आजकल हर जगह ऐसे वीडियो शेयर कर रहे हैं जिसमें चीनी को छोड़ने का अच्छा असर दिखाया जाता है। लोग वीडियो में बताते हैं कि उनकी सेहत में चीनी छोड़ने के बाद क्या-क्या बदलाव आए। वाकई रिफाइंड शुगर का सेवन सेहत के लिए अच्छा नहीं होता, लेकिन मीठे को पूरी तरह से नजरअंदाज करना मुमकिन नहीं है इसलिए लोग हेल्दी विकल्पों की तलाश करते रहते हैं। दो विकल्प जिनके बारे में लोग सबसे ज्यादा सर्च करते हैं वे हैं गुड़ पाउडर और स्टीविया। जहां एक तरफ गुड़ पाउडर नेचुरल और पोषक तत्वों से भरपूर होता है, तो वहीं दूसरी तरह स्टीविया को जीरो कैलोरी के लिए जाना जाता है। दोनों में से कौन सा स्वीटनर सेहत के लिए बेहतर है? इसका जवाब आगे जानेंगे। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
स्टीविया का जीआई लगभग जीरो होता है
स्टीविया पत्तियों से मिलने वाला जीरो कैलोरी स्वीटनर है। इसकी बहुत कम मात्रा लेने पर भी यह मीठा लगता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स न के बराबर होता है। इसलिए यह डायबिटिक लोगों में ज्यादा लोकप्रिय है। इसका सेवन करने से वजन बढ़ने का खतरा कम रहता है। यह एक डायबिटीज फ्रेंडली विकल्प है। हालांकि इसका ज्यादा सेवन करने से पाचन की समस्याएंं हो सकती हैं।
यह भी पढ़ें- क्या मीठी तुलसी (stevia) के सेवन से कैंसर हो सकता है? जानें डॉक्टर से
स्टीविया वेट लॉस में असरदार है
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक पायलट स्टडी में चीनी को स्टीविया से बदलने का असर 90 दिनोंं में देखा गया।परिणामों की बात करें, तो वजन और कमर के साइज दोनों में कमी देखी गई जिससे पता चलता है कि कैलोरी कम होने से वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है। अध्ययन में स्टीविया के कोई गंभीर साइड इफेक्ट्स नहीं देखे गए।
गुड़ प्रोसेस्ड शुगर से बेहतर विकल्प है

गुड़ को गन्ने के रस की मदद से तैयार किया जाता है। लोग गुड़ का सेवन पाउडर के फार्म में भी करते हैं। यह एक नेचुरल स्वीटनर है जिसमें आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं। गुड़ का सेवन करने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है। गुड़ को प्रोसेस्ड शुगर से बेहतर विकल्प माना जाता है।
गुड़ से शुगर और वजन तेजी से बढ़ता है
वैसे तो चीनी के मुकाबले गुड़ का सेवन ज्यादा हेल्दी माना जाता है, लेकिन डायबिटीज और मोटापे के मरीजोंं को इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए क्योंंकि इससे वजन तेजी से बढ़ सकता है। गुड़ का ज्यादा सेवन करने से दांतों में सड़न भी हो सकती है इसलिए इसे ज्यादा नहीं खाना चाहिए।
यह भी पढ़ें- शुगर फ्री प्रोडक्ट्स से जुड़ी इन 5 बातों को न करें नजरअंदाज, जानें इनके बारे में
गुड़ पाउडर हेल्दी है या स्टीविया?- Jaggery Powder Vs Stevia Which Is Healthi Option

Nutritionist Neha Sinha ने बताया कि गुड़ पाउडर में 380 से 383 कैलोरी प्रति ग्राम होती है। इतनी कैलोरी डायबिटीज और मोटापे से पीड़ित लोगों के लिए हेल्दी नहीं है। गुड़ पाउडर और स्टीविया में से स्टीविया ज्यादा हेल्दी स्वीटनर है, हालांकि इसका स्वाद देर तक रहता है, क्योंकि यह कम मात्रा में भी बहुत ज्यादा मीठा लगता है इसलिए कई लोगों को यह पसंद नहीं आता, लेकिन कम मात्रा में इस्तेमाल करेंगे, तो सेहत अच्छी रहेगी।
निष्कर्ष:
गुड़ और स्टीविया में से स्टीविया ज्यादा बेहतर विकल्प है क्योंकि गुड़ में चीनी की तरह कैलोरी ज्यादा होती हैं और इससे वजन बढ़ सकता है। हालांकि गुड़, रिफाइंड चीनी से बेहतर विकल्प है।
उम्मीद करते हैं कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।
FAQ
लोग स्टीविया को पसंद क्यों नहीं करते हैं?
स्टीविया का ज्यादा देर तक जुबान पर रहता है जिसके कारण यह लोगों को कम पसंद आता है। साथ ही यह स्टीविया पौधे से निकलता है इसलिए इसका स्वाद हल्का कड़वा होता है।गुड़ कब नहीं खाना चाहिए?
डायबिटीज, मोटापे, एसिडिटी वाले मरीजों को गुड़ का सेवन नहीं करना चाहिए। गुड़ की तासीर गर्म होती है और इसका ज्यादा सेवन करने से शरीर में पित्त बढ़ सकता है इसलिए सीमित मात्रा में ही सेवन करें।एक दिन में गुड़ कितना खाना चाहिए?
रोजाना 10 से 15 ग्राम या एक चम्मच गुड़ का सेवन कर सकते हैं। अगर डायबिटीज है, तो रोजाना सेवन से बचें। ऐसे मरीजों को मात्रा 5 से 10 ग्राम तक ही रखना चाहिए।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jan 21, 2026 16:59 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jan 21, 2026 16:59 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha