Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

Stomach Infection के दौरान अक्सर लोग करते हैं ये 5 गलतियां, जानकर करें बचाव

Stomach Infection: पेट में इंफेक्शन होने के बावजूद कई लोग डॉक्टर के पास जाने से बचते हैं, वे सही ट्रीटमेंट नहीं करवाते और डाइट का भी प्रॉपर ध्यान नहीं रखते हैं। ये वही गलतियां हैं, जिनकी वजह से रिकवरी धीमी हो जाती है।

stomach infection: सर्दी हो या गर्मी का मौसम। पेट का इंफेक्शन किसी भी मौसम में हो सकता है। वैसे तो बरसात के दिनों में पेट के संक्रमण की समस्या अधिक देखने को मिलती है, लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि सर्दियों में भी यह समस्या हो सकती है। पेट में इंफेक्शन होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे खराब खानपान, गंदा पानी पीना आदि। बहरहाल, पेट में इंफेक्शन होने के बाद सिर्फ डॉक्टर से अपना ट्रीटमेंट करवाना काफी नहीं होता है। जरूरी है कि आप कुछ गलतियों को भी दोहराने से बचें। इस लेख में हम उन्हीं गलतियों का जिक्र कर रहे हैं। इनके बारे में जानें और गलती न करें। इस बारे में जानने के लिए हमने  Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से बात की।

पेट के इंफेक्शन के दौरान कौन सी गलतियां न करें- Mistakes To Avoid In Stomach Infection

Mistakes that people make during stomach infection 01 (10)

कम पानी पीना

पेट में इंफेक्शन (Stomach Infection) होने पर ज्यादातर लोगों की डाइट कम हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इंफेक्शन की वजह से खाना पचाने में दिक्कत आने लगती है और लाइट चीजों को खाने को प्राथमिकता देते हैं। इसमें खिचड़ी आदि शामिल हैं। बहरहाल, कुछ लोग पेट में इंफेक्शन होने पानी या फ्लूइड इनटेक भी कम करते हैं। आप ऐसा न करें। पेट में इंफेक्शन होने के बावजूद पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखें।

इसे भी पढ़ें: पेट में इन्फेक्शन होने पर क्या खाएं और जानें किन चीजों से परहेज करना है जरूरी

स्पाइसी चीजें खाना

पेट में इंफेक्शन (Stomach Infection) होने पर कुछ लोग दवा ले लेते हैं, लेकिन स्पाइसी चीजें खाना बंद नहीं करते हैं। आपको बता दें कि पेट में इंफेक्शन होने पर स्पाइसी चीजें खाना आपके लिए बिल्कुल सही नहीं है। इससे पेट में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे पेट में जलन होने लगती है। यहां तक कि डायरिया, उल्टी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।

डॉक्टर के पास न जाना

पेट में इंफेक्शन (Stomach Infection) होने पर ज्यादातर लोग घर में नमक पानी या खिचड़ी खाकर अपनी सेहत में सुधार करने की कोशिश करते हैं। कुछ लोग तो बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स तक ले लेते हैं। आपको बता दें कि अगर आप डॉक्टर नहीं हैं, तो खुद से किसी भी तरह की दवा न लें। एंटीबायोटिक से आपको कोई मदद नहीं मिलेगी, बल्कि गट हेल्थ बिगड़ सकती है।

डेयरी प्रोडक्ट खाना

ब्लोटिंग या पेट खराब होने पर कई लोग ठंडा दूध पीना पसंद करते हैं। उन्हें लगता है कि इससे पेट की एसिडिटी कम हो जाएगी और पेट का इंफेक्शन (Stomach Infection) दूर हो जाएगा। ऐसा सोचना आपकी एक गलती है। ऐसा नहीं होता है। पेट में इंफेक्शन होने पर कभी भी डेयरी प्रोडक्ट का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके बजाय, जब भी पेट में इंफेक्शन हो, तो कम से कम 42 से 72 घंटे तक हैवी मिल्क प्रोडक्ट का सेवन करने से बचें।

इसे भी पढ़ें: Gastroenteritis: इन कारणों से हो सकता है पेट का इंफेक्शन या पेट का फ्लू, एक्सपर्ट से जानें इससे बचाव के उपाय

बार-बार चाय पीना

पेट में इंफेक्शन होने पर बार-बार चाय नहीं पीनी चाहिए। हालांकि, ऐसे लोगों की कमी नहीं होती है, जिन्हें हर हाल में रोजाना एक कप चाय चाहिए होती है। चाय से ही वे अपने दिन की शुरुआत करते हैं, लेकिन पेट में इंफेक्शन होने पर कुछ समय के लिए चाय का सेवन छोड़ देना चाहिए। चाय पीने से संक्रमण बिगड़ सकता है और आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। यहां तक कि आपकी रिकवरी में भी समय लग सकता है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, कहने की बात ये है कि अगर आपकी सेहत सही नहीं है यानी पेट में इंफेक्शन है, तो उपरोक्त एक भी गलती न दोहराएं। ध्यान रखें कि पेट स्वस्थ, तो आप स्वस्थ। पेट में इंफेक्शन होने पर इसको इग्नोर करना सही नहीं है। इससे आपकी रोजमर्रा की जिंदगी भी बाधित होती है। बेहतर है कि पेट में इंफेक्शन होने के शुरुआती दिनों में ही डॉक्टर के पास जाएं और अपना इलाज करवाएं।

All Image Credit: Freepik

Read Next

सच में फायदेमंद है Reading Therapy, हर रात बस 30 मिनट करके अभिषेक ने कंट्रोल किया नींद न आने की समस्या

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Dec 19, 2025 17:58 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Dec 19, 2025 17:58 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dt Divya Gandhi

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content