Thu Oct 8, 2026 | 10:56 AM IST

नाना पाटेकर का 75 की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन, 45 मिनट CRP देने के बाद भी नहीं बच सकी जान

जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में गोवा में निधन हो गया। सीने में तेज दर्द के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 
नाना पाटेकर का 75 की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन, 45 मिनट CRP देने के बाद भी नहीं बच सकी जान
नाना पाटेकर का 75 की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन, 45 मिनट CRP देने के बाद भी नहीं बच सकी जान

बॉलीवुड और मराठी फिल्मों के जाने-माने एक्टर नाना पाटेकर ने 75 साल की उम्र में दुनिया से अलविदा कह दिया है। गुरुवार, 8 अक्टूबर को गोवा स्थित फ्लैट में अभिनेता नाना पाटेकर के सीने में तेज दर्द होने के कारण वह बेहोश हो गए। उनके बेटे मल्हार पाटेकर के मुताबिक, अभिनेता के सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद फ्लैट पर मेडिकल टीम भेजी गई थी। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सीने में दर्द होने के बाद हुए बेहोश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना पाटेकर ने देर रात सीने में तेज दर्द होने पर अपने एक दोस्त को मैसेज करके बताया कि उनकी तबीयत बिगड़ रही है। करीब 4 बजे उनका दोस्त उनके फ्लैट पर पहुंचा। उस समय नाना को काफी पसीना आ रहा था और उनकी हालत लगातार खराब हो रही थी।

कुछ समय बाद वह बेहोश होने लगे। नाना पाटेकर की हालत गंभीर होने पर मेडिकल टीम को उनके घर भेजा गया। टीम के पहुंचने तक नाना पाटेकर की हालत बहुत ज्यादा बिगड़ गई थी और वह बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत CPR दिया गया और फिर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।

इसे भी पढ़ें: केवल सीने में दर्द नहीं, हार्ट अटैक से पहले शरीर दे सकता है ये 5 संकेत, न करें लापरवाही

45 मिनट तक की गई बचाने की कोशिश

डॉक्टरों के मुताबिक उन्होंने नाना पाटेकर को बचाने की पूरी कोशिश की। नाना को लगभग 45 मिनट तक लगातार कार्डियक मसाज और CPR दिया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। अस्पताल पहुंचने तक नाना पाटेकर पूरी तरह रिस्पॉन्स देना बंद कर चुके थे और डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया। नाना पाटेकर की मौत का केस एक मेडिको-लीगल केस (MLC) में दर्ज किया गया है।

कार्डियक अरेस्ट का कारण

National Heart Lung And Blood Institute के अनुसार, दिल की धड़कन का अनियमित होना, जिसे एरिदमिया कहा जाता है, कार्डियक अरेस्ट का कारण बनता है। इसके अलावा बच्चों में, दम घुटने या डूबने की वजह से सांस रुकने के बाद कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। कभी-कभी कुछ केस में कार्डियक अरेस्ट का कारण पता नहीं चल पाता है।

इसे भी पढ़ें: हार्ट अटैक में CPR देना सही है या गलत? डॉक्टर ने बताया किन परिस्थितियों में होती है इसकी जरूरत

कार्डियक अरेस्ट का जोखिम कारक

National Heart Lung And Blood Institute के मुताबिक, कभी-कभी कोई गतिविधि भी कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकती है। ऐसे ट्रिगर करने वाले कारणों को पहचानना बहुत जरूरी है।

  • एक बार में बहुत ज्यादा शराब पीना
  • बहुत ज्यादा शारीरिक गतिविधियां करना या शारीरिक तनाव झेलना
  • कोकीन, एम्फेटामाइन या मारिजुआना का सेवन
  • बहुत ज्यादा कॉफी पीना
  • बहुत ज्यादा मानसिक तनाव लेना

भले ही नाना पाटेकर ने इस दुनिया से अलविदा कह दिया है, लेकिन पिछले 5 दशकों से थिएटर से लेकर फिल्मों तक उन्होंने अपने अलग छाप छोड़ी है। ऐसे में बॉलीवुड से लेकर मराठी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।

Read Next

→ मॉल में घी-तेल की चोरी करते पकड़ी गई महिला, क्या आप जानते हैं बार-बार चोरी है एक मानसिक समस्या?

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 08, 2026 09:44 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Oct 08, 2026 09:44 IST

    Published By : Katyayani Tiwari