प्रेग्नेंसी के सफर में गर्भनाल की अहम भूमिका होती है। यह एकमात्र ऐसा जरिया है, जिसकी मदद से शिशु तक पोषक तत्व और ऑक्सीजन सप्लाई सही तरह से होते हैं। हालांकि, आपने कई बार सुना होगा कि गर्भस्थ शिशु की गर्दन के आस-पास गर्भनाल लिपट गई है। अमूमन इसे हम एक खतरनाक स्थिति मानते हैं। इसलिए, यह जान लेना जरूरी हो जाता है कि यह स्थिति कितनी खतरनाक है और ऐसी कंडीशन में डाॅक्टर तुरंत क्या करते हैं?
वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "प्रेग्नेंसी के दौरान शिशु की गर्दन में गर्भनाल के लिपट जाने की स्थिति को न्यूकल कॉर्ड (Nuchal Cord) कहा जाता है। यह बिल्कुल जरूरी नहीं है कि गर्भस्थ शिशु की गर्दन में गर्भनाल का लिपट जाना हर बार खतरनाक हो। इसके उलट, यह स्थिति सामान्य है और संपूर्ण रूप से हानिरहित है।"
साल 2017 में Maternal Health, Neonatology and Perinatology में प्रकाशित एक समीक्षा पत्र के अनुसार, लगभग 10 से 29 फीसदी तक गर्भावस्थाओं में गर्भनाल शिशु की गर्दन के चारों ओर लिपट जाती है। ज्यादातर मामलों में यह ढीली होती है और इससे शिशु को कोई नुकसान या प्रसव में बड़ी समस्या नहीं होती।
हालांकि, कुछ मामलों में यह रिस्की भी होता है। अध्ययन में आगे बताया गया है यदि गर्भनाल शिशु की गर्दन के चारों ओर बहुत कसकर लिपट जाती है, तो यह शिशु में गले घुटने जैसा प्रभाव डाल सकती है और इसकी वजह से गर्भनाल की रक्त वाहिकाओं पर भी दबाव पड़ता है। ऐसे में शिशु के शरीर में ऑक्सीजन का स्तर प्रभावित होता है और ब्लड फ्लो भी कम हो जाता है।
किन स्थितियों में गर्भनाल का लिपटना खतरनाक नहीं है?
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गर्भनाल का ढीला होकर लिपटना
डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "आमतौर पर गर्भनाल का ढीला होकर गर्भस्थ शिशु की गर्दन में लिपटना पूरी तरह सुरक्षित होता है। इसमें गर्भनाल काफी ढीली होती है, जिससे शिशु की गर्दन पर कोई दबाव नहीं पड़ता है और गर्भनाल पर कोई प्रेशर पड़ता है। इस दौरान शिशु तक सभी जरूरी पोषक तत्व और ऑक्सीजन सप्लाई सामान्य तौर पर होती रहती है।"
मूवमेंट में दिक्कत न होना
शिशु के आस-पास गर्भनाल लिपटने के बावजूद वह अच्छी तरह और आसानी से मूव कर पाता है। डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि कई बार शिशु के मूवमेंट की वजह से गर्भनाल अपने आप गर्दन से बाहर चली जाती है। यह भी सामान्य और गैर खतरनाक स्थिति है।
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डिलीवरी सामान्य होना
शिशु के गर्दन में लिपटी गर्भनाल तब भी संकट का विषय नहीं होती है, जब उसे डिलीवरी के दौरान आसानी से सिर के ऊपर से निकालकर अलग कर दिया जाता है। इसका मतलब है कि शिशु का विकास सही तरह से हुआ है और डिलीवरी में कोई अड़चन या दिक्कतें नहीं आई हैं।
किन स्थितियों में गर्भनाल का लिपटना खतरनाक है?
गर्दन में कसकर लिपटना
जब गर्भस्थ शिशु की गर्दन में गर्भनाल कसकर लिपट जाती है, तो इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है। यह एक खतरनाक स्थिति है। Maternal Health, Neonatology and Perinatology के अनुसार, गर्भनाल तब टाइट हो जाती है, जब यह एक बार नहीं, बल्कि दो या तीन बार शिशु की गर्दन के आस-पास लिपट जाती है।
ब्लड फ्लो पर असर
निश्चित रूप से जब गर्भस्थ शिशु की गर्दन में गर्भनाल बहुत कसकर बंध जाती है, तो इसकी वजह से उनके शरीर में ब्लड फ्लो बाधित हो सकता है, जिससे बच्चे के शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई कम हो जाती है। ऐसे में शिशु के विकास पर नकारात्मक असर पड़ता है।
मूवमेंट पर असर
गर्दन के आस-पास गर्भनाल के लिपटने के कारण वह सामान्य से छोटी हो जाती है। ऐसे में शिशु के लिए गर्भ के अंदर मूवमेंट करना काफी मुश्किल हो जाता है। यही नहीं, छोटी गर्भनाल शिशु को नीचे की तरफ खिसकने से रोक सकती है। प्रसव के दौरान यह समस्या पैदा कर सकती है।
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डाॅक्टर की सलाह
डॉ. शोभा गुप्ता सलाह देती हैं, "गर्भावस्था शिशु की गर्दन में गर्भनाल के लिपटने के कारण अक्सर गर्भवती महिलाएं डर जाती हैं, लेकिन आप इसे इमरजेंसी स्थिति न समझें। कई बार मूवमेंट के दौरान बच्चा खुद ब खुद गर्भनाल को गर्दन से निकाल देता है। हालांकि, प्रेग्नेंट महिलाओं को अपने शिशु के मूवमेंट पर गौर करना चाहिए। अगर गर्भ में उसकी मूवमेंट कम हो गई है, तो एक बार अपने डाॅक्टर से मिलकर जान लेना चाहिए कि सब ठीक है या नहीं।" डॉ. शोभा गुप्ता आगे कहती हैं, "शिशु के विकास की सही रिपोर्ट जानने के लिए डाॅक्टर शिशु के हार्ट रेट को मॉनिटर करते हैं। अगर हार्ट रेट सही है, तो समझ जाएं कि शिशु स्वस्थ है। इसके अलावा, कोई भी समस्या होने पर डॉक्टर आपको सटीक जानकारी दे देते हैं।"
Cureus Journal of Medical Science में प्रकाशित वैज्ञानिक अध्ययन से पता चलता है, उल्टे पैदा होने वाले शिशुओं की गर्दन में गर्भनाल (Nuchal Cord) लिपटी भी हो, तो भी इससे वजाइनल डिलीवरी की सफलता दर पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता है।
निष्कर्ष
गर्भस्थ शिशु की गर्दन में गर्भनाल का लिपटना पूरी तरह सामान्य होता है। इस स्थिति के संबंध में गर्भवती महिलाओं को ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। हालांकि, कुछ मामलों में यह रिस्की हो सकता है। जैसे गर्भनाल का दो या तीन बार शिशु की गर्दन में लिपटना। ऐसा होने पर गर्भनाल दब जाती है और शिशु तक ऑक्सीजन सप्लाई कम हो जाती है। अगर आप नोटिस करें कि बच्चा कम मूवमेंट कर रहा है, तो एक बार जांच करा लेना चाहिए। इससे शिशु के स्वास्थ्य के बारे में सटीक जानकारी मिल जाती है।
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FAQ
क्या अल्ट्रासाउंड से यह पता लगाया जा सकता है कि गर्भनाल शिशु की गर्दन में कितनी बार और कितनी कसी हुई लिपटी है?
कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड (Color Doppler Ultrasound) की मदद से गर्भनाल के लूप्स (Loops) की संख्या और उसमें हो रहे रक्त प्रवाह की जानकारी मिल सकती है।क्या प्रेग्नेंसी के दौरान सोने की पोजीशन से गर्भनाल लिपटने का खतरे को टाला जा सकता है?
नहीं, सोने की पोजीशन का गर्भनाल लिपटने से कोई संबंध नहीं है।
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Sep 15, 2026 12:54 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta