प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपने खानपान का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। कई लोगों का ऐसा मानना है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को दोगुना भोजन करना चाहिए या ज्यादा डाइट लेनी चाहिए। ऐसा इसलिए माना जाता है ताकि महिल के गर्भ में पल रहे शिशु को भी पोषण दिया जा सके। हालांकि, प्रेग्नेंसी के दौरान महिला को अपनी भूख और खुद की जरूरत के अनुसार ही भोजन करना चाहिए।
Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida बताती है कि प्रेग्नेंसी में महिला को दो लोगों के बराबर खाना जरूरी है, यह बात पूरी तरह मिथक है और इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। प्रेग्नेंसी में दो लोगों के बराबर खाना नहीं खाना चाहिए, बल्कि दो लोगों के लिए सही पोषण की जरूरत के अनुसार खाना चाहिए। ज्यादा मात्रा में खाना खाने से मां की सेहत के साथ-साथ गर्भ में पल रहे भ्रूण के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
क्या गर्भावस्था में वाकई 'दो लोगों के बराबर' खाना जरूरी है?
Dr.(Prof.) Anju Suryapani कहती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भ में पल रहा भ्रूण शुरुआती महीनों में एक छोटे से बीज या नींबू के आकार का होता है। उसे विकसित होने के लिए अलग से कैलोरी की जरूरत नहीं होती है। पूरी प्रेग्नेंसी में महिलाओं को तिमाही के अनुसार थोड़ी ज्यादा कैलोरी की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन दो लोगों के बराबर भोजन करना जरूरी है यह सिर्फ एक मिथक है।
- पहली तिमाही के दौरान महिला और होने वाले बच्चे को अलग से कैलोरी लेने की जरूरत नहीं होती है। इस समय प्रेग्नेंट महिला को नॉर्मल दिनों की तरह ही संतुलित भोजन करना चाहिए।
- प्रेग्नेंसी के दूसरी तिमाही के दौरान गर्भ में बच्चे के शरीर के अंग बनने शुरू हो जाते हैं। इस दौरान महिलाओं को अपने नॉर्मल डाइट में कैलोरी का सेवन 300 से 350 बढ़ाने की जरूरत होती है। कैलोरी की इस मात्रा को पूरा करने के लिए आप सिर्फ एक कटोरी दाल, एक मुट्ठी नट्स या एक गिलास दूध पी सकते हैं।
- तीसरी तिमाही में गर्भ में बच्चे का वजन तेजी से बढ़ता है। इस समय महिला को रोजाना लगभग 450 ज्यादा कैलोरी की जरूरत होती है। इसे आप एक ज्यादा रोटी, थोड़े से पनीर या एक कटोरी ओट्स के जरिए भी आसानी से ले सकती हैं।
प्रेग्नेंसी के दौरान महिला को दो लोगों के बराबर नहीं, बल्कि थोड़े ज्यादा कैलोरी की जरूरत होती है, जो आसानी से हल्के फूड्स की मदद से पूरी की जा सकती है।
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प्रेग्नेंसी में ज्यादा भोजन करने के नुकसान
साल 2018 में The American Journal of Clinical Nutrition में प्रकाशित रिसर्च स्टडी के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान खाने पर कंट्रोल न करना या बहुत ज्यादा खाने से मां और होने वाले बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। भूख पर कंट्रोल न होने पर बच्चे का जन्म के समय वजन ज्यादा होना, प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ना और डिलीवरी के बाद वजन बढ़ने की समस्या और इसके कारण होने वाली परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। Dr.(Prof.) Anju Suryapani भी कहती हैं कि अगर आप भूख से ज्यादा खाना खाती हैं तो इससे प्रेग्नेंसी में कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है, जैसे-
1. जेस्टेशनल डायबिटीज
प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा मीठा या कैलोरी लेने से आपके शरीर में ब्लड शुगर का लेवल बहुत ज्यादा बढ़ सकता है। यह मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए खतरनाक है।
2. हाई ब्लड प्रेशर
प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा खाने से अचानक वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है, जो महिलाओं में ब्लड प्रेशर को खतरनाक लेवल तक पहुंचा सकती है। इसे प्री-इक्लेसिया कहते हैं। इस स्थिति में मां और बच्चे दोनों की जान का खतरा हो सकता है।
3. बच्चे का वजन ज्यादा बढ़ना
प्रेग्नेंसी के दौरान मां द्वारा ज्यादा खाना खाने पर शुगर और फैट दोनों गर्भ में पल रहे बच्चे तक पहुंच सकता है, जिससे बच्चे का वजन नॉर्मल से बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में नॉर्मल डिलीवरी होने की संभावना कम हो जाती है और सी-सेक्शन का सहारा लेना पड़ता है।
4. सी-सेक्शन की संभावना बढ़ना
प्रेग्नेंसी के दौरान मां और बच्चे दोनों का वजन ज्यादा होने पर सी सेक्शन की संभावना बढ़ जाती है। दरअसल, पेल्विक एरिया में फैट जमा हो जाता है, जिससे लेबर पेन के दौरान बच्चा नेचुरल तरीके से नीचे नहीं खिसक पाता है और सिजेरियन करने की स्थिति बन जाती है।
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डॉक्टर की सलाह
Dr.(Prof.) Anju Suryapani कहती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिला को अपनी भूख और खुराक के हिसाब से ही भोजन करना चाहिए। प्रेग्नेंसी में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के कारण पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। इसलिए, दिन में तीन बार बहुत ज्यादा हैवी भोजन करने के स्थान पर आप हर 2 से 3 घंटे बाद हल्का और हेल्दी भोजन या नाश्ता करें। इससे एसिडिटी और उल्टी दोनों की समस्या से राहत मिल सकती है। इसके साथ ही प्रेग्नेंसी में खट्टा या चटपटा खाने की क्रेविंग होने पर फास्ट फूड खाने के स्थान पर कुछ हेल्दी खाने की कोशिश करें। ध्यान रहे खाने के साथ-साथ आपको अपने हाइड्रेशन का भी खास ध्यान देना है, जिसके लिए दिन भर में 8 से 10 गिलास पानी पिएं। नारियल पानी, छाछ आदि इलेक्ट्रोलाइट्स को भी डाइट में शामिल करें।
निष्कर्ष
प्रेग्नेंसी एक बहुत ही खूबसूरत सफर होता है, इसलिए ज्यादा मात्रा में भोजन करके आप अपने इस सफर को बीमारी का न्यौता न बनाएं। प्रेग्नेंसी के दौरान महिला को सीमित मात्रा में और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करने की जरूरत होती है। इसलिए, शुद्ध, ताजा और पौष्टिक आहार अपनी डाइट में शामिल करें, भूख से ज्यादा खाने से बचें और ज्यादा कैलोरी लेने से बचें।
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गर्भावस्था में कौन से खाद्य पदार्थ सबसे अच्छे होते हैं?
प्रेग्नेंसी के दौरान प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, फोलेट और फाइबर से भरपूर फूड्स जैसे दालें, अंडे, दूध, हरी पत्तेदार सब्जियां और फल जैसे फूड्स खाने चाहिए।
गर्भवती महिला को सुबह-सुबह खाली पेट क्या खाना चाहिए?
प्रेग्नेंट महिलाओं को सुबह खाली पेट 1 से 2 भीगे अखरोट, 3-4 भीगे बादाम और एक केला या सेब खाना चाहिए।
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Jul 16, 2026 15:18 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani