आंखों के नीचे मौजूद त्वचा की ऊपरी लेयर के नीचे सुपरफिशियल फैट पैड मौजूद होते हैं। यानी एक फैट की लेयर मौजूद होती है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, आंखों के आस-पास मौजूद ऑर्बिटल लिगामेंट एरिया ढीला पड़ने लगता है और त्वचा कोलाजन को लूज करना शुरू कर देती है। इस वजह से आंखों के नीचे के हिस्से की त्वचा के भीतर मौजूद फैट पैड्स सूजन के रूप में दिखाई देने लगते हैं। ये फैट पैड्स अपनी पोजीशन को शिफ्ट करके नीचे खिसक जाते हैं जिस वजह से आंखों के नीचे सूजन या फूला हुआ हिस्सा नजर आने लगता है। इस कंडीशन को अंडर आई बैग्स या Puffy Eyes कहा जाता है। आइए समझते हैं कि इससे छुटकारा पाने के लिए किन उपायों की मदद ले सकते हैं और इसका कारण क्या है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Chandni Jain Gupta, Dermatologist, Cosmetologist And Hair Transplant Surgeon At Elantis Healthcare, New Delhi से बात की।
Mayo Clinic के मुताबिक,
आंखों के नीचे सूजन आमतौर पर कॉस्मेटिक समस्या होती है और यह ज्यादातर मामलों में गंभीर बीमारी से संबंधित नहीं पाई गई है। घर पर किए जाने वाले उपाय, जैसे ठंडी सिकाई, इनके दिखने में सुधार कर सकते हैं। अगर आंखों के नीचे सूजन बनी रहती है या परेशान करती है, तो सर्जरी की मदद ले सकते हैं।
Puffy Eyes के क्या कारण हैं?
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एजिंग
जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, आंखों के नीचे की त्वचा पतली होने लगती है और त्वचा के भीतर मौजूद फैट बाहर की ओर उभर आता है। इस वजह से आंखों के नीचे सूजन नजर आती है।
वॉटर रिटेंशन
हार्मोनल असंतुलन या ज्यादा नमक के सेवन के कारण वॉटर रिटेंशन (शरीर में पानी जमा होने) की समस्या हो सकती है। आंखों के नीचे की त्वचा पतली होती है इसलिए वॉटर रिटेंशन होने पर फर्क साफ पता चलता है।
अनियमित पीरियड्स, थायराइड, हाई बीपी
- अनियमित पीरियड्स या थायराइड होने पर भी आंखों के नीचे का हिस्सा सूजन भरा दिख सकता है।
- जिन लोगों को हाई बीपी की समस्या होती है उनमें भी Puffy Eyes की समस्या हो सकती है।
- बीपी की डोज में बदलाव भी इसका एक कारण हो सकता है।
एलर्जी
कुछ एलर्जी के कारण भी आंखों के नीचे सूजन नजर आ सकती है। साइनस इंफेक्शन या एटोपिक डर्मेटाइटिस के कारण भी आंखों के नीचे सूजन नजर आ सकती है।
पेट के बल सोना
पेट के बल सोने के कारण चेहरा नीचे की ओर होता है। इस वजह से भी आंखों के नीचे सूजन नजर आ सकती है। इस वजह से सुबह उठने के बाद आंखों के नीचे या चेहरे पर सूजन नजर आ सकती है। हालांकि, जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा, सूजन धीरे-धीरे कम होने लगेगी।
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आंखों के नीचे हल्की सूजन को कैसे दूर करें?
| आंखों के नीचे सूजन की श्रेणी | इलाज |
| हल्की सूजन | ठंडी सिंकाई, कैफीन युक्त अंडर आई क्रीम |
| मध्यम सूजन | टियर ट्रफ फिलर्स (इंजेक्शन) |
| गंभीर सूजन | आईलिड सर्जरी (ब्लेफेरोप्लास्टी) |
ठंडी सिंकाई
अगर आंखों के नीचे हल्की सूजन है, तो ठंडी सिंकाई की मदद ले सकते हैं। चम्मच को फ्रीजर में रखकर ठंडा कर लें, सुबह उठकर चम्मच के पीछे वाले भाग से आंखों के नीचे ठंडी सिंकाई करें। इस तरह सूजन कम करने में मदद मिलेगी। चम्मच के अलावा ठंडे टी बैग, खीरे या आलू की स्लाइस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे 5 से 10 मिनट रखकर राहत मिल सकती है।
कैफीन युक्त अंडर आई क्रीम
आंखों के नीचे आई सूजन को कम करने के लिए कैफीन युक्त अंडर आई क्रीम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। कैफीन के इस्तेमाल से ब्लड वेसल्स का साइज घटेगा जिससे फ्लूइड की मात्रा कम होगी और सूजन घटेगी। अंडर आई क्रीम को दिन में दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं। एक बार सुबह और एक बार सोने से पहले क्रीम को लगाएं।
पूरे दिन आंखों के नीचे दिखने वाली सूजन का इलाज क्या है?
