बच्चों की सेहत और उनकी सही ग्रोथ के लिए पोषण सबसे अहम भूमिका निभाता है। छोटे बच्चों का शरीर तेजी से बढ़ता है, उनकी हड्डियां, मसल्स और इम्यूनिटी मजबूत हो रही होती है। ऐसे में अगर उनकी डाइट में पोषक तत्वों का सही संतुलन नहीं होगा, तो थकान, पेट की समस्याएं, वजन घटने या फिर रोग-प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी कमजोर होने जैसी परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। डाइट में सबसे जरूरी दो पोषक तत्व हैं फाइबर और प्रोटीन। फाइबर बच्चों के पाचन को मजबूत बनाता है, कब्ज और गैस जैसी परेशानियों से बचाता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। वहीं प्रोटीन मसल्स और हड्डियों की ग्रोथ के लिए जरूरी है, साथ ही इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है लेकिन बहुत से माता-पिता अक्सर फाइबर और प्रोटीन के बीच संतुलन बनाने में परेशान रहते हैं।
कई बार बच्चे सिर्फ फाइबर युक्त खाना खाते हैं या केवल प्रोटीन आधारित डाइट लेते हैं, जिससे पाचन या वजन संबंधी समस्याएं सामने आती हैं। इस लेख में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानिए, बच्चों की डाइट में फाइबर और प्रोटीन का सही संतुलन कैसे बनाएं?
बच्चों की डाइट में फाइबर और प्रोटीन का सही संतुलन कैसे बनाएं?
डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, केवल फाइबर या केवल प्रोटीन देना पर्याप्त नहीं है। अगर डाइट में फाइबर ज्यादा होगा तो पाचन में परेशानी होगी, जबकि प्रोटीन की अधिकता से बॉडी में फैट बढ़ सकता है। इसलिए संतुलित मात्रा में फाइबर और प्रोटीन देना चाहिए। उदाहरण के लिए सुबह दलिया के साथ दूध या पनीर मिलाकर देना अच्छा विकल्प है।
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बैलेंस नाश्ता: ओट्स, दलिया, मूंग दाल या स्प्राउट्स के साथ दूध या पनीर शामिल करें।
लंच में सब्जी के साथ दाल: चावल या रोटी के साथ दाल और सब्जी दें, ताकि फाइबर और प्रोटीन दोनों मिलें।
स्नैक्स में हेल्दी ऑप्शन: फलों के साथ मूंगफली या अखरोट, स्प्राउट्स, सैंडविच।
डिनर हल्का और संतुलित: दलिया या हल्की खिचड़ी, साथ में सब्जी और सोने से पहले दूध।
बच्चों में फाइबर की जरूरत
फाइबर पाचन के लिए जरूरी है। यह बच्चों के पेट को हेल्दी रखता है, कब्ज और गैस जैसी समस्याओं से बचाता है। डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि फल, सब्जियां, दलिया, ओट्स और अंकुरित अनाज फाइबर के बेहतरीन सोर्स हैं। बच्चों की उम्र और एक्टिविटी के अनुसार उन्हें पर्याप्त फाइबर देना चाहिए।
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बच्चों में प्रोटीन की जरूरत
प्रोटीन बच्चों की मसल्स, हड्डियों और इम्यूनिटी के लिए बहुत जरूरी है। दूध, दही, अंडा, पनीर, मूंग दाल, चना और मछली प्रोटीन के बेहतरीन सोर्स हैं। प्रोटीन की कमी से बच्चों में थकान, वजन घटने और विकास में कमी जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।
डाइटिशियन की सलाह
डाइटिशियन अर्चना जैन कहती हैं कि जंक फूड, ज्यादा तला-भुना खाना, कोल्ड ड्रिंक और पैकेज्ड स्नैक्स बच्चों की डाइट को असंतुलित कर सकते हैं। यह न सिर्फ फाइबर और प्रोटीन का संतुलन बिगाड़ता है, बल्कि पाचन और इम्यूनिटी पर भी बुरा असर डालता है। सिर्फ डाइट ही नहीं, बच्चों के लिए पर्याप्त पानी पीना और रोजाना हल्की एक्सरसाइज करना भी जरूरी है। इससे फाइबर का पाचन बेहतर होता है और मसल्स की वृद्धि भी होती है।
निष्कर्ष
बच्चों की डाइट में फाइबर और प्रोटीन का संतुलन बनाए रखना उनकी सेहत और विकास के लिए बेहद जरूरी है। डाइटिशियन अर्चना जैन की सलाह है कि बच्चों को संतुलित, पोषक और हल्का खाना दें, फास्ट फूड और तली-भुनी चीजों से दूरी बनाएं और पाचन व मसल्स की जरूरतों को ध्यान में रखें।
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FAQ
बच्चों को सुबह के नाश्ते में क्या देना चाहिए?
ओट्स, दलिया, फल, मूंग दाल या स्प्राउट्स के साथ दूध या पनीर शामिल करें। यह फाइबर और प्रोटीन का अच्छा संतुलन देता है।बच्चों के लिए कौन से स्नैक्स सबसे अच्छे हैं?
फलों के साथ मूंगफली या अखरोट, सैंडविच या उबले स्प्राउट्स बच्चों के लिए हेल्दी स्नैक्स हैं।बच्चों को सुबह खाली पेट क्या देना चाहिए?
बच्चों को सुबह खाली पेट गुनगुना पानी या नारियल पानी देना चाहिए, जो पाचन और इम्यूनिटी के लिए अच्छे हैं, इसके बाद प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स से भरपूर नाश्ता दें, जो उन्हें दिनभर एनर्जेटिक रखेगा।
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Jan 29, 2026 12:55 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jan 29, 2026 12:55 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Archana Jain