Sun Oct 25, 2026 | 02:24 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

मेनोपॉज का महिलाओं की सेक्शुअल लाइफ पर पड़ता है गहरा असर, डॉक्टर ने खुद दी जानकारी

मेनोपाॅज के कारण कई महिलाएं यौन संबंध बनाने से बचती हैं, जबकि ऐसा किया जाना सही नहीं है। मेनोपॉज सेक्स लाइफ का अंत नहीं होता है। हां, अपनी जीवनशैली में सुधार करके और डाॅक्टर की सलाह मानकर पार्टनर के साथ अंतरंग संबंधों में सुधार कर सकती हैं।
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ज्यादातर महिलाओं को लगता है कि मेनोपॉज के बाद उनकी सेक्शुअल लाइफ पूरी तरह खत्म हो जाती है। इसलिए, वे खुद को यौन संबंध से पूरी तरह दूर कर लेती हैं, जबकि यह सही नहीं है। हालांकि, यह सच है कि मेनोपॉज का सेक्शुअल लाइफ पर गहरा असर पड़ता है। इसके आपसी संबंधों को समझकर महिलाएं अपनी सेक्शुअल लाइफ को बेहतर बना सकती हैं।

इस बारे में वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "मेनोपॉज के कारण महिलाओं के शरीर में कई जरूरी हार्मोन्स का स्तर घट सकता है। ऐसे में उन्हें शारीरिक बदलावों, भावनात्मक उतार-चढ़ावों और नींद की कमी या तनाव जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। ये सभी परेशानियां उनकी सेक्शुअल हेल्थ और अंतरंगता को प्रभावित करता है।"

यौन स्वास्थ्य पर मेनोपॉज का सीधा असर और चुनौतियां

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मेनोपाॅज के कारण महिलाओं की सेक्शुअल लाइफ कई तरह से प्रभावित हो सकती हैं और यौन संबंध बनाने के दौरान कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है, जैसे-

1. योनि का सूखापन

Office on Women's Health के अनुसार, मेनोपाॅज में एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) की गिरावट होने से योनि के ऊतक (टिश्यू) पतले, कम लचीले और ड्राई हो जाते हैं। हालांकि, मेनोपाॅज में इस तरह की परेशानियां होना सामान्य है। एस्ट्रोजन का स्तर घटने से योनि में लुब्रिकेशन की कमी हो जाती है, जिससे ड्राईनेस काफी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में यौन संबंध बनाना एक दर्दनाक अनुभव की तरह हो सकता है। इसके अलावा, सामान्य असहजता भी हो सकती है।

2. सेक्स की इच्छा में कमी

डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "मेनोपाॅज के बाद हार्मोन्स के स्तर में गिरावट के साथ-साथ रात में पसीना आना, हॉट फ्लैशेज (अचानक गर्मी लगना), थकान या मूड में बार-बार बदलाव जैसी कई समस्याएं महिलाओं को परेशान करती हैं। ये तमाम समस्याएं दिखने में भले ही छोटी लगें, लेकिन इनका महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी पर गहरा प्रभाव पड़ता है।" NHS Inform के अनुसार, ऐसे में सेक्स के प्रति रुचि अपने आप कम होने लगती हैं। कई बार महिलाएं सेक्स से पूरी तरह कट जाती हैं। हालांकि, हर महिला के साथ ऐसा हो यह जरूरी नहीं है।"

इसे भी पढ़ें: मेनोपॉज के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों से कैसे निपटें? जानें डॉक्टर से

3. उत्तेजना और ऑर्गेज्म में बदलाव

डॉ. शोभा गुप्ता आगे बताती हैं, "जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, मेनोपाॅज होने लगता है और शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर घटने लगता है। वैसे-वैसे उत्तेजना और ऑर्गेज्म में बदलाव होने लगते हैं। इसके अलावा, शरीर में एक उम्र के बाद ब्लड फ्लो भी कम हो जाता है। इसका असर महिलाओं की योनि पर भी दिखता है। इसका मतलब है कि उन्हें उत्तेजित होने में अधिक समय लग सकता है और ऑर्गेज्म की तीव्रता कम हो सकती है।"

4. रिश्तों में बदलाव

डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार, "मेनोपाॅज के बाद महिलाएं कई तरह की मानसिक समस्याओं का सामना करती हैं। वे अक्सर अपनी परेशानियों को अपने पार्टनर तक से साझा नहीं कर पाती हैं। दरअसल, वे पार्टनर को  अपनी परेशानियों को ठीक से समझा नहीं पाती हैं। पुरुषों के लिए भी मेनोपॉज और इस चरण को विस्तार से समझना आसान नहीं होता है। ऐसे में महिला बहुत ज्यादा चिड़चिड़ी हो जाती हैं और अपने वैवाहिक जीवन के प्रति उदासीन होने लगती हैं। यह स्थिति भी महिलाओं में कामेच्छा को कम करती है।"

5. थकान का बढ़ना

मेनोपाॅज होने के दौरान अक्सर महिलाएं रात को अच्छी और गहरी नींद नहीं ले पाती हैं। ऐसे में महिला दिन भर थकान महसूस करती हैं। नींद की कमी, थकान से कमजोरी बढ़ जाती है। ऐसे में यौन संबंध बनाना महिला के लिए मुश्किल भरा हो जाता है। इसके अलावा, नींद की कमी, बार-बार पीरियड साइकिल में बदलाव, महिला को मानसिक रूप से परेशान रखता है, जिससे अपने आप यौन इच्छा कम होने लगती है।

डॉक्टर की सलाहः मेनोपॉज में यौन जीवन को कैसे बेहतर बनाएं

ऐसा नहीं है कि मेनोपाॅज के बाद यौन जीवन को सुधारा नहीं जा सकता है। हां, इसके लिए महिलाओं को डाॅक्टर द्वारा बताए गए इन टिप्स को अपनाना होगा-

  1. नियमित रूप से वजाइनल माॅइस्चराइजर का यूज करें। इससे योनि के टिश्यूज की इलास्टिसिटी भी बेहतर होगी और यौन संबंध बनाना सहज होगा।
  2. बेहतर सेक्शुअल लाइफ के लिए महिलाएं मेनोपाॅजल हार्मोन थेरेपी भी ले सकती हैं। इससे हार्मोन बैलेंस होते हैं, थकान में कमी आती है, हाॅट फ्लैशेज कम होते हैं। इसका पाॅजिटिव असर सेक्शुअल लाइफ पर भी नजर आता है।
  3. पार्टनर के साथ अंतरंगता बढ़ाना भी मेनोपाॅज के बाद सेक्शुअल लाइफ में सुधार करने का एक बेहतरीन जरिया है।
  4. मेनोपाॅज के बाद सेक्शुअल हेल्थ/लाइफ में सुधार के लिए नियमित रूप से वर्कआउट करना भी फायदेमंद होता है। खासकर, पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करने से पेल्विक मसल्स को मजबूती मिलती है, ब्लड फ्लो बेहतर होता है और ऑर्गेज्म में सुधार होता है।
  5. मेनोपाॅज के बाद अपने बाॅडी इमेज, पीरियड्स आदि को लेकर चिंता करना छोड़ दें। रोजाना अच्छी और गहरी नींद लें। ऐसा करके सेक्शुअल लाइफ को सुधारने में मदद मिलेगी।

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निष्कर्ष

मेनोपाॅज के बाद सेक्शुअल लाइफ को खत्म समझना सही नहीं है। हालांकि, मेनोपाॅज होने की प्रक्रिया के दौरान महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे हाॅट फ्लैश, बार-बार मूड स्विंग होना आदि। ऐसे में पार्टनर के साथ खुलकर बात करना, इंटिमेसी बढ़ाना और डाॅक्टर की सलाह की मदद से अपनी सेक्शुअल लाइफ को बेहतर बनाया जा सकता है।

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FAQ

  • क्या महिलाओं में मेनोपॉज के बाद टेस्टोस्टेरोन का गिरना भी कामेच्छा में कमी का बड़ा कारण है?

    हां, महिलाओं की ओवरीज टेस्टोस्टेरोन भी बनाती हैं और मेनोपॉज में इसका स्तर आधा रह जाने से सेक्शुअल इच्छा सीधे तौर पर प्रभावित होती है।
  • क्या मेनोपॉज के बाद सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान UTI का रिस्क बढ़ जाता है?

    हां, एस्ट्रोजन कम होने से योनि में गुड बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ जाता है, जिससे इंटरकोर्स के बाद ई-कोलाई बैक्टीरिया का संक्रमण आसानी से मूत्राशय तक पहुंच जाता है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 25, 2026 12:27 IST

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