दिवाली की तैयारियां शुरू हो चुकी है और इस मौके पर अपनों को ड्राई फ्रूट्स देना सबसे आम गिफ्ट है। दिवाली के गिफ्ट्स में काजू-बादाम खरीदते हुए जब ये अलग-अलग आकार, रंग और कीमत के दिखते हैं, तो समझ ही नहीं आता कि कौन-से अच्छे हैं और कौन-से मिलावटी है। कुछ काजू बिल्कुल सफेद दिखाई देते हैं, तो कुछ हल्के पीले नजर आते हैं और कुछ ऐसे ही बादाम कुछ बहुत बड़े तो कुछ आकार में बहुत ही छोटे होते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि कहीं इनमें मिलावट (How to Check Fake Almonds and Cashews) तो नहीं है? इस बारे में हमने Meena Kumari, Chief Dietician - Dietetics, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि काजू और बादाम खरीदते समय सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि मेवों का दिखने में अलग होना, उनका खराब हो जाना और उनमें मिलावट होना तीन अलग-अलग बातें हैं। केवल रंग, आकार या कीमत देखकर किसी मेवे को नकली नहीं कहा जा सकता।
क्या काजू-बादाम में मिलावट की पहचान रंग देखकर कर सकते हैं?
Meena Kumari कहती हैं, “काजू और बादाम में प्रोटीन, फाइबर, अनसैचुरेटेड फैट और कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स होते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि काजू और बादाम कई अलग-अलग किस्मों और आकार के होना सामान्य है। कुछ बादाम लंबे और पतले होते हैं, तो कुछ छोटे और मोटे होते हैं। इसी तरह काजू का रंग हल्का क्रीम या थोड़ा गहरा हो सकता है। इसलिए बहुत सफेद काजू को हमेशा शुद्ध और थोड़े गहरे काजू को नकली मान लेना सही नहीं है। अगर मेवों में फफूंद, नमी, कीड़े या खराब होना दिखे, तो उन्हें बिल्कुल भी नहीं खरीदना चाहिए।”
काजू-बादाम खरीदते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान
Meena Kumari बताती है कि सोशल मीडिया पर भी नकली और असली काजू-बादाम पहचानने के कई तरीके बताए जाते हैं। कोई पानी में भिगोकर जांचने की सलाह देता है, तो कोई रंग या स्वाद देखकर शुद्धता पहचानने का दावा करता है, लेकिन सबसे जरूरी है कि काजू और बादाम खरीदते समय रंग, आकार, बनावट और एक्सपायरी जरूर चेक करें।
1. रंग और बनावट देखना
Meena Kumari ने कहा, “जब भी मार्केट से काजू या बादाम खरीदें, तो उसकी बाहरी बनावट जरूर देखें। आमतौर पर काजू हल्के क्रीम रंग के होते हैं, जबकि छिलके वाले बादाम की बाहरी त्वचा भूरी होती है। हालांकि, किस्म और प्रोसेसिंग के कारण इनके रंग में अंतर हो सकता है। कई लोग बहुत सफेद काजू खरीदना पसंद करते हैं, लेकिन काजू का बहुत सफेद या चमकदार दिखना कई बार पोलिशिंग के कारण भी हो सकता है।”
2. काजू-बादाम की गंध पहचानें
Meena Kumari ने बताया कि कई बार देखने में काजू-बादाम बिल्कुल ठीक लगते हैं, लेकिन उनमें से अजीब गंध आने लगती है। ताजे मेवों में आमतौर पर हल्की, सामान्य नटी खुशबू होती है। अगर उनसे बासी तेल जैसी, खट्टी या असामान्य गंध आ रही है, तो यह उनके खराब होने का संकेत हो सकता है। दरअसल, काजू और बादाम में नेचुरल फैट होता है, जो समय के साथ ऑक्सिडाइज हो सकता है। इस प्रक्रिया को रैंसिडिटी कहा जाता है। अगर काजू-बादाम बहुत लंबे समय से पड़े रहते हैं, तो इससे मेवों की गंध और स्वाद खराब हो सकते हैं।
3. स्वाद न लगना या कोई स्वाद ही न आना
Meena Kumari का कहना है, “कई लोग काजू-बादाम खरीदते समय एक-दो मेवे चखकर उनकी क्वालिटी समझने की कोशिश करते हैं। अगर मेवों का स्वाद बासी, बहुत कड़वा या असामान्य लगे, तो उन्हें खाना बंद कर देना चाहिए। कई बार काजू-बादाम खाते समय उसमें कोई स्वाद ही नहीं आता, तो भी उसे लेने से बचना चाहिए। कई बार मिलावटी काजू-बादाम में कोई स्वाद ही नहीं होता।
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4. पैकेट पर FSSAI नंबर और एक्सपायरी डेट देखें
Meena Kumari के मुताबिक, अगर कोई पैकेटबंद काजू-बादाम खरीद रहे हैं, तो केवल ब्रांड या पैकेट की डिजाइन देखकर फैसला न करें। सबसे पहले लेबल पर दी गई जानकारी पढ़ें। इसमें सामग्री, शुद्ध वजन, निर्माता का नाम, पैकिंग या निर्माण संबंधी जानकारी, एक्सपायरी या इस्तेमाल करने की आखिरी तारीख और FSSAI लाइसेंस जरूर पढ़ें। पैकेट की सील टूटी हुई हो, पैकिंग फटी हो या अंदर नमी दिखाई दे, तो उसे न खरीदें।
5. बहुत कम कीमत देखकर तुरंत न खरीदें
Meena Kumari कहती हैं, “कई बार काजू-बादाम लोग कम कीमत देखकर खरीद लेते हैं। वैसे तो कई बार उनकी किस्म, आकार और ग्रेड की वजह से भी कीमत कम हो सकती है, लेकिन अगर कीमत बहुत ज्यादा कम हो या किसी भी तरह का कोई लेबल न हो, तो ऐसे काजू-बादाम खरीदने से बचें।”
खुले काजू-बादाम खरीदते समय क्या देखें?
Meena Kumari कहती हैं कि कुछ लोग गिफ्ट करने के लिए खुले में काजू-बादाम खरीद लेते हैं। ऐसे में इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।
- खुले में मेवे खरीदते हुए हाइजीन का खास ध्यान रखना चाहिए।
- मेवों में नमी, धूल और कीड़े तो नहीं लगे हुए हैं।
- खुले में लंबे समय से रखे मेवों की क्वालिटी पर असर पड़ सकता है, इसलिए गंध और स्वाद देखकर लें।
- बहुत टूटे हुए काजू और बादाम खरीदने से बचें।
Journal of Science Food में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, छिले हुए बादामों को 25 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा गया। चार महीने बाद बादामों में दिखाई देने वाली खराबी नजर आने लगी थी। जो काफी नमी में रखे गए थे, उनमें दो महीने में ही फफूंद बढ़ गई थी। बादामों में ऑक्सीकरण होने के कारण कड़वापन भी आ गया था। इस रिसर्च से पता चलता है कि बादामों को सही तरीके से रखना भी जरूरी है। इसलिए जब भी खुले में खरीदे, तो उसे कैसे रखा गया है, यह चेक करना जरूरी है।
क्या घर पर नकली काजू-बादाम की पहचान की जा सकती है?
Meena Kumari ने कहा, “वैसे तो सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जाते हैं। इसमें काजू-बादाम को पानी में भिगोकर, रगड़कर या जलाकर शुद्धता पहचानना शामिल है, लेकिन हर तरह की मिलावट की पहचान करने वाला कोई एक भरोसेमंद घरेलू टेस्ट उपलब्ध नहीं है। इसलिए मिलावट या असली नकली की पहचान बनावट, गंध, रंग या स्वाद के आधार पर ही की जा सकती है।”
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निष्कर्ष
काजू-बादाम खरीदते समय सिर्फ उनके रंग, आकार या कीमत के साथ-साथ इसकी बनावट, गंध, पैकेजिंग, लेबल और हाइजीन पर ध्यान दें। फफूंद, कीड़े या खराब गंध वाले मेवों को न खरीदें और न खाएं। खुले में काजू या बादाम खरीदते समय साफ-सफाई का खास ख्याल रखें और अगर उसमें स्वाद न आ रहा हो, तो ऐसे काजू या बादाम न खरीदें।
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FAQ
बादाम पर चढ़े गेरू या केमिकल रंग की पहचान रुई से कैसे करें?
एक साफ सफेद रुई या टिश्यू पेपर को हल्के पानी या सैनिटाइजर से गीला करें। इसे बादाम के छिलके पर तेजी से रगड़ें। अगर रुई पर लाल, नारंगी या गहरा कत्थई रंग उतर आता है, तो बादाम को केमिकल या गेरू से रंगा गया है ताकि वह ताजा और महंगा दिखे।क्या मेवों पर मिनरल ऑयल या मोम की परत चढ़ाई जाती है?
ड्राई फ्रूट्स को चमकीला दिखाने और वजन बढ़ाने के लिए उन पर लिक्विड पैराफिन या मिनरल ऑयल छिड़का जाता है। ऐसे काजू या बादाम को हथेली पर रखकर थोड़ी देर मसलें। अगर हाथ पर चिपचिपापन, मोम जैसा अहसास या अस्वाभाविक चिकनाई छूटती है, तो वे वैक्स-कोटेड हैं।
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Oct 28, 2026 13:32 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dt Meena Kumari
