Fri Oct 23, 2026 | 01:01 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

सुबह नाश्ता छोड़कर सीधे दोपहर का खाना खाना, जानें आदत सही या नहीं?

क्या आपको भी सुबह का नाश्ता छोड़कर सीधे लंच करने की आदत है? यकीन मानिए, आपकी यह आदत आपकी इम्यूनिटी को कमजोर कर सकती है और एनर्जी के स्तर को भी गिरा सकती है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि समय पर नाश्ता करने के क्या फायदे होते हैं।
सुबह नाश्ता छोड़कर सीधे दोपहर का खाना खाना, जानें आदत सही या नहीं?सुबह नाश्ता छोड़कर सीधे दोपहर का खाना खाना, जानें आदत सही या नहीं?

भाग-दौड़ भरी जिंदगी में अक्सर लोगों की आदत हो जाती है कि वे सुबह का नाश्ता नहीं करते, बल्कि सीधे लंच करते हैं। ज्यादातर वही लोग ऐसा करते हैं, जहां पति-पत्नी दोनों वर्किंग हैं। हाल के सालों में इतनी बड़ी संख्या में लोग इस आदत को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं कि उन्हें अंदाजा ही नहीं होता है कि यह उनकी सेहत के लिए कितना सही है?

इस बारे में Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी बताती हैं, "सुबह का नाश्ता न करके सीधे दोपहर का खाना खाने से आपका रात भर की फास्टिंग का समय काफी लंबा खिंच जाता है। इसे एक तरह से आप टाइम-रिस्ट्रिक्टेड ईटिंग (TRE) भी कह सकते हैं, जिससे शरीर के अंदर खास तरह के मेटाबोलिक और शारीरिक बदलाव शुरू हो जाते हैं, जो कि सेहत के लिए सही नहीं है।"

OMH ने एक नई सीरीज की शुरुआत की है, जिसका नाम है, 'आदतः सही या नहीं?’ आज इस लेख में हम यही जानेंगे कि सुबह नाश्ता न करने की आदत आपकी सेहत को किस तरह से प्रभावित करती है और समय पर नाश्ता करने से आपको क्या-क्या फायदे हो सकते हैं?

क्या नाश्ता स्किप करके सीधे लंच करना सही है?

Skipping Breakfast And Eating Direct Lunch Health EffectsSkipping Breakfast And Eating Direct Lunch Health Effects

Stanford Lifestyle Medicine की मानें, तो दिन का पहला खाना दोपहर तक टालना बिल्कुल भी सही नहीं है। हालांकि, ऐसा करने से शरीर में कुल कैलोरी काउंट कम करने में मदद मिलती है, लेकिन इससे हमारा सर्कैडियन रिदम प्रभावित होता है। नतीजतन, नींद प्रभावित होती है, इंसुलिन की संवेदनशीलता और शरीर द्वारा ग्लूकोज को अवशोषित करने की क्षमता पर भी असर पड़ता है।

वहीं, International Journal of Molecular Sciences में प्रकाशित रिव्यू पेपर के अनुसार, दोपहर तक देरी करने से शरीर का सर्कैडियन क्लाॅक और खाने-पीने के समय के बीच का संतुलन बिगड़ जाता है। यही नहीं, इसकी वजह से मेटाबॉलिज्म पर भी बुरा असर पड़ता है।

इसे भी पढ़ें: क्या नाश्ता छोड़ने से मेटाबॉलिज्म हो जाता है स्लो? डॉक्टर से जानें इसका शरीर पर क्या पड़ता है असर

क्या नाश्ता छोड़ना वजन घटाने का सही तरीका है?

Harvard Health Publishing के अनुसार, अक्सर लोग वजन कम करने के लिए सुबह का नाश्ता स्किप करने लगते हैं। माना जाता है कि इससे कैलोरी काउंट का इनटेक कम होता है और वजन कम करने में मदद मिलती है। हकीकत बात यह है कि नाश्ता न करने की आदत वजन कम करने में मददगार साबित नहीं होती है।

नाश्ता न करने से शरीर के मेटाबॉलिज्म पर क्या असर पड़ता है?

इसका जिक्र हमने इस लेख में पहले भी किया है कि जब आप लंबे समय तक सुबह का नाश्ता स्किप करते हैं और सीधे दोपहर का खाना खाते हैं, तो इसकी वजह से मेटाबाॅलिज्म पर बुरा असर पड़ता है। दरअसल, यह आपके सर्कैडियन रिदम को प्रभावित करता है, जिससे इंसुलिन पर असर पड़ता है। नतीजतन, मेटाबोलिक रेट में भी बदलाव नजर आता है।

सुबह का नाश्ता छोड़ने से ऊर्जा के स्तर में गिरावट

डिनर और नाश्ते के बीच करीब 8 से 10 घंटे की फास्टिंग हो जाती है। ऐसे में दिमाग और मांसपेशियों को ऊर्जा के लिए ग्लूकोज (ब्लड शुगर) की जरूरत होती है। वहीं, अगर कोई नियमित रूप से नाश्ता स्किप करता है, तो ऐसे में शरीर को जमा की हुई ग्लाइकोजन एनर्जी पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे सुबह के समय किसी भी चीज पर फोकस होकर काम करने में दिक्कतें आती हैं। ऐसे में सिर में भारीपन, ब्रेन फॉग, चिड़चिड़ापन, थकान और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

इसे भी पढ़ें: वेट लॉस के लिए नाश्ता छोड़ना कितना सही? डॉक्टर से जानें

क्या नाश्ता छोड़ना और इंटरमिटेंट फास्टिंग एक ही है?

