Mon Oct 19, 2026 | 09:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Ujjawal Kumar , Senior Consultant - Cardiology at the Sarvodaya Hospital, Faridabad

ब्लड प्रेशर 140/90 है, क्या यह नॉर्मल है? जानें कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है

ब्लड प्रेशर थोड़ा सा बढ़ने पर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि ब्लड प्रेशर का थोड़ा-बहुत ऊपर नीचे होना नॉर्मल है। इस बारे में डॉक्टर की क्या सलाह हैं? जानने के लिए यह लेख जरूर पढ़ें।
ब्लड प्रेशर 140/90 है, क्या यह नॉर्मल है? जानें कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी हैब्लड प्रेशर 140/90 है, क्या यह नॉर्मल है? जानें कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है

अगर ब्लड प्रेशर चेक कराने पर रीडिंग 140/90 mmHg आती है, तो कई बार लोग इसे नॉर्मल मान लेते हैं, तो कुछ लोगों के मन में सवाल उठता है कि यह नॉर्मल से ज्यादा है, तो क्या यह हाई ब्लड प्रेशर का लक्षण तो नहीं है? अक्सर 30 से 40 साल की उम्र में ऐसी रीडिंग देखकर कई लोग इसे स्ट्रेस या थकान का असर मानकर टाल देते हैं, लेकिन अगर अलग-अलग दिनों में ब्लड प्रेशर बार-बार इतना या इससे ज्यादा आता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस बारे में हमने Dr. Ujjawal Kumar, Senior Consultant, Cardiology, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि कई लोगों को लंबे समय तक कोई खास लक्षण महसूस नहीं होते, लेकिन बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर हार्ट, दिमाग, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।

ब्लड प्रेशर 140/90 होने का क्या मतलब है?

Dr. Ujjwal Kumar कहते हैं, “ब्लड प्रेशर की रीडिंग में दो नंबर होते हैं। पहला नंबर उस दबाव को बताता है, जब दिल धड़कते समय खून पंप करता है। दूसरा नंबर उस दबाव को दर्शाता है, जब हार्ट दो धड़कनों के बीच आराम कर रहा होता है।”

  • 140 (सिस्टोलिक) हार्ट के सिकुड़ने पर धमनियों पर पड़ने वाला दबाव है।
  • 90 (डायस्टोलिक) में हार्टबीट के बीच हार्ट के रेस्ट करने के दौरान धमनियों पर पड़ने वाला दबाव है।

उन्होंने कहा, “ऐसे में 140/90 mmHg की रीडिंग को सामान्य नहीं माना जा सकता। हालांकि, इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि अगर कभी एक बार इतना ब्लड प्रेशर आ गया, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर नहीं माना जा सकता है। कई बार स्ट्रेस या फिजिकल एक्टिविटी के बाद ज्यादा ब्लड प्रेशर आ सकता है, लेकिन किसी का ब्लड प्रेशर रेगुलर 140/90 mmHg आ रहा है, तो डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी है।”

क्या ब्लड प्रेशर 140/90 होना खतरनाक हो सकता है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, जब ब्लड प्रेशर 140/90 mmHg या उससे ऊपर होता है, तो यह हाइपरटेंशन की कंडीशन होती है। इसमें ब्लड वेसल्स में खून का दबाव बहुत ज्यादा हो जाता है। अगर इसका समय पर ध्यान न दिया जाए या इलाज न कराया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकता है।

American Heart Association के मुताबिक, अगर ब्लड प्रेशर 140/90 mmHg है और यह रेगुलर है, तो इसे हाइपरटेंशन स्टेज 2 माना जाता है। इस कंडीशन में मरीज को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। ब्लड प्रेशर के अलग-अलग स्टेज कुछ इस तरह है।

ब्लड प्रेशर कैटेगरी 

सिस्टोलिक mm Hg (ऊपर की संख्या)

डायस्टोलिक mm Hg (नीचे की संख्या)

सामान्य 

120 से कम

80 से कम

बढ़ा हुआ

120−129

80 से कम

हाई ब्लड प्रेशर: स्टेज 1 

130−139

80−89

हाई ब्लड प्रेशर: स्टेज 2 

140 या उससे अधिक

90 या उससे अधिक

गंभीर हाइपरटेंशन

180 से अधिक

120 से अधिक

हाइपरटेंसिव इमरजेंसी 

180 से अधिक

120 से अधिक

क्या 140/90 ब्लड प्रेशर होने पर कोई लक्षण दिखाई देते हैं?

Dr. Ujjwal Kumar ने कहा, “हाई ब्लड प्रेशर की पहचान करने में लक्षणों की पुष्टि न होना ही सबसे बड़ी दिक्कत है। ज्यादातर लोगों को शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते। कई बार उन्हें पता ही नहीं चलता कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है। इस कारण वे कई सालों तक ब्लड प्रेशर ही चेक नहीं कराते और इन वजह से कई बार उन्हें अचानक हार्ट व किडनी की समस्या हो सकती है।”

Dr. Ujjwal Kumar ने बताया कि कुछ लोगों को सिरदर्द, चक्कर, बेचैनी या धुंधला दिखाई देने जैसी शिकायतें हो सकती हैं। नाक से खून आना भी कुछ मामलों में हो सकता है, लेकिन इन लक्षणों के आधार पर अकेले हाई बीपी की पुष्टि नहीं की जा सकती। अगर बीपी बढ़ा हुआ है और ये लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से चेकअफ जरूर कराएं।

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क्या 140/90 ब्लड प्रेशर में दवा शुरू करनी पड़ती है?

Dr. Ujjwal Kumar का कहना है, “इस कंडीशन में दवा शुरू करनी है या नहीं, इसका फैसला हर मरीज के लिए एक जैसा नहीं होता। इसमें देखा जाता है कि मरीज का ब्लड प्रेशर कितनी बार बढ़ा हुआ आ रहा है, उम्र क्या है और क्या मरीज को डायबिटीज, किडनी या हार्ट से जुड़ी बीमारी है या नहीं। कुछ लोगों को डाइट, रेगुलर फिजिकल एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल में बदलाव करने की सलाह दी जा सकती है। वहीं, अगर बीपी लगातार बढ़ा हुआ है या कोई और भी समस्या है, तो दवा शुरू करने की सलाह दी जा सकती है। इसमे सबसे जरूरी है कि मरीज को न तो खुद से दवा शुरू करनी चाहिए और न ही ब्लड प्रेशर नॉर्मल होने पर बंद कर देना चाहिए।”

क्या प्रेग्नेंसी में 140/90 ब्लड प्रेशर होना खतरनाक है?

Dr. Ujjwal Kumar कहते हैं, “प्रेग्नेंसी में ब्लड प्रेशर बढ़ने को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए। इस दौरान 140/90 mmHg या उससे ज्यादा की रीडिंग आने पर डॉक्टर को जल्द से जल्द दिखाना चाहिए। ऐसी कंडीशन प्रेग्नेंसी से जुड़े प्रीक्लेम्पसिया का लक्षण हो सकात है। अगर प्रेग्नेंट महिला को तेज सिरदर्द, आंखों के सामने धुंधलापन, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, चेहरे या हाथों में अचानक सूजन अथवा सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और किसी भी तरह के घरेलू नुस्खे न आजमाएं।”

घर पर ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने के लिए क्या करें?

Dr. Ujjwal Kumar ने सलाह दी है कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपने लाइफस्टाइल और डाइट पर ध्यान देना चाहिए।

  • खाने में नमक की मात्रा सीमित रखें।
  • रोजाना एक्सरसाइज या तेज कदमों से जरूर चलें।
  • अपने वजन को कंट्रोल में रखें।
  • फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और कम फैट वाले फूड ही डाइट में शामिल करें।
  • धूम्रपान, तंबाकू और शराब से परहेज करें।
  • रोजाना पर्याप्त नींद लें।
  • योग, प्राणायाम या मेडिटेशन से स्ट्रेस मैनेज करने की कोशिश करें।
  • घर पर ब्लड प्रेशर मापते हैं, तो रीडिंग और समय लिखकर रखें। इससे डॉक्टर को बीपी के पैटर्न को समझने में मदद मिल सकती है।

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निष्कर्ष
अगर ब्लड प्रेशर की रीडिंग 140/90 आती है, तो घबराहट में किसी भी तरह की दवा या हर्बल प्रोडक्ट्स न लें और न ही इसे इग्नोर करें। यह हाइपरटेंशन का दूसरा स्टेज है, इसलिए मरीज को अपनी डाइट और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना चाहिए। डॉक्टर से रेगुलर चेकअप कराएं, ताकि भविष्य में होने वाले गंभीर नुकसानों से बचा जा सके।

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FAQ

  • क्या बुजुर्गों में 140/90 बीपी को सामान्य माना जाता है?

    उम्र बढ़ने के साथ आर्टरी सख्त होने लगती हैं, जिससे सिस्टोलिक बीपी थोड़ा बढ़ जाता है। 60 से 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों में अगर सिस्टोलिक बीपी 130 से 140 mmHg के आस-पास रहे और कोई अन्य बीमारी जैसे शुगर या किडनी रोग न हो, तो डॉक्टर इसे नॉर्मल मान सकते हैं, लेकिन इसकी रेगुलर जांच बहुत जरूरी है। 
  • क्या रात को सोने से पहले बीपी की दवा लेना सुबह की तुलना में ज्यादा फायदेमंद होता है?

    डॉक्टर की सलाह पर बीपी की दवा रात को लेने से रात के समय बीपी के अचानक बढ़ने पर कंट्रोल रहता है। इससे सुबह-सुबह होने वाले स्ट्रोक और हार्ट अटैक का रिस्क काफी कम हो जाता है। हालांकि, अपनी दवा का समय सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही बदलें।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 19, 2026 18:29 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Ujjawal Kumar