कई बार शरीर गर्म महसूस होता है, तो थर्मामीटर लगाकर देखा जाता है। अगर तापमान 99°F दिखाई देता है, तो कुछ लोग बिना डॉक्टर की सलाह लिए खुद ही हल्का बुखार मानकर तुरंत पैरासिटामोल ले लेते हैं, जबकि कुछ बिना ध्यान दिए अपने काम में लग जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर तापमान 99°F दिखे, तो क्या यह बुखार है या फिर नॉर्मल है, ऐसे में व्यक्ति को क्या करना चाहिए? इस बारे में हमने Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Multispeciality Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि शरीर का तापमान दिनभर एक जैसा नहीं रहता। इसमें मामूली बदलाव होना सामान्य है। इसलिए सिर्फ थर्मामीटर में 99°F दिखाई देने से यह नहीं कहा जा सकता कि व्यक्ति को बुखार है। इसके साथ दूसरे लक्षणों और तापमान मापने के तरीके को भी समझना जरूरी है।
शरीर का तापमान 99°F है तो क्या यह नॉर्मल है?
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “शरीर का सामान्य तापमान आमतौर पर 98.6°F यानी लगभग 37°C माना जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर समय शरीर का तापमान यही रहेगा। किसी व्यक्ति का सामान्य तापमान थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है। यहां तक कि एक ही व्यक्ति के शरीर का तापमान सुबह और शाम में अलग-अलग हो सकता है। आमतौर पर देखा गया है कि सुबह शरीर का तापमान थोड़ा कम रहता है, जबकि शाम के समय इसमें मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा, फिजिकल एक्टिविटी, मौसम, स्ट्रेस और हार्मोन में बदलाव भी शरीर के तापमान को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए अगर शरीर का तापमान 99°F है और खुद को थकान या कमजोरी महसूस नहीं हो रही, तो सिर्फ रीडिंग के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है।”
क्या 99°F को हल्का बुखार माना जाता है?
Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि आमतौर पर वयस्कों के मुंह में थर्मामीटर लगाकर शरीर का तापमान मापा जाता है। इसलिए अगर थर्मामीटर पर तापमान 100.4°F यानी 38°C या इससे ज्यादा हो, तो ही बुखार माना जाता है। हालांकि, बुखार की पहचान में यह भी महत्वपूर्ण है कि तापमान कहां और कैसे मापा गया है। बगल, कान और मुंह से तापमान मापने पर रीडिंग अलग हो सकती है। ऐसे में 99°F की एक रीडिंग को अपने आप बुखार मान लेना सही नहीं होगा। इसलिए अगर थर्मामीटर पर तापमान 100°F आ रहा है, तो डॉक्टर को दिखाकर ही दवा लें।
Cleveland Clinic के मुताबिक, आमतौर पर मुंह से मापे जाने पर 100.4°F (38°C) के तापमान को बुखार माना जाता है। अगर मलाशय और कान के थर्मामीटर से मापा जाता है, तो करीब 1.0°F (0.6°C) अधिक तापमान मापा जाता है। वहीं माथे पर मापने पर मुंह के मुकाबले करीब 1.0°F (0.6°C) कम तापमान माना जाता है।
99 degree fever or normal
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शरीर का तापमान 98.6°F से ज्यादा क्यों हो सकता है?
Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा कि शरीर का तापमान अलग-अलग दिखने के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए लोगों को सिर्फ 99 डिग्री देखकर खुद से दवा लेने की गलती नहीं करनी चाहिए। शरीर का तापमान अलग-अलग होने के कई कारण हो सकते हैं।
- शरीर में तापमान को नियंत्रित करने की प्राकृतिक प्रक्रिया होती है। इसलिए कई बार दिन में गर्मी होने पर शरीर का तापमान ज्यादा दिख सकता है। सुबह उठकर थर्मामीटर से चेक करेंगे, तो यह कम भी हो सकता है।
- अगर कोई तेज चलकर या एक्सरसाइज करके आया है, तो उस समय उसके शरीर का तापमान ज्यादा हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत थर्मामीटर से चेक करने के बजाय थोड़ी देर आराम करने के बाद शरीर का तापमान जांचें।
- कई बार स्ट्रेस या शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव भी तापमान पर असर पड़ सकता है। इसलिए अगर थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी हो, तो घबराना चाहिए।
99°F तापमान के साथ किन लक्षणों पर ध्यान दें?
Dr. Vineeta Singh Tandon के अनुसार, सिर्फ थर्मामीटर पर दिखाई देने वाला नंबर आपकी पूरी सेहत के बारे में नहीं बताता। कई बार तापमान ज्यादा होने का कारण इंफेक्शन की शुरुआत भी हो सकती है। अगर शरीर में दर्द या कमजोरी लगने जैसे लक्षण महसूस हो, तो डॉक्टर को दिखाएं। इसके अलावा, इन लक्षणों पर जरूर ध्यान दें।
- अगर तापमान 99°F है और साथ में गले में दर्द, खांसी या नाक बहने की शिकायत है, तो यह किसी वायरल संक्रमण या दूसरी परेशानी का शुरुआती संकेत हो सकता है।
- कुछ लोगों को इंफेक्शन होने पर शरीर में दर्द, थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।
- कभी-कभी तापमान बढ़ने की शुरुआत में ठंड लग सकती है। सिरदर्द भी किसी बीमारी के साथ दिखाई दे सकता है। हालांकि, हर सिरदर्द या ठंड लगने का मतलब बुखार नहीं होता। इसलिए दूसरे लक्षणों को भी देखना जरूरी है।
थर्मामीटर से तापमान मापते समय किन बातों का ध्यान रखें?
Dr. Vineeta Singh Tandon सलाह देती हैं कि थर्मामीटर से तापमान मापते समय इन खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- अगर पहली बार तापमान 99°F आया है और कोई लक्षण महसूस नहीं हो रहे, तो कुछ समय बाद दोबारा चेक करें।
- मुंह से तापमान मापने पर जो रीडिंग आती है, जरूरी नहीं कि वही बगल या कान से भी मिले। इसलिए थर्मामीटर का इस्तेमाल करते हुए उसके निर्देशों का ध्यान रखें।
शरीर का तापमान 99°F होने पर क्या करें?
Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा कि अगर तापमान 99°F है और व्यक्ति को नॉर्मल महसूस हो रहा है, तो तुरंत पैरासिटामोल न लें। बिना वजह बुखार की दवा लेने के बजाय पहले लक्षणों पर ध्यान दें। दवा की जरूरत व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य की स्थिति और परेशानी के अनुसार तय होती है। अगर हल्की थकान महसूस हो, तो आराम करें। बुजुर्गों, इम्यून सिस्टम कमजोर और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अपने लक्षणों पर खासतौर पर ध्यान देना चाहिए।
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निष्कर्ष
अगर तापमान लगातार बढ़ रहा है, बुखार कई दिनों तक बना रहता है या खांसी, बदन दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण बिगड़ रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें। वैसे आमतौर पर शरीर का तापमान 99°F होना अपने आप में बुखार का संकेत नहीं है। इसलिए इतना तापमान होने पर तुरंत दवा न लें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह पर ही किसी भी तरह की दवा लें।
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FAQ
गर्म चाय, कॉफी या ठंडे पानी के तुरंत बाद तापमान मापने से क्या गलती होती है?
गर्म ड्रिंक्स मुंह के टिश्यू का तापमान कुछ समय के लिए बढ़ा सकते हैं, जिससे थर्मामीटर में रीडिंग 1 से 2 डिग्री तक गलत आ सकती है। कुछ भी गर्म या ठंडा खाने-पीने, धूम्रपान करने या ब्रश करने के बाद हमेशा कम से कम 15 से 20 मिनट रुककर ही मुंह से तापमान मापें।क्या महिलाओं में ओव्यूलेशन या पीरियड्स के दौरान 99°F तापमान पहुंचना सामान्य है?
पीरियड्स के दौरान या ओव्यूलेशन में प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन लेवल काफी बढ़ जाता है। इस हॉर्मोन के कारण शरीर का बेसल बॉडी टेम्परेचर (BBT) 0.5°F से 1°F तक बढ़ जाता है, जिससे कई बार तापमान बिना किसी बीमारी के भी 99°F के आसपास बना रहता है।
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Oct 27, 2026 19:35 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon
