मेनोपॉज यानी पीरियड्स का पूरी तरह बंद हो जाना। मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को हाॅट फ्लैशेज, मूड स्विंग आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, मेनोपॉज में हो रही समस्याओं को टाला नहीं जा सकता है। हां, सही डाइट की मदद से इसके लक्षणों को कुछ कम किया जा सकता है। सवाल है, मेनोपॉज में क्या खाना चाहिए ताकि सेहत में सुधार हो सके?
वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को कैल्शियम, विटामिन और प्रोटीन जैसे अच्छे पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए। साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखने पर जोर देना चाहिए। दरअसल, जब मेनोपॉज हो रही महिलाओं में हार्मोनल बदलाव काफी ज्यादा होता है। उनमें एस्ट्रोजन का स्तर गिर जाता है। ऐसे में उन चीजों का सेवन अधिक करना चाहिए, जिससे हाॅट फ्लैशेज कम हों और हड्डियों को मजबूती मिले।" डाॅ. शोभा गुप्ता आगे सलाह देती हैं कि मेनोपॉज में क्या खाना चाहिए, सिर्फ यही मायने नहीं रखता है। मेनोपॉज के दौरान क्या नहीं खाना चाहिए, इसकी भी जानकारी होनी चाहिए।
मेनोपॉज में हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी पोषक तत्व
Menopause Diet Tips
The North American Menopause Society में प्रकाशित मेडिकल रिसर्च पेपर के अनुसार, वैसे तो सभी महिलाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम लेना बहुत जरूरी है। खासकर, पेरि-मेनोपॉजल और पोस्ट-मेनोपॉजल महिलाओं में जरूरत ज्यादा होती है ताकि हड्डियों का नुकसान (ऑस्टियोपोरोसिस) और फ्रैक्चर का खतरा कम हो सके।
कैल्शियम युक्त चीजों का करें सेवन
मेनोपॉज में एस्ट्रोजन का स्तर कम होने की वजह से हड्डियों में दर्द होने लगता है। इससे निपटने के लिए महिलाओं को कैल्शियम युक्त चीजों का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए। इसके लिए, डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध, दही और लो-फैट वाले चीज का सेवन करें। इसके अलावा, हरी पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली आदि भी कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं।
विटामिन डी युक्त चीजों का करें सेवन
मेनोपाॅज के बाद महिलाओं को विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों का भी सेवन करना चाहिए। असल में, विटामिन डी शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। विटामिन के स्रोत के रूप में आप फैटी फिश, दाल, फोर्टिफाइड (Fortified) संतरे का जूस आदि को डाइट का हिस्सा बनाएं।
प्रोटीन युक्त चीजों का सेवन करें
प्रोटीन हड्डियों के लिए जरूरी पोषक तत्व है। इससे हड्डियों के टिश्यूज को सपोर्ट मिलता है। प्रोटीन के लिए लीन मीट, मछली, डेयरी प्रोडक्ट, दाल और सोया प्रोडक्ट का सेवन करें।
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हॉट फ्लैशेज और मूड स्विंग्स को कम करने वाले खाद्य पदार्थ
मेनोपाॅज में आपको सिर्फ वही डाइट नहीं लेनी चाहिए, जो आपकी हड्डियों को मजबूती देती है और इम्यूनिटी को बूस्ट करती है। इन दिनों हाॅट फ्लैशेज के साथ-साथ मूड स्विंग्स भी होते हैं। इससे निपटने के लिए यहां बताए गए टिप्स को फाॅलो करें-
- फैटी फिश खाएंः यह ओमेगा-3 फैटी एसिड का बहुत अच्छा स्रोत है। इसका सेवन करने से शरीर की सूजन (इन्फ्लेमेशन) कम होती है और मानसिक संतुलन को भी सपोर्ट मिलता है।
- हरी पत्तेदार सब्जियां खाएंः पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां मैग्नीशियम, कैल्शियम और बी-विटामिन्स का बेहतरीन स्रोत होती हैं। इनका सेवन करने से नर्वस सिस्टम शांत होता है और तनाव के स्तर में कमी आती है।
- मेवे और सीड्सः मेनोपाॅज के बाद महिलाओं को अखरोट, अलसी के बीज, चिया सीड्स, बादाम आदि का सेवन भी पर्याप्त मात्रा में करना चाहिए। इनमें ओमेगा-3, फाइबर और मैग्नीशियम होता है, जिससे हार्मोन्स संतुलित रहते हैं और मूड में सुधार होता है।
- साबुत अनाजः मेनोपाॅज के बाद मूड एन्हैंसर के रूप में साबुत अनाज का भी सेवन करना चाहिए। इससे एनर्जी का स्तर बना रहता है और बी-विटामिन्स मिलता है। इसका सेवन करने से ब्लड शुगर अचानक घटता-बढ़ता नहीं है और चिड़चिड़ापन भी महसूस नहीं होता।
- ग्रीन टीः इसमें एल-थियानाइन नाम का एमिनो एसिड पाया जाता है, जो कि मन को रिलैक्स करता है। इससे दिमाग और मन शांत रहते हैं, जिससे चिड़चिड़ापन अपने आप कम होता है।
मेनोपॉज में इन चीजों से बनाएं दूरी
जिस तरह मेनोपाॅज में क्या खा रहे हैं, यह बात मायने रखती है। इसी तरह, क्या नहीं खाना चाहिए, इसकी जानकारी भी महिला को होनी चाहिए। मेनोपाॅज के दौरान महिलाओं को निम्न चीजों को अपनी डाइट में शामिल न करें-
- मसालेदार भोजनः मेनोपाॅज के बाद महिलाओं को मसालेदार चीजों से दूर रहना चाहिए। दरअसल, मसालेदार चीजों में ऐसे तत्व होते हैं, जो शरीर का तापमान बढ़ा सकते हैं। ऐसे में महिला में हाॅट फ्लैशेज की समस्या बढ़ सकती है।
- कैफीनः महिलाओं को इन दिनों कैफीन युक्त चीजें जैसे कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स और कड़क चाय आदि से दूर रहना चाहिए। ये भी शरीर में गर्मी बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं।
- शराबः वैसे तो किसी भी उम्र की महिलाओं को शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। खासकर, मेनोपाॅज के बाद महिलाओं के लिए शराब का सेवन बिल्कुल सही नहीं होता है। इससे नींद से जुड़ी परेशानी, हॉट फ्लैशेज और स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य परेशानियां हो सकती हैं।
- फास्ट फूडः मेनोपाॅज के बाद पैकेटबंद चिप्स, फ्रोजन खाना और तली हुई चीजें नहीं खानी चाहिए। तली-भुनी चीजों में सोडियम ज्यादा होता है और इससे शरीर में कैलोरी काउंट भी बढ़ता है। मेनोपाॅज के बाद फास्ट फूड खाने से पेट में ब्लोटिंग हो सकती है और वजन बढ़ने का जोखिम भी होता है।
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निष्कर्ष
मेनोपाॅज के बाद महिलाओं को हाॅट फ्लैशेज, कमजोर हड्डियां आदि समस्याओं से बचना है, तो डाइट में सुधार करना जरूरी हो जाता है। आमतौर पर जो महिलाएं इस बात का ध्यान नहीं देती हैं, उनकी समस्याएं बढ़ सकती है। हां, अगर आपको किसी अन्य तरह की स्वास्थ्य समस्याएं जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर आदि है, तो बेहतर है कि डाॅक्टर द्वारा बताई गई चीजों का ही सीमित मात्रा में सेवन करें।
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FAQ
मेनोपॉज के बाद अचानक बढ़ते पेट के फैट को कंट्रोल करने के लिए क्या न खाएं?
मेनोपॉज में एस्ट्रोजन कम होने से फैट का जमाव पेट के आसपास तेजी से होता है। इसे रोकने के लिए रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट (मैदा, चीनी) को पूरी तरह बंद करें। इसके अलावा, डाइट में लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ जैसे ओट्स, रागी आदि शामिल करें।मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को किन पोषक तत्वों का सेवन अधिक करना चाहिए?
हड्डियों को मजबूत रखने और हॉट फ्लैशेज से बचने के लिए मेनोपॉज में कैल्शियम, विटामिन डी, ओमेगा-3 और प्रोटीन का सेवन सबसे जरूरी माना जाता है।
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Oct 23, 2026 20:41 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta
