Wed Sep 30, 2026 | 09:00 PM IST

Medically Reviewed by Rhitika Sharma , Nutrition and Dietetics

World Vegetarian Day 2026: दूध से है दूरी? डायटिशियन से जानें कैल्शियम की कमी पूरी करने वाले 5 फूड्स

वेजटेरियन लोगों को विटामिन, मिनरल्स और कैल्शियम की कमी होना काफी आम है और अगर ऐसे में कोई दूध भी नहीं पीता, तो उसके लिए कैल्शियम की कमी को पूरा करना भी मुश्किल हो जाता है। इस लेख में डायटिशिन रितिका शर्मा ने कुछ ऐसे कैल्शियम से जुड़े फूड्स बताए हैं, जिसे लोग आसानी से अपनी डाइट शामिल कर सकते हैं।
World Vegetarian Day 2026: दूध से है दूरी? डायटिशियन से जानें कैल्शियम की कमी पूरी करने वाले 5 फूड्सWorld Vegetarian Day 2026: दूध से है दूरी? डायटिशियन से जानें कैल्शियम की कमी पूरी करने वाले 5 फूड्स

शाकाहारी लोग अगर लैक्टोज इंटॉलरेंस होते हैं या फिर दूध पीना पसंद नहीं करते, तो वे लोग कैल्शियम की कमी को कैसे पूरा कर सकते हैं? ऐसे सवाल अक्सर लोगों के मन में आते हैं, तो इस साल World Vegetarian Day 2026 के मौके पर फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल की सीनियर डायटिशियन (Nutrition Consultant) Rhitika Sharma से हमने इससे जुड़े सवाल किए। उन्होंने बताया कि जो लोग दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं ले सकते, उनके लिए सफेद तिल का दूध काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। 

रोजाना कैल्शियम कितना लेना चाहिए?

The Office of Dietary Supplements (ODS) NIH के मुताबिक, उम्र और लिंग के आधार पर रोजाना की कैल्शियम की मात्रा अलग-अलग हो सकती है।

उम्र 

रोजाना की मात्रा

जन्म से 6 महीने तक

200 mg

शिशु (7 से 12 महीने)

260 mg

बच्चे (1 से 3 साल)

700 mg

बच्चे (4 से 8 साल)

1,000 mg

बच्चे (9 से 13 साल)

1,300 mg

टीनएजर्स  (14 से 18 साल)

1,300 mg

वयस्क - महिलाएं व पुरुष  (19 से 50 साल)

1,000 mg

वयस्क पुरुष (51 से 70 साल)

1,000 mg

वयस्क महिलाएं (51 से 70 साल)

1,200 mg

वयस्क -  महिलाएं व पुरुष (71 साल या उससे ज्यादा)

1,200 mg

प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं 

1,000 mg

हड्डियों की मजबूती के लिए 5 डेयरी-फ्री फूड्स

Rhitika Sharma ने हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए 5 ऐसे फूड्स बताए हैं, जो कैल्शियम से भरपूर है और आसानी से मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि वैसे भी अब मौसम में ठंडक बढ़ रही है, तो ऐसे में तिल का दूध पिया जा सकता है। तिल में न सिर्फ कैल्शियम होता है, बल्कि इसमें मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, प्रोटीन और अनसैचुरेटिड फैट जैसे कई न्यूट्रिशन पाए जाते हैं।

1. सफेद तिल

Rhitika Sharma ने कहा, “सफेद तिल कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। इसलिए यह हड्डियों और दांतों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा, कई जरूरी मिनरल्स शरीर के लिए काफी कारगर होते हैं। दूध के अलावा, तिल को चटनी, सलाद या अन्य फूड्स में डालकर खाया जा सकता है।”

2. रागी

ResearchGate में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, रागी में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। इसलिए इसे कैल्शियम का पावरहाउस कहा जाता है। रागी ऐसा सुपरफूड है, जो डाइजेशन में सुधार, हार्ट की बीमारियों के रिस्क को कम करने और डायबिटीज को मैनेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा, इसे प्रचुर मात्रा में लेने से हड्डियों और दांतों को मजबूती देता है। अगर रागी को अंकुरित करके या खमीर उठाकर खाया जाए, तो इसमें मौजूद कैल्शियम और आयरन को ज्यादा आसानी से सोख पाता है।

