Sun Nov 8, 2026 | 07:22 PM IST

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दिवाली की मिठाई खाने के बाद उल्टी-दस्त हों तो क्या करें? फूड पॉइजनिंग के संकेत जानें

दिवाली पर मिठाई खाने के बाद उल्टी, दस्त और पेट दर्द होना फूड पॉइजनिंग का संकेत हो सकता है। यहां डॉक्टर से जानिए, इसके शुरुआती लक्षण, तुरंत क्या करें और किन स्थितियों में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
दिवाली की मिठाई खाने के बाद उल्टी-दस्त हों तो क्या करें? फूड पॉइजनिंग के संकेत जानेंदिवाली की मिठाई खाने के बाद उल्टी-दस्त हों तो क्या करें? फूड पॉइजनिंग के संकेत जानें

दीपावली का त्योहार मिठाइयों के बिना अधूरा माना जाता है। इस मौके पर घरों में लड्डू, बर्फी, पेड़ा, काजू कतली और तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। लोग एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर त्योहार की खुशियां मनाते हैं लेकिन त्योहार के दौरान खाने-पीने में की गई छोटी सी लापरवाही से सेहत बिगड़ सकती है। खासकर बाजार में मिलने वाली खुली, मिलावटी या खराब मिठाइयां खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। KIMS हॉस्पिटल्स, महादेवपुरा बेंगलुरु के लीड और सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, कई बार मिठाई खाने के कुछ घंटों बाद अचानक पेट में दर्द, मरोड़, उल्टी और दस्त की समस्या शुरू हो जाती है। कुछ लोगों को इसके साथ बुखार, कमजोरी और चक्कर भी महसूस हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को केवल सामान्य अपच समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है।

दिवाली की मिठाई खाने के बाद उल्टी-दस्त हों तो क्या करें?

प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और मरोड़ जैसी परेशानियां फूड पॉइजनिंग के लक्षण हो सकते हैं। दरअसल, दूषित भोजन में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस या उनके द्वारा बनाए गए टॉक्सिन शरीर में पहुंचकर डाइजेस्टिव सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं।

1. शरीर में पानी की कमी न होने दें

प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज बताते हैं कि फूड पॉइजनिंग होने पर बार-बार उल्टी और दस्त के कारण शरीर से पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकलने लगते हैं। इससे डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए उल्टी-दस्त होने पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें। इसके लिए ओआरएस का घोल सबसे बेहतर विकल्प है।एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लिक्विड लेना बेहतर होता है।

2. हल्का और आसानी से पचने वाला खाना खाएं

अगर मिठाई खाने के बाद पेट खराब हो गया है, तो कुछ समय के लिए भारी और तला-भुना खाना खाने से बचें। इस दौरान खिचड़ी, केला और हल्का भोजन लिया जा सकता है। शरीर की स्थिति के अनुसार भोजन करना जरूरी है। लंबे समय तक भूखे रहने की जरूरत नहीं है।

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3. आराम करें और शरीर को रिकवर होने दें

फूड पॉइजनिंग के दौरान शरीर इंफेक्शन या दूषित भोजन के प्रभाव से लड़ रहा होता है। ऐसे में कमजोरी, थकान और चक्कर महसूस हो सकते हैं। इसलिए पर्याप्त आराम करें और शरीर को रिकवर होने का समय दें। इस दौरान भारी फिजिकल एक्टिविटीज करने से बचें। अगर उल्टी और दस्त के कारण कमजोरी लगातार बढ़ रही है, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

4. बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न लें

उल्टी और दस्त होने पर कई लोग खुद से दवाएं लेना शुरू कर देते हैं। कुछ लोग दस्त रोकने वाली दवाएं या एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल भी करते हैं। ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। फूड पॉइजनिंग के सभी मामलों में एंटीबायोटिक्स की जरूरत नहीं होती। इसका इलाज इंफेक्शन के कारण और लक्षणों की गंभीरता के आधार पर किया जाता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें।

National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, फूड पॉइजनिंग के ज्यादातर मामलों में लोग बिना किसी मेडिकल इलाज के अपने आप ठीक हो जाते हैं। इसके इलाज का सबसे मुख्य तरीका शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी (डिहाइड्रेशन) को रोकना है। इसके लिए खूब तरल पदार्थ पिएं। कुछ मामलों में डॉक्टर की सलाह से ओवर-द-काउंटर दवाइयां भी मदद कर सकती हैं। उल्टी बंद होने और भूख वापस आने पर आप धीरे-धीरे अपना सामान्य खाना शुरू कर सकते हैं, भले ही दस्त (डायरिया) जारी हों। यदि आपके बच्चे को फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

Food Poisoning treatmentFood Poisoning treatment

फूड पॉइजनिंग के ये संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं

प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज सलाह देते हैं कि दिवाली की मिठाई खाने के बाद उल्टी और दस्त होना हमेशा गंभीर समस्या नहीं होती, लेकिन कुछ लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • अगर बार-बार उल्टी हो रही है और व्यक्ति पानी भी नहीं पी पा रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • इसके अलावा मल में खून आना, तेज बुखार, पेट में बहुत ज्यादा दर्द, पेशाब कम होना, मुंह सूखना और चक्कर आना गंभीर संकेत हो सकते हैं।
  • ये शरीर में पानी की कमी या गंभीर इंफेक्शन के लक्षण हो सकते हैं।

दिवाली पर फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान

प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज सलाह देते हैं कि त्योहार के दौरान मिठाइयां खरीदते समय उनकी क्वालिटी और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। खुली हुई मिठाइयां, जिनकी साफ-सफाई और रखरखाव का ध्यान नहीं रखा गया है, खाने से बचें। लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखी मिठाइयां खराब हो सकती हैं। इसके अलावा खाना खाने से पहले हाथ धोएं और साफ बर्तनों का इस्तेमाल करें।

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निष्कर्ष

दिवाली पर मिठाइयों का स्वाद त्योहार की खुशियों को बढ़ा देता है, लेकिन दूषित या खराब मिठाई खाने से फूड पॉइजनिंग की समस्या हो सकती है। उल्टी-दस्त होने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न होने दें, ओआरएस पिएं और हल्का भोजन करें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से बचें। अगर तेज बुखार, खून वाले दस्त, लगातार उल्टी या डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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FAQ

  • मिठाई खाने के कितने समय बाद फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखाई दे सकते हैं?

    इसके लक्षण कुछ घंटों में भी दिखाई दे सकते हैं और कुछ मामलों में एक-दो दिन या उससे ज्यादा समय बाद भी शुरू हो सकते हैं। 
  • क्या फूड पॉइजनिंग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है?

    कुछ प्रकार के इंफेक्शन, खासकर वायरस से होने वाले इंफेक्शन, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क या दूषित हाथों और सतहों के जरिए फैल सकते हैं। इसलिए साफ-सफाई जरूरी है।
  • क्या फ्रिज में रखी मिठाई खाने से भी फूड पॉइजनिंग हो सकती है?

    हां, फ्रिज में रखने से हर तरह के बैक्टीरिया खत्म नहीं होते। गलत तरीके से स्टोर की गई या लंबे समय तक रखी मिठाई दूषित हो सकती है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Nov 08, 2026 17:30 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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