अक्सर लोगों को लगता है कि नाश्ता न करना, सीधे लंच करना तथा इंटरमिटेंट फास्टिंग एक ही होती हैं, जबकि यह सच नहीं है। इनके बीच बुनियादी फर्क होता है, जैसे इंटरमिटेंट फास्टिंग प्लांड होती है और इसमें खाने का समय पहले से ही सुनिश्चित होता है। जैसे कई लोग 16 घंटे तक फास्टिंग करते हैं, लेकिन बाकी के 8 घंटे में जरूरत अनुसार दिन भर की कैलोरी ले लेते हैं। यही नहीं, इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान लोग पोषक तत्वों का भी पूरा ध्यान रखते हैं। इसके ठीक उलट, नाश्ता छोड़ना और किसी भी समय लंच करना प्लान नहीं होता है। इसमें लंच करने का समय फिक्स नहीं होता है। ऐसे में कई बार शरीर में पोषण की कमी हो जाती है।

नाश्ता न करने से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं और जोखिम

नाश्ता न करने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे-

  1. ब्रेन फाॅग होना और एनर्जी क्रैश होना।
  2. लंच के दौरान ओवर ईटिंग का रिस्क बढ़ना।
  3. ब्लड शुगर का तेजी से बढ़ना।
  4. पाचन संबंधी समस्या होना और एसिडिटी का बढ़ना।
  5. मेटाबाॅलिज्म पर बुरा प्रभाव पड़ना।

सही समय पर नाश्ता करने के लाभ

Better Health Channel के अनुसार समय पर नाश्ता करने से स्वास्थ्य को कई तरह के लाभ मिलते हैं, जैसे-

  1. वजन का संतुलन बनाए रखने में मददगार।
  2. शरीर में एनर्जी का स्तर संतुलित रहना।
  3. शरीर में पोषक तत्वों की कमी न होना।
  4. ब्रेन पाॅवर का बूस्ट होना।
  5. इम्यूनिटी का बूस्ट होना।

निष्कर्ष

नाश्ता स्किप करना, सीधे लंच करना सेहत के लिए सही नहीं है। इसलिए, अगर आप उन लोगों में से हैं, जिन्होंने नाश्ता स्किप करने को अपनी आदत बना लिया है, तो इसे आज से ही सुधार कर लें। नाश्ता स्किप करने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे थकान, कमजोरी और ब्रेन फाॅगिंग जैसी कई परेशानियों का जोखिम बढ़ जाता है। वहीं, समय पर नाश्ता करने से आप लंच में ओवर ईटिंग नहीं करते हैं और वजन का संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलती है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या नियमित रूप से सुबह का नाश्ता छोड़ने से पित्ताशय की पथरी का खतरा बढ़ता है?

    हां, लंबे समय तक भूखे रहने या सुबह का नाश्ता स्किप करने से पित्ताशय में जमा पित्त समय पर बाहर नहीं निकल पाता। इससे पित्त गाढ़ा होने लगता है और कोलेस्ट्रॉल जमा होकर पित्ताशय की पथरी बनने का जोखिम बढ़ जाता है।
  • यदि सुबह समय की कमी के कारण भारी नाश्ता करना संभव न हो, तो विकल्प के रूप में क्या ले सकते हैं?

    मुट्ठी भर भीगे हुए मेवे जैसे बादाम, अखरोट के साथ एक फल (केला या सेब), भुने चने का सत्तू ड्रिंक या ग्रीक योगर्ट ले सकते हैं। इससे पाचन तंत्र पर बेहतर होता है।
  • क्या सुबह का नाश्ता छोड़ने से महिलाओं के मेंस्ट्रुअल साइकिल पर प्रभाव पड़ता है?

    बिल्कुल, सुबह खाना न खाने से शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। कोर्टिसोल का बढ़ा हुआ स्तर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे रीप्रोडक्टिव हार्मोन्स के संतुलन को प्रभावित कर सकता है, जिससे महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता का जोखिम बढ़ता है।

Read Next

→ प्रोटीन के लिए दाल-पनीर ही नहीं, ये 7 शाकाहारी चीजें भी हैं बेस्ट

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 23, 2026 11:37 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dt Divya Gandhi