Rhitika Sharma सलाह देती हैं कि लोग इसे रोटी, डोसा, चीला या दलिया के रूप में आसानी से डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।

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3. चौलाई और हरी पत्तेदार सब्जियां

MDPI में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक, हरी सब्जियों में कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम और आयरन होते हैं। हरी सब्जियों जैसे पत्तागोभी, सरसों, मोरिंगा कैल्शियम के अच्छे स्त्रोत है और इसे नियमित रूप से लेने पर शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा किया जा सकता है। 95 अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग रोजाना 200 ग्राम फल और सब्जियां खाते हैं, उनमें बीमारियों के रिस्क को 13% तक कम किया जा सकता है।

4. कैल्शियम फोर्टिफाइड सोया दूध

Rhitika Sharma कहती हैं, “जो लोग बिल्कुल भी दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं लेते, उनके लिए कैल्शियम फोर्टिफाइड सोया मिल्क काफी अच्छा विकल्प है। हालांकि, मैं लोगों को सलाह दूंगी कि सोया मिल्क को खरीदते समय कैल्शियम की मात्रा जरूर चेक करें। आमतौर पर लैक्टोज इंटॉलरेंस वाले लोगों को इसे लेने की सलाह दी जा सकती है।”

5. कैल्शियम टोफू

Rhitika Sharma ने बताया कि वैसे तो टोफू प्लांट बेस्ड प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, लेकिन इसमें कैल्शियम की मात्रा भी काफी होती है। हालांकि, मार्केट में मिलने वाले टोफू में यह चेक करना जरूरी है कि उसे बनाने में किस तरह के कैल्शियम साल्ट का इस्तेमाल किया गया है। इसलिए जब भी कैल्शियम टोफू खरीदें, तो इसे लेने से पहले लेबल जरूर पढ़ें।

घर पर तिल का दूध कैसे बनाएं?

Rhitika Sharma कहती हैं कि ठंड के मौसम में तिल का दूध पिया जा सकता है, जो कैल्शियम की कमी को पूरा करने में काफी मददगार साबित हो सकता है। इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है।

सामग्री

  • सफेद तिल - एक बड़ा चम्मच
  • पानी - 200 से 250 मिलीलीटर
  • खजूर - एक छोटा पीस स्वाद के लिए
  • दालचीनी - एक चुटकी

बनाने का तरीका

  • सबसे पहले सफेद तिल को अच्छी तरह साफ करके करीब 6 से 8 घंटे के लिए पानी में भिगो दें।
  • सुबह पानी निकालकर तिल को साफ पानी से धो लें।
  • अब भीगे हुए तिल को 200 से 250 मिलीलीटर ताजे पानी के साथ मिक्सर में अच्छी तरह पीस लें।
  • इसके बाद मलमल के साफ कपड़े छान सकते हैं।
  • इसके बाद तैयार मिश्रण को अच्छी तरह गर्म कर लें और एक बार उबाल आने दें।
  • फिर इसे ठंडा कर लें।
  • अगर स्वाद मीठा चाहिए, तो इसमें खजूर या एक चुटकी दालचीनी डाल सकते हैं।

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निष्कर्ष
अगर आप डेयरी दूध नहीं लेते, तो कैल्शियम की कमी को सफेद तिल, रागी, हरी सब्जियां और कैल्शियम फोर्टिफाइट सोया मिल्क से पूरा कर सकते हैं। सबसे जरूरी यह है कि इन विकल्पों को सही मात्रा में लिया जाए, ताकि कैल्शियम के साथ अन्य विटामिन और मिनरल्स भी मिल सकें।

Image Credit: Freepik

FAQ

  • शरीर में कैल्शियम की गंभीर कमी होने पर कौन-से शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं?

    हड्डियों व जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में लगातार ऐंठन, मसूड़ों का कमजोर होना, नाखून बार-बार टूटना और बहुत ज्यादा थकान रहना कैल्शियम की कमी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। 
  • क्या चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक्स पीने से शरीर का कैल्शियम कम होता है?

     कैफीन या सॉफ्ट ड्रिंक्स में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड हड्डियों से कैल्शियम को निकालकर पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देता है। इस वजह से जो लोग बहुत ज्यादा कैफीन या कोल्ड ड्रिंक्स लेते हैं, उनकी हड्डियां कमजोर हो सकती है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 30, 2026 19:42 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Rhitika Sharma