Sun Nov 8, 2026 | 01:57 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

गर्दन के दर्द से पाना है छुटकारा? तो आज ही बदलें अपने सोने का तरीका

गर्दन के दर्द से राहत पाने के लिए सोने की सही पोजीशन और तकिए का सही चुनाव करना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप पीठ के बल या करवट लेकर सोएं और पेट के बल सोने से बचना चाहिए। 
गर्दन के दर्द से पाना है छुटकारा? तो आज ही बदलें अपने सोने का तरीकागर्दन के दर्द से पाना है छुटकारा? तो आज ही बदलें अपने सोने का तरीका

वर्तमान में गर्दन में दर्द एक आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करना, गलत पोश्चर में बैठना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और मांसपेशियों में खिंचाव इसके बड़े कारण हैं। कई बार सुबह उठते ही गर्दन में अकड़न, दर्द या सिर घुमाने में परेशानी महसूस हो सकती है। इसका एक बड़ा कारण सोने की गलत पोजीशन या ऐसा तकिया इस्तेमाल करना भी हो सकता है, जो गर्दन को सही सपोर्ट नहीं देता है। इसलिए, आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानते हैं कि गर्दन के दर्द से राहत पाने के लिए सोने का सही तरीका क्या होना चाहिए?

गर्दन के दर्द में सोने की सबसे अच्छी पोजीशन कौन-सी है?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, गर्दन के दर्द में ऐसी पोजीशन में सोना बेहतर होता है, जिसमें सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी एक नेचुरल सीध में रहें। आमतौर पर पीठ के बल या करवट लेकर सोना बेहतर माना जाता है।

1. पीठ के बल सोना

गर्दन के दर्द से परेशान लोगों के लिए पीठ के बल सोना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इस पोजीशन में शरीर का वजन समान रूप से डिवाइड रहता है और सही तकिया इस्तेमाल करने पर गर्दन को सही सपोर्ट मिलता है। हालांकि, आप इन बातों का ध्यान रखें-

  • ऐसा तकिया चुनें, जो सिर को बहुत ऊपर या नीचे न उठाए।
  • गर्दन की बनावट को सपोर्ट देने वाले तकिए का इस्तेमाल करें।
  • बहुत ऊंचे या बहुत सख्त तकिए का इस्तेमाल करने
  • जरूरत पड़ने पर घुटनों के नीचे छोटा सा तकिया रख सकते हैं, ताकि कमर को आराम मिले।

साल 2017 में The Journal of Physical Therapy Science में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार गर्दन के दर्द से राहत के लिए पीठ के बल या करवट लेकर सोना सबसे अच्छा माना जाता है। पीठ के बल सोते समय अपना हाथ माथे पर रखने से गर्दन की ऊपरी ट्रेपेजियस और स्केलीन मांसपेशियों की गतिविधि और खिंचाव काफी बढ़ जाता है।

2. करवट लेकर सोना

करवट लेकर सोना भी गर्दन के दर्द में आरामदायक हो सकता है। इस पोजीशन में सबसे जरूरी है कि तकिए की ऊंचाई कंधे और सिर के बीच की जगह के अनुसार हो, ताकि गर्दन एक तरफ झुके नहीं। सोने के दौरान सिर और गर्दन को रीढ़ की हड्डी के साथ सीध में रखें। तकिया इतना ऊंचा हो कि सिर नीचे की ओर न झुके और नही ज्यादा ऊपर उठे। इसके साथ ही कंधे को तकिए के ऊपर रखने के बजाय गद्दे पर आराम से टिकाएं। अगर किसी एक करवट में दर्द बढ़ता है तो दूसरी करवट आजमाएं या डॉक्टर से सलाह लें।

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3. पेट के बल सोने से बचें

गर्दन में दर्द होने पर पेट के बल सोना आमतौर पर सही नहीं माना जाता है। इस पोजीशन में सांस लेने के लिए सिर को लंबे समय तक दाएं या बाएं घुमाकर रखना पड़ता है। इससे गर्दन की मांसपेशियों और जोड़ों पर ज्यादा प्रेशर पड़ सकता है। अगर आपको सुबह उठने पर गर्दन में अकड़न या दर्द महसूस होता है और आप पेट के बल सोते हैं तो धीरे-धीरे पीठ या करवट लेकर सोने की आदत अपनाने की कोशिश करें।

गर्दन के दर्द में सही तकिया कैसे चुनें?