टियर ट्रफ फिलर्स
अगर सूजन सामान्य से ज्यादा है, तो Puffy Eyes की समस्या दिनभर बनी रहेगी। ऐसी स्थिति में फिलर इंजेक्शन की मदद ले सकते हैं। इन्हें टियर ट्रफ फिलर्स (Tear Trough Fillers) कहा जाता है। इस तरह सूजन कम करने में मदद मिलेगी। ये फिलर्स हयालूरोनिक एसिड (Hyaluronic Acid) से बने होते हैं। ये स्किन में जाकर वॉटर मॉलिक्यूल को अपनी ओर खिंचकर स्किन को ऊपर की ओर उठाता है और सूजन कम होती नजर आएगी।
लंबे समय तक दिखता है फिलर्स का असर
- 12 से 18 महीनों में फिलर्स को एक बार दिया जा सकता है।
- इसका असर एक से डेढ़ साल तक बना रह सकता है।
- फिलर इंजेक्शन को केवल प्रोफेशनल डॉक्टर से ही लगवाएं वरना सूजन कम होने के बजाय बढ़ सकती है।यह इंजेक्शन लेने के बाद 2 से 3 दिनों तक हल्की सूजन नजर आ सकती है जो समय के साथ कम हो जाती है।
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आंखों के नीचे गंभीर सूजन का इलाज क्या है?
ब्लेफेरोप्लास्टी या लोअर आईलिड सर्जरी
50 साल से अधिक उम्र वाले लोगों में अक्सर आंखों के नीचे गंभीर रूप से सूजन नजर आती है। सूजन के कारण चेहरा हमेशा थका-थका नजर आता है और व्यक्ति उम्र से अधिक बड़ा दिखने लगता है। इस स्थिति में सर्जरी की जरूरत होती है। यह स्थिति किसी घरेलू उपाय या क्रीम से ठीक नहीं हो सकती। ऐसे में लोअर आईलिड सर्जरी (ब्लेफेरोप्लास्टी) की मदद ले सकते हैं।
- इस सर्जरी में लोवर आईलिड में हल्का कट लगाया जाता है।
- इसके बाद त्वचा में अंदर मौजूद फैट को हटा दिया जाता है।
- फिर टांके लगा दिए जाते हैं।
- आमतौर पर, इस सर्जरी के बाद टांकों के निशान किसी अन्य सर्जरी के मुकाबले नजर नहीं आते हैं।
- इस तरह Puffy Eyes की समस्या को कम करने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष:
आंखों के नीचे नजर आने वाली सूजन या Puffy Eyes के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे एजिंग, वॉटर रिटेंशन, अनियमित पीरियड्स, थायराइड, हाई बीपी की समस्या, एलर्जी, पेट के बल सोने की आदत वगैरह। इससे छुटकारा पाने के लिए पहले यह समझना होगा कि अंडर आई एरिया में सूजन कम है, मध्यम है या गंभीर है? अगर सूजन कम है, तो उसे कैफीन युक्त अंडर आई क्रीम या ठंडी सिंकाई से ठीक किया जा सकता है, अगर मध्यम सूजन है, तो इंजेक्शन की मदद ली जा सकती है जिसे टियर ट्रफ फिलर्स कहा जाता है। गंभीर सूजन की समस्या 50 साल या अधिक उम्र के लोगों में ज्यादा कॉमन होती है। इसे क्रीम या घरेलू उपाय से ठीक करना संभव नहीं होता। ऐसे केस में आईलिड सर्जरी (ब्लेफेरोप्लास्टी) की मदद ली जाती है।
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FAQ
क्या ज्यादा नमक खाने से आंखों के नीचे सूजन आ जाती है?
हां, ज्यादा सोडियम लेने से शरीर में वॉटर रिटेंशन की समस्या हो सकती है, जिससे कुछ लोगों में आंखों के आसपास सूजन ज्यादा दिखाई दे सकती है।आंखों के आस-पास सूजन होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
अगर सूजन लंबे समय तक बनी रहे, बार-बार हो, एक ही आंख में अचानक आए या इसके साथ दर्द, रेडनेस या तेज सिरदर्द जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
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Sep 18, 2026 18:38 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta
