दिवाली में पटाखे जलाने का अपना ही मजा आता है। चारों तरफ पटाखों का शोर, लोगों के मन में हर्षोल्लास भर देता है। हालांकि, दिवाली में पटाखों से हाथ-पांव जलने का रिस्क भी रहता है। आपने देखा होगा कि पटाखों से हाथ या पांव जलने पर कई लोग तुरंत टूथपेस्ट लगा लेते हैं। सवाल है, क्या वाकई जले हुए घाव पर टूथपेस्ट लगाना सही होता है?
इस बारे में राजौरी गार्डन स्थित Advanced Skin Clinic की Founder, Aesthetic Physician, Cosmetologist And Skin Specialist डॉ. करुणा मल्होत्रा स्पष्ट करती हैं, "अगर त्वचा पटाखों से जल जाए, तो इस पर भूलकर भी टूथपेस्ट न लगाएं। यह सही नहीं है। टूथपेस्ट जैसे प्रोडक्ट जले हुए पर लगाने से घाव और गहरा हो सकता है तथा उसमें इंफेक्शन का रिस्क भी रहता है। यही नहीं, व्यक्ति को कई अन्य परेशानियां भी हो सकती हैं। इसलिए, पटाखों से त्वचा जल जाए, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।"
दिवाली पर जलने के घाव पर टूथपेस्ट लगाना सही है या नहीं?
Is It Safe To Use Toothpaste On Skin Burn Caused By Diwali Firecrackers
Archives of Academic Emergency Medicine में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, त्वचा जल जाए, तो टूथपेस्ट लगाना बिल्कुल सही नहीं है। इसकी वजह से कई अन्य परेशानियां हो सकती हैं। इस बारे में डॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं-
- जले हुए पर टूथपेस्ट भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए। टूथपेस्ट लगाने से यह त्वचा की ऊपरी लेयर में हीट को ब्लॉक कर देता है। इससे गर्मी टिश्यूज में सीमित हो जाती हैं, जिससे जलन बढ़ जाती है और घाव भी त्वचा में गहराई तक फैल जाता है।
- टूथपेस्ट दांतों की क्लीनिंग करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कई ऐसे तत्व होते हैं, जो त्वचा की जलन और सूजन को बढ़ा सकते हैं। असल में, टूथपेस्ट में खुरदरे तत्व और फ्लोराइड जैसी चीजें होती हैं। इससे पहले से ही डैमेज हुई त्वचा और ज्यादा खराब हो सकती है। यहां तक कि चुभन और दर्द भी बढ़ सकता है।
- क्या आप जानते हैं कि घाव में टूथपेस्ट लगाने से संक्रमण और ज्यादा बढ़ जाता है? इसलिए, जरूरी है कि आप अपने जले हुए घाव पर कोई भी ऐसी चीज न लगाएं, जिससे बैक्टीरिया उत्पन्न हो सकते हैं, संक्रमण फैल सकता है और स्थायी निशान बनने का जोखिम बढ़ जाता है।
- अगर आप जलने के तुरंत बाद टूथपेस्ट लगाते हैं, तो इसकी वजह से आपको सही ट्रीटमेंट नहीं मिल पाता है। समय पर इलाज न होना और टूथपेस्ट लगाने से ट्रीटमेंट जटिल हो सकता है। यहां तक कि जब डॉक्टर घाव की सफाई करते हैं, तो इससे जलन और बढ़ जाती है। दरअसल, टूथपेस्ट सूखकर त्वचा पर सख्त परत बना लेता है, जिसे हटाने के लिए डॉक्टर को घाव को खुरचना पड़ता है; इससे मरीज को असहनीय दर्द होता है।
इसे भी पढ़ें: दिवाली पर पटाखों का धुआं हार्ट के मरीजों के लिए क्यों बन सकता है जानलेवा? मानें डॉक्टर की सलाह
पटाखे से त्वचा जलने पर तुरंत राहत के लिए क्या करें?
- पानी डालेंः वैसे तो दिवाली में सावधानी से पटाखे जलाने चाहिए। अगर इसके बावजूद, त्वचा जल जाए, तो तुरंत उस पर पानी डाल दें। ध्यान रखें कि जली हुई जगह पर बर्फ न डालें, बल्कि नलके का रनिंग वॉटर यूज करना बेहतर होता है। करीब 10-20 मिनट तक पानी डालते रहें। इससे जलन कम होगी।
- ज्वेलरी खोलेंः अगर आपने ज्वेलरी पहनी हुई है और वही हिस्सा जला है, तो सावधानी से इन सबको उतार दें। यहां तक कि कोई भी हिस्सा जल जाए, आप तुरंत ढीले कपड़ों में आ जाएं। ध्यान रखें कि जलने पर त्वचा में सूजन आ सकती है। टाइट कपड़े या ज्वेलरी से आपकी असहजता और समस्या दोनों बढ़ सकती है।
- घाव को प्रोटेक्ट करेंः जली हुई त्वचा पर कोई ऐसी चीज न लगाएं, जिससे संक्रमण हो सके या बैक्टीरिया पनप सके। खासकर, घाव पर किसी तरह का कपड़ा न रखें। इससे छाले पड़ सकते हैं और घाव संक्रामक हो सकता है।
- घरेलू उपाय न अपनाएंः कई लोग त्वचा जलने पर तुरंत घरेलू उपचार करने लगते हैं, जैसे एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करना, घी लगाना या हल्दी का लेप उपयोग करना। जली हुई त्वचा पर ऐसा कुछ न लगाएं। बेहतर होगा कि आप सीधे डॉक्टर के पास जाएं और अपना इलाज कराएं।
- पेन किलर लेंः अगर आपको जले हुए पर काफी ज्यादा दर्द हो रहा है कि उसे सहना मुश्किल है, तो ऐसे में आप डॉक्टर की सलाह पर पेन किलर ले सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: धूल से खांसी क्यों होती है? दिवाली में घर की सफाई के बीच डॉक्टर से जानें कारण और बचाव टिप्स
निष्कर्ष
पटाखों का त्यौहार दिवाली लोगों को खुशियों से भर देता है। लेकिन, इसमें सावधानी बरतनी भी जरूरी है। कई बार दिवाली में पटाखे जलाते हुए कभी हाथ या कभी पैर जल जाते हैं, जिससे त्वचा में जलन पैदा हो सकती है। अगर त्वचा गहराई तक जल जाए, तो आप बिना लापरवाही किए जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाएं और अपना ट्रीटमेंट करवाएं। अगर समस्या कम है, तो भी प्रभावित हिस्से में टूथपेस्ट लगाने से बचें।
All Image Credit: Magnific
FAQ
पटाखों से जलने की किस स्थिति को थर्ड-डिग्री बर्न माना जाता है?
जब त्वचा सफेद, मोम जैसी, सूखी या कोयले जैसी काली पड़ जाए और दर्द महसूस होना बंद हो जाए, तो यह थर्ड-डिग्री बर्न होता है। इसमें तुरंत मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए।जलन शांत करने के लिए बर्फ क्यों नहीं लगाना चाहिए?
बर्फ लगाने से रक्त वाहिकाएं अचानक सिकुड़ जाती हैं, जिससे प्रभावित हिस्से में खून का दौरा रुक जाता है। ऐसे में घाव और गहरा हो जाता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Nov 06, 2026 15:34 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra
