Sun Nov 8, 2026 | 05:04 PM IST

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दिवाली पर पटाखे या दीया जलाते समय हाथ जल जाए तो तुरंत करें ये 5 काम, भूलकर भी न करें ये गलतियां

दिवाली पर दीया या पटाखे जलाते समय हाथ जल जाए तो प्रभावित हिस्से को तुरंत ठंडे बहते पानी के नीचे रखें। यहां डॉक्टर से जानिए, जलने पर सही प्राथमिक उपचार यानी फर्स्ट एड क्या करें और किन चीजों को लगाने से बचें?
दिवाली पर पटाखे या दीया जलाते समय हाथ जल जाए तो तुरंत करें ये 5 काम, भूलकर भी न करें ये गलतियांदिवाली पर पटाखे या दीया जलाते समय हाथ जल जाए तो तुरंत करें ये 5 काम, भूलकर भी न करें ये गलतियां

दिवाली पर घर को सजाने से लेकर दीये जलाने और पटाखे फोड़ने तक कई तरह की तैयारियां की जाती हैं लेकिन त्योहार की खुशियों के बीच छोटी सी लापरवाही किसी को भी परेशानी में डाल सकती है। खासकर दीया जलाते समय गर्म तेल गिरना या पटाखे की चिंगारी हाथ पर पड़ने जैसी समस्याएं अक्सर दिवाली के समय होती हैं। कई बार पटाखे जलाते समय हाथ में अचानक आग लग जाती है, जिससे स्किन पर जलन, लालिमा, सूजन और छाले पड़ सकते हैं। KIMS हॉस्पिटल्स, महादेवपुरा बेंगलुरु के लीड और सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाए जाएं। अक्सर लोग हाथ जलने पर टूथपेस्ट, घी, नारियल तेल या बर्फ लगाने लगते हैं, उन्हें लगता है कि इससे जलन कम हो जाएगी, लेकिन ये तरीके जली हुई स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

पटाखे से हाथ जल जाए तो तुरंत क्या करें?

प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, दीया या पटाखे से हाथ जलने पर तुरंत सही प्राथमिक उपचार (First Aid) करना जरूरी होता है। इससे स्किन को होने वाले नुकसान को कम करने और इंफेक्शन के जोखिम से बचने में मदद मिल सकती है।

1. जले हुए हाथ को तुरंत ठंडे पानी के नीचे रखें

अगर पटाखे की चिंगारी, दीये की लौ या गर्म तेल से हाथ जल जाए, तो सबसे पहले प्रभावित हिस्से को ठंडे बहते पानी के नीचे रखें। ऐसा कम से कम 15 मिनट तक करें। इससे स्कि की गर्मी कम करने और जलने से होने वाले नुकसान को सीमित करने में मदद मिलती है। ध्यान रखें कि पानी सामान्य ठंडा होना चाहिए। जले हुए हिस्से पर बर्फ या बहुत ठंडा पानी इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे स्किन को और नुकसान पहुंच सकता है।

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2. हाथ से अंगूठी, कड़ा और घड़ी उतार दें

हाथ जलने के बाद प्रभावित हिस्से में सूजन आ सकती है। ऐसे में अगर हाथ में अंगूठी, चूड़ी, कड़ा या घड़ी पहनी है, तो उन्हें जल्द से जल्द उतार दें। सूजन बढ़ने के बाद इन चीजों को निकालना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, अगर कोई आभूषण या कपड़ा स्किन से चिपक गया है, तो उसे जबरदस्ती खींचकर निकालने की कोशिश न करें। इससे स्किन और ज्यादा छिल सकती है।

3. जले हुए हिस्से को साफ कपड़े से ढकें

हाथ को ठंडे पानी से ठंडा करने के बाद प्रभावित हिस्से को साफ और नॉन-स्टिक ड्रेसिंग या स्टेराइल गॉज से हल्के से ढक दें। इससे जली हुई स्किन को धूल, गंदगी और बाहरी इंफेक्शन से बचाने में मदद मिल सकती है। ध्यान रखें कि पट्टी बहुत कसकर न बांधें। जले हुए हिस्से पर रूई या ऐसा कपड़ा न लगाएं, जिसके रेशे स्किन पर चिपक सकते हैं।

first aid after burnfirst aid after burn

4. छाले पड़ने पर उन्हें फोड़ने की गलती न करें

जलने के बाद स्किन पर पानी से भरे छोटे या बड़े छाले पड़ सकते हैं। कई लोग इन्हें देखकर फोड़ देते हैं, लेकिन ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल, छालों को फोड़ने से इंफेक्श का खतरा बढ़ सकता है और घाव भरने में ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए छालों को खुद से न फोड़ें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

5. गंभीर जलने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं

अगर पटाखे से हाथ बुरी तरह जल गया है, स्किन सफेद या काली पड़ गई है, हाथ में सुन्नपन महसूस हो रहा है या बड़े छाले बन गए हैं, तो घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत अस्पताल जाएं। पटाखों से हुए गहरे घावों को नजरअंदाज करना गंभीर हो सकता है।

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हाथ जलने पर भूलकर भी न करें ये गलतियां

प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज सलाह देते हैं कि हाथ जलने पर कुछ घरेलू नुस्खे अपनाना नुकसानदायक हो सकता है।

  • कई लोग जले हुए हिस्से पर टूथपेस्ट, घी, तेल या हल्दी लगा देते हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
  • इन चीजों से स्किन को ठंडक पहुंचने के बजाय जलन बढ़ सकती है और घाव की जांच या इलाज करना मुश्किल हो सकता है।
  • इसी तरह जली हुई स्किन पर सीधे बर्फ न लगाएं और छालों को न फोड़ें। अगर कपड़े का कोई हिस्सा जली हुई त्वचा से चिपक गया है, तो उसे खींचकर हटाने की कोशिश न करें।
  • इसके अलावा, गंभीर जलने पर केवल दर्द कम करने वाली दवाओं या घरेलू उपायों के भरोसे न रहें।

साल 2023 में Eplasty जर्नल में प्रकाशित स्टडी के से पता चलता है कि माता-पिता और अन्य वयस्कों दोनों में बच्चों के जलने पर दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की जानकारी बहुत कम है। यहां तक कि टूथपेस्ट जैसे गलत घरेलू नुस्खों का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। माता-पिता और गैर-माता-पिता दोनों का ज्ञान लेवल लगभग एक जैसा ही कमजोर पाया गया। इससे यह साफ होता है कि हमारे समाज में लोगों को सही और सुरक्षित प्राथमिक उपचार के बारे में शिक्षित करने की बहुत जरूरत है, ताकि गलत धारणाओं को दूर किया जा सके और बच्चों को गंभीर समस्याओं से बचाया जा सके।

निष्कर्ष

दिवाली पर पटाखे या दीये जलाते समय हाथ जलना एक आम दुर्घटना हो सकती है, लेकिन सही समय पर प्राथमिक उपचार करने से स्थिति को गंभीर होने से बचाया जा सकता है। हाथ जलने पर सबसे पहले प्रभावित हिस्से को 15 मिनट तक ठंडे बहते पानी के नीचे रखें, अंगूठी और घड़ी जैसी चीजें उतारें और जली हुई स्किन को साफ ड्रेसिंग से ढकें। टूथपेस्ट, घी, तेल या बर्फ लगाने जैसी गलतियों से बचें। अगर जलन गहरी है या बड़े छाले पड़ गए हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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FAQ

  • क्या पटाखे की चिंगारी से जली स्किन पर निशान हमेशा रह जाता है?

    नहीं, हर बार ऐसा नहीं होता। स्किन कितनी गहराई तक जली है और घाव किस तरह भरता है, इस पर निशान रहने की संभावना निर्भर करती है।
  • क्या जलने के बाद हाथ को खुला छोड़ना चाहिए?

    जली हुई स्किन को खुला छोड़ने से धूल और गंदगी लग सकती है। इसलिए प्राथमिक उपचार के बाद इसे साफ ड्रेसिंग से ढकना बेहतर होता है।
  • क्या हाथ जलने के बाद पानी वाले छाले अपने आप ठीक हो जाते हैं?

    छोटे छाले अक्सर समय के साथ ठीक हो सकते हैं, लेकिन बड़े या गंभीर छालों की डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। इन्हें खुद से फोड़ना नहीं चाहिए।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Nov 08, 2026 17:01 IST

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