Dr. Akshay Chugh के मुताबिक सही तकिए का चुनाव गर्दन को आराम देने में अहम भूमिका निभाता है। हालांकि,हर व्यक्ति के लिए एक ही तरह का तकिया इस्तेमाल करना सही नहीं होता है। तकिए का चुनाव आपकी सोने की पोजीशन, कंधों की चौड़ाई और शरीर की बनावट के हिसाब से होना चाहिए।

  • ऐसा तकिया चुनें जो गर्दन और सिर को नेचुरल स्थिति में रखें।
  • तकिया इतना मुलायम न हो कि सिर उसमें बहुत ज्यादा धंस जाए और न इतना सख्त कि दबाव बढ़ जाए।
  • करवट लेकर सोने वालों को अक्सर पीठ के बल सोने वालों की तुलना में थोड़े ऊंचे तकिए की जरूरत हो सकती है।
  • तकिया इस्तेमाल करने के बाद गर्दन एक तरफ झुकी हुई महसूस नहीं होनी चाहिए।

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गर्दन के दर्द से बचने के लिए सोने से पहले क्या करें?

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि सोने से पहले कुछ छोटी-छोटी आदतें गर्दन पर पड़ने वाले प्रेशर को कम करने में मदद मिल सकती हैं-

  • सोने से पहले लंबे समय तक गर्दन झुकाकर मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
  • मांसपेशियों में अकड़न होने पर आरामदायक गर्म सिकाई करें, ताकि राहत मिल सके।
  • अगर दर्द तेज नहीं है तो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह के अनुसार हल्की गर्दन की एक्सरसाइज कर सकते हैं। दर्द बढ़ने पर तुरंत रोक दें।
  • ऐसा गद्दा चुनें, जो शरीर को सही सपोर्ट दे और रीढ़ की नेचुरल स्थिति बनाए रखने में मदद करे।

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गर्दन के दर्द में कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

हर तरह का गर्दन दर्द नॉर्मल मांसपेशियों के खिंचाव के कारण नहीं होता है। कभी-कभी यह सर्वाइकल स्पाइन, नसों पर प्रेशर या अन्य मेडिकल समस्या से भी जुड़ा हो सकता है। इसलिए, अगर आपको ये लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें-

  • गर्दन का दर्द कई दिनों तक बना रहे या लगातार बढ़ता जाए।
  • दर्द कंधे, हाथ या उंगलियों तक फैलने लगे।
  • हाथों में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो।
  • गर्दन घुमाने में बहुत ज्यादा परेशानी महसूस हो।
  • चोट या दुर्घटना के बाद गर्दन में दर्द शुरू हो जाए।

निष्कर्ष
गर्दन के दर्द से पीठ के बल या करवट लेकर सोना अक्सर बेहतर विकल्प हो सकता है। ध्यान, रखें कि आपके सिर और गर्दन को सही सपोर्ट मिले। पेट के बल सोने से बचना और अपनी जरूरत के अनुसार सही तकिया चुनना भी आपके लिए जरूरी है। इस बात का ध्यान रखें कि गर्दन के दर्द को सिर्फ गलत सोने की पोजीशन मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर दर्द लगातार बना रहता है या हाथों में सुन्नपन, झनझनाहट या कमजोरी होती है तो समय पर डॉक्टर से जांच करवाएं।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • किस विटामिन की कमी से गर्दन में दर्द होता है?

    विटामिन डी और विटामिन बी 12 की कमी के कारण हड्डियों और मांसपेशियों में कमजोरी आ सकती है, जो गर्दन के दर्द का एक बड़ा कारण बन सकती है।
  • सर्वाइकल कितने दिनों में ठीक हो सकता है?

    नॉर्मल सर्वाइकल का दर्द सही आराम, फिजियोथेरेपी और डॉक्टर की सलाह से आमतौर पर 2 से 3 हफ्ते के अंदर ठीक हो सकता है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Nov 08, 2026 13:17 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh