट आती है।
वर्कआउट के बाद मांसपेशियों में दर्द का कारण
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वर्कआउट के बाद मांसपेशियों और उनके आस-पास के टिश्यूज में खिंचाव पैदा हो जाता है। खासकर, जैसे स्क्वाॅट, पुल-अप या बाइसेप कर्ल जैसे वर्कआउट में मांसपेशियों पर तनाव बढ़ता है। नतीजतन, शरीर में माइक्रो टियर हो जाते हैं और इनकी रिकवरी प्रक्रिया के कारण शरीर में सूजन आ जाती है। इसके अलावा, वर्कआउट के बाद मांसपेशियों में अकड़न, दर्द भी होने लगता है।
जर्नल क्या कहता है?
The Journal of Physiology में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, वर्कआउट के बाद मांसपेशियों में होने वाला दर्द सिर्फ मांसपेशियों के माइक्रो डैमेज के कारण नहीं होता, बल्कि यह नर्वस सिस्टम की सेंसिटिविटी से भी जुड़ा होता है।
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प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का सही संतुलन क्यों जरूरी है
साल 2024 में Nutrients में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्कआउट के बाद सप्लीमेंट्स (प्रोटीन पाउडर, क्रिएटिन) मांसपेशियों रिकवरी और ग्लाइकोजन रिस्टोर करने मदद करते हैं लेकिन प्राकृतिक और बायोएक्टिव तत्वों से भरपूर फंक्शनल फूड्स अधिक फायदेमंद होते हैं। खैर, वर्कआउट के बाद प्रोटीन और कार्ब्स का संतुलन भी लेना बहुत जरूरी है। सवाल है, ऐसा क्यों होता है? इस बारे में यश अग्रवाल बताते हैं-
प्रोटीन के फायदे
- मसल रिकवरीः चूंकि, वर्कआउट के बाद मसल डैमेज होती हैं इसलिए इसका रिपेयर होना भी जरूरी है। इसके लिए प्रोटीन फायदेमंद है। मसल प्रोटीन सिंथेसिस को सक्रिय करने के लिए आवश्यक अमीनो एसिड (जैसे ल्यूसीन) प्रदान करता है।
- तेजी से पचता हैः प्रोटीन का सेवन करते ही यह शरीर में तेजी से असर दिखाता है, जिससे यह वर्कआउट के बाद के समय के लिए इसे लिया जाना अच्छा होता है।
- पोर्शन साइजः यश अग्रवाल के अनुसार, वर्कआउट के बाद लगभग 20-40 ग्राम व्हे प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। इससे मांसपेशियों की रिकवरी सबसे बेहतर होती है।
कार्बोहाइड्रेट के फायदे
- ग्लाइकोजन को रिस्टोर करनाः ग्लाइकोजन हमारी बॉडी के लिए एनर्जी को स्टोर करता है, ताकि मुसीबत के समय उसका उपयोग किया जा सके। वर्कआउट के बाद कार्बोहाइड्रेट लेने से ग्लाइकोजन की भरपाई होती है।
- मसल ब्रेकडाउन में कमीः वर्कआउट के बाद कार्बोहाइड्रेट लेने से इंसुलिन रिलीज सक्रिय होता है और वर्कआउट के बाद प्रोटीन के टूटने (प्रोटीन ब्रेकडाउन) को कम करने में मदद करता है।
दोनों का संतुलन कैसे है फायदेमंद?
वर्कआउट के बाद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट दोनों लेना फायदेमंद होता है। ऐसा खासकर उन लोगों के लिए अधिक लाभकारी है, जब कोई हाई-वॉल्यूम एंड्योरेंस ट्रेनिंग करते हैं। असल में, रोजाना ट्रेनिंग करने या 24 घंटे के भीतर बैक-टू-बैक वर्कआउट करने में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट लेने से मसल्स बनती हैं और शरीर में एनर्जी भी बैलेंस्ड रहता है।
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मांसपेशियों की तेजी से रिकवरी के लिए बेहतरीन सुपरफूड्स
- ग्रीक योगर्ट और बेरीजः मसल्स रिकवरी के लिए आप ग्रीक योगर्ट के साथ-साथ बेरीज का सेवन कर सकते हैं। ये एंटी ऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत हैं। इससे शरीर की सूजन में भी कमी आती है।
- केला से बना शेक पिएंः मसल रिकवरी के लिए आप केले से बना शेक भी पी सकते हैं। यह सिंपल कार्ब्स, पोटैशियम और तेजी से पचने वाले व्हे प्रोटीन का बेहतरी स्रात है।
- खाएं पनीरः मसल्स रिकवरी के लिए पनीर को भी अच्छा विकल्प माना जाता है। इससे मांसपेशियों के दर्द को कम करने में भी मदद मिलती है।
हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट्स की भूमिका
वर्कआउट के बाद शरीर को हाइड्रेट रहने के साथ-साथ बॉडी के इलेक्ट्रोलाइट्स को भी बैलेंस करना जरूरी होता है। हाइड्रेट रहने से ब्लड वाॅल्यूम रिस्टोर होता है। असल में, वर्कआउट के बाद पसीना बहने के कारण ब्लड वाॅल्यूम कम हो जाता है। ऐसे में हार्ट को भी अतिरिक्त काम करना पड़ता है। वहीं, वर्कआउट के बाद खुद को हाइड्रेट रखने से ऑक्सीजन सप्लाई में सुधार होता है और ब्लड वाॅल्यूम भी नाॅर्मल होने लगता है।
इलेक्ट्रोलाइट्स की बात करें, तो इसमें सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व शामिल होते हैं। वर्कआउट के दौरान पसीने के जरिए काफी मात्रा में इलेक्ट्रोलाइट्स बह जाते हैं। इसका संतुलन बनाए रखना भी आवश्यक है। इनकी वजह से ब्लड को रेगुलेट होने में मदद मिलती है, मसल्स के संकुचन और फैलाव को बढ़ावा मिलता है।
निष्कर्ष
वर्कआउट के दौरान शरीर से काफी पसीना आता है और मसल को भी नुकसान हो जाता है। इसकी रिकवरी बहुत जरूरी है ताकि आप अगले दिन वर्कआउट के लिए खुद को तैयार कर सकें। इसके लिए, शरीर को हाइड्रेटेड रखें, इलेक्ट्रोलाइट्स को बैलेंस करें, प्रोटीन और काब्र्स का भी विशेष ध्यान रखें। इस तरह की चीजों को महत्व देकर न सिर्फ आप खोई हुई एनर्जी को रिगेन करते हैं, बल्कि शरीर में हो रहे दर्द में भी कमी आती है।
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FAQ
क्या वाकई वर्कआउट के तुरंत बाद ठंडे पानी से नहाना मसल रिकवरी में मदद करता है?
वर्कआउट के तुरंत बाद ठंडे पानी से नहाने या आइस बाथ लेने से ब्लड वेसेस्ल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे मांसपेशियों में बनने वाले लैक्टिक एसिड और सूजन की मात्रा तेजी से घटती है।वर्कआउट के बाद पर्याप्त नींद न लेने से मांसपेशियों की रिकवरी पर क्या असर पड़ता है?
गहरी नींद लेने से शरीर में ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन (HGH) सबसे अधिक मात्रा में रिलीज होता है। ऐसे में मांसपेशियों की रिकवरी भी बेहतर होती है।
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Oct 16, 2026 11:18 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Yash Agarwal
