Mon Oct 26, 2026 | 12:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Anupama N K , Consultant – Medical Gastroenterology

सुबह मुंह का स्वाद कड़वा होना किस बीमारी का संकेत है? जानें डॉक्टर से

सिर्फ ओरल हेल्थ बिगड़ने पर ही नींद से उठने के बाद मुंह का स्वाद कड़वा नहीं होता है। इसका कारण कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं, जैसे गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज। बेहतर है कि मूल कारण को समझें और समय पर अपना इलाज करवाएं।
सुबह मुंह का स्वाद कड़वा होना किस बीमारी का संकेत है? जानें डॉक्टर सेसुबह मुंह का स्वाद कड़वा होना किस बीमारी का संकेत है? जानें डॉक्टर से

आपने कई बार महसूस किया होगा कि सुबह-सुबह नींद से उठने के बाद मुंह का स्वाद बहुत कड़वा महसूस होता है। इस तरह की सुबह किसी को पसंद नहीं आती है। हालांकि, हम अक्सर इस स्थिति को नजरअंदाज कर बैठते हैं, क्योंकि हमें लगता है कि ब्रश करने के बाद मुंह का स्वाद सामान्य हो जाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कभी-कभी यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है?

इस बारे में Dr. Anupama N K, Senior Consultant - Medical Gastroenterology, Aster CMI Hospital, Bengaluru बताती हैं, "सुबह उठने पर मुंह का स्वाद कड़वा महसूस होना कभी-कभी किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकता है। इसलिए इसे हल्के में लिया जाना सही नहीं है। सामान्यतः ऐसा गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज के कारण होता है। हालांकि, इसके पीछे अन्य कारण भी जिम्मेदार हैं।"

सुबह मुंह का स्वाद कड़वा होना किस बीमारी का संकेत है?

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1. गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD)

आमतौर पर सुबह-सुबह मुंह का स्वाद कड़वा महसूस होना गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज का संकेत होता है। यह तब होता है जब पेट का एसिड वापस भोजन नली में आ जाता है और कभी-कभी मुंह तक पहुंच जाता है। ऐसे में मुंह न सिर्फ कड़वा या खट्टा हो जाता है, बल्कि सीने में जलन और उल्टी जैसा महसूस होने लगता है।

Baylor College of Medicine के अनुसार, GERD होने पर कई मरीजों को सुबह उठने पर मेटैलिक या कड़वा स्वाद महसूस होता है। Neurogastroenterology And Motility से भी इस बात की पुष्टि होती है कि GERD के कारण मुंह का स्वाद कड़वा हो सकता है।

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2. जेरोस्टोमिया (xerostomia) होना

सुबह उठने के बाद मुंह कड़वा होने का एक कारण जेरोस्टोमिया होना भी है। इस बीमारी के तहत मुंह सूखने लगता है। Scientific Reports में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, जेरोस्टोमिया की वजह से मुंह में लार का उत्पादन कम होता है। डाॅ. अनुपमा एनके बताती हैं, "लार यानी सलाइवा का उत्पादन हमारे मुंह की क्लीनिंग के लिए बहुत जरूरी है। लार मुंह को साफ रखने और बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में मदद करती है। लार की कमी से बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे मुंह का स्वाद प्रभावित होता है।"

इसके अलावा, मुंह से जुड़ी बीमारियां जैसे मसूड़ों की बीमारी, दांतों की सड़न और मुंह का संक्रमण भी लगातार कड़वे स्वाद का कारण बन सकती हैं। खासकर तब, जब मसूड़ों से खून आना, सांसों की बदबू या दांत दर्द जैसी समस्याएं भी साथ हों।

3. नाक और गले से जुड़े संक्रमण

आपको लग सकता है कि नाक और गले का संक्रमण भला मुंह का स्वाद कैसे प्रभावित करता है? असल बात ये है कि ऐसा होता है। डाॅ. अनुपमा एनके स्पष्ट करती हैं, "साइनस के कारण बंद नाक, गले में बलगम गिरना (पोस्टनेजल ड्रिप) और स्वाद में बदलाव की समस्या हो सकती है, विशेष रूप से तब जब रात भर गले में बलगम जमा होता रहे। श्वसन तंत्र के ऊपरी हिस्से के संक्रमण, जिनमें कोविड-19 जैसे वायरल संक्रमण शामिल हैं, स्वाद और सूंघने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।"

NIH National Institute of Dental and Craniofacial Research से पता चलता है कि कुछ लोग टेस्ट डिसऑर्डर के साथ पैदा होते हैं, तो कुछ लोगों को रेस्पिरेटरी संक्रमण, मिडल ईयर इन्फेक्शन के कारण भी मुंह के कड़वे स्वाद का अनुभव होता है।

4. डायबिटीज

डायबिटीज के रोगियों को भी सुबह उठकर मुंह का स्वाद कड़वा अनुभव हो सकता है। दरअसल, डायबिटीज के कारण मुंह सूखने की समस्या हो सकती है। निश्चित रूप से जब लंबे समय तक मुंह सूखा रहता है, तो इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यहां तक कि अनियंत्रित ब्लड शुगर भी कभी-कभी असामान्य स्वाद का कारण बन सकती है। चूंकि इन स्थितियों में आमतौर पर अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं, इसलिए केवल कड़वे स्वाद के आधार पर किसी बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

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5. अन्य बीमारियां

डाॅ. अनुपमा एनके बताती हैं, "कुछ कम आम चिकित्सीय कारणों में लिवर और किडनी से जुड़ी बीमारियों की वजह से भी मुंह का स्वाद बिगड़ सकता है। दरअसल, शरीर द्वारा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया में बदलाव आने के कारण ये कभी-कभी स्वाद को बदल सकती हैं।" डाॅ. अनुपमा आगे बताती हैं, "गॉलब्लैडर के विकारों का संबंध पाचन संबंधी लक्षणों से हो सकता है, हालांकि केवल कड़वा स्वाद गाॅलब्लैडर की बीमारी का पक्का संकेत नहीं है। हाई ब्लड प्रेशर, संक्रमण और अन्य बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं भी स्वाद में बदलाव या मुंह सूखने का कारण बन सकती हैं।"

निष्कर्ष

अगर कड़वा स्वाद एक से दो सप्ताह से अधिक समय तक बना रहे, बार-बार लौटकर आए या इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो इसकी अनदेखी न करें। बेहतर होगा कि इसका सही कारण जानने के लिए डॉक्टर या डेंटिस्ट से परामर्श लें। यदि इसके साथ आंखों या त्वचा में पीलापन, निगलने में कठिनाई, बिना किसी कारण के वजन घटना या लगातार उल्टियां आने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत प्रोफेशनल से मिलें। इस तरह के लक्षणों तथा संकेतों के प्रति लापरवाही सही नहीं है।

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FAQ

  • क्या मल्टीविटामिन या आयरन-जिंक की गोलियां लेने से भी मुंह का स्वाद कड़वा हो सकता है?

    हां, रात में आयरन, जिंक या कैल्शियम सप्लीमेंट्स लेने पर लार के साथ इनके मिलने से सुबह मुंह का स्वाद मेटैलिक या कड़वा हो जाता है।
  • गर्भावस्था (Pregnancy) के शुरुआती महीनों में सुबह मुंह का स्वाद कड़वा क्यों लगता है?

    पहली तिमाही में एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में तेज उतार-चढ़ाव होने के कारण ऐसा होता है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 26, 2026 12:15 IST

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