अचार का पानी यानी पिकल जूस आजकल हेल्थ एक्सपर्ट्स और फिटनेस लवर्स के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है? जी हां, जिस पिकल जूस को हमारी दादी-नानी पेट की गड़बड़ी, कमजोरी या गर्मी से राहत के लिए घरेलू नुस्खे की तरह इस्तेमाल करती थीं, वही अब मॉडर्न हेल्थ ट्रेंड के रूप में वापस आ रहा है। दरअसल, पिकल जूस में नमक, मसाले और फर्मेंटेशन से बने प्रोबायोटिक गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी पिकल जूस पीने के फायदे को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं, कोई इसे मसल क्रैम्प्स का इलाज बता रहा है, तो कोई डाइजेशन सुधारने का आसान तरीका। इस लेख में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानिए, Pickle Juice पीने के क्या फायदे हैं और इसे बनाने का तरीका क्या है?
Pickle Juice पीने के फायदे क्या हैं?
डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, ''अचार का पानी सीमित मात्रा में लिया जाए तो यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में मदद कर सकता है।''
- पिकल जूस को सही मात्रा में पीने से कई फायदे मिल सकते हैं। इसमें मौजूद सोडियम और पोटैशियम शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखते हैं, जिससे कमजोरी और चक्कर आने की समस्या कम हो सकती है।
- यह डाइजेशन को बेहतर बनाता है और आंतों के गुड बैक्टीरिया को सपोर्ट करता है।
- एक्सरसाइज के बाद मसल क्रैम्प्स में भी पिकल जूस मददगार माना जाता है।
- डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, ''गर्मी या डायरिया के बाद शरीर में नमक की कमी को पूरा करने में पिकल जूस उपयोगी हो सकता है।''
इसे भी पढ़ें: क्या गर्भावस्था के दौरान अचार खाना सुरक्षित है? जानें कब खाएं, कितना खाएं और कौन सा अचार खाएं
पिकल जूस कैसे बनाएं?
घर पर पिकल जूस बनाना बेहद आसान है और इसके लिए किसी खास प्रोसेस की जरूरत नहीं होती। सबसे पहले खीरा, गाजर, नींबू या कच्चा आम लें। इन्हें अच्छी तरह धोकर काट लें। अब एक कांच के जार में सब्जियां डालें और ऊपर से उबला व ठंडा किया हुआ पानी डालें। इसमें स्वादानुसार सेंधा नमक, थोड़ी हल्दी, सरसों के दाने और सिरका या नींबू का रस मिलाएं। जार को ढककर 4-5 दिन धूप में रखें। जब सब्जियां अच्छी तरह फर्मेंट हो जाएं, तो यही पानी नेचुरल पिकल जूस कहलाता है। अर्चना जैन बताती हैं कि घर का बना पिकल जूस बाजार के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और हेल्दी होता है।
अचार का जूस प्रतिदिन कितना पीना चाहिए?
यह सवाल सबसे ज्यादा अहम है कि दिन में कितना पिकल जूस पी सकते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन कहती हैं कि पिकल जूस कोई हेल्थ ड्रिंक नहीं बल्कि एक सपोर्टिव उपाय है। सामान्य व्यक्ति को दिन में अधिकतम 30-50 मिलीलीटर से ज्यादा पिकल जूस नहीं लेना चाहिए। ज्यादा मात्रा में लेने से हाई ब्लड प्रेशर, एसिडिटी और किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, क्योंकि इसमें सोडियम की मात्रा अधिक होती है।
इसे भी पढ़ें: मोरिंगा का अचार खाने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, डायटिशियन से जानें

किन लोगों को पिकल जूस नहीं पीना चाहिए
हर व्यक्ति के लिए पिकल जूस फायदेमंद नहीं होता। हाई बीपी, किडनी डिजीज, एसिडिटी, गैस या पेट के अल्सर से पीड़ित लोगों को इसे पीने से बचना चाहिए। प्रेग्नेंट महिलाओं को भी बिना डॉक्टर की सलाह के पिकल जूस नहीं लेना चाहिए। अर्चना जैन का कहना है, ''अगर किसी को पहले से कोई मेडिकल कंडीशन है, तो पिकल जूस को डेली डाइट का हिस्सा बनाने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूरी है।''
निष्कर्ष
पिकल जूस हमेशा घर पर बना और साफ-सुथरे तरीके से फर्मेंट किया हुआ होना चाहिए। बाजार के अचार के पानी में प्रिजर्वेटिव और ज्यादा नमक हो सकता है, जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसे खाली पेट पीने से बचें और कभी भी पानी की जगह इसका इस्तेमाल न करें। अचार का पानी कोई चमत्कारी इलाज नहीं है, लेकिन सही मात्रा में और सही लोगों के लिए यह फायदेमंद हो सकता है। डाइटिशियन अर्चना जैन के मुताबिक, सेहत के लिए किसी भी चीज की अति नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए पिकल जूस को संतुलित डाइट के साथ ही शामिल करें।
All Images Credit- Freepik
FAQ
पिकल जूस क्या होता है?
पिकल जूस अचार बनने के बाद बचा हुआ खट्टा-नमकीन पानी होता है, जिसमें नमक, मसाले, नींबू और फर्मेंटेशन से बने अच्छे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं।क्या खाली पेट पिकल जूस पी सकते हैं?
खाली पेट पिकल जूस पीने से एसिडिटी और जलन की समस्या हो सकती है। इसे हमेशा खाने के बाद या जरूरत पड़ने पर ही लें।क्या प्रेग्नेंट महिलाएं पिकल जूस पी सकती हैं?
प्रेग्नेंसी में बिना डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के पिकल जूस नहीं लेना चाहिए, क्योंकि ज्यादा नमक नुकसानदायक हो सकता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Feb 02, 2026 12:20 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Feb 02, 2026 12:20 IST
Modified By : Akanksha TiwariJan 30, 2026 10:18 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Archana Jain