Mon Sep 28, 2026 | 04:35 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gopal Jee Sharma , Sr. Consultant – Internal Medicine

शरीर में खुजली और पेशाब में जलन को न करें नजरअंदाज, क्रिएटिनिन बढ़ने पर दिख सकते हैं ये 5 संकेत

शरीर में क्रिएटिनिन बढ़ने पर खुजली, पेशाब में बदलाव और कमजोरी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। यहां डॉक्टर से जानिए, हाई क्रिएटिनिन के प्रमुख संकेत क्या हो सकते हैं?
शरीर में खुजली और पेशाब में जलन को न करें नजरअंदाज, क्रिएटिनिन बढ़ने पर दिख सकते हैं ये 5 संकेतशरीर में खुजली और पेशाब में जलन को न करें नजरअंदाज, क्रिएटिनिन बढ़ने पर दिख सकते हैं ये 5 संकेत

किडनी शरीर में जमा होने वाले अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकालने का काम करती है। जब किडनी का फंक्शन प्रभावित होता है, तो खून में क्रिएटिनिन का लेवल बढ़ सकता है। समस्या यह है कि शुरुआती स्टेज में किडनी से जुड़ी परेशानी हमेशा साफ लक्षणों के साथ सामने नहीं आती है। कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, शरीर में लगातार खुजली होना या पेशाब करते समय जलन महसूस होना ऐसी परेशानियां हैं, जिनके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं।

जरूरी नहीं कि इन दोनों लक्षणों का मतलब क्रिएटिनिन बढ़ना ही हो लेकिन अगर इनके साथ पेशाब की आदत में बदलाव, सूजन, कमजोरी या भूख कम लगने जैसी समस्याएं भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।

क्रिएटिनिन बढ़ने का पता केवल लक्षणों से नहीं लगाया जा सकता है, इसके लिए ब्लड टेस्ट और जरूरत पड़ने पर अन्य चेकअप किए जाते हैं। वहीं, बढ़ा हुआ क्रिएटिनिन हमेशा किडनी की गंभीर बीमारी का मतलब भी नहीं होता, क्योंकि डिहाइड्रेशन, कुछ दवाएं और अन्य स्थितियां भी इसके लेवल को प्रभावित कर सकती हैं।

क्रिएटिनिन बढ़ने पर शरीर में क्या लक्षण दिखते हैं?

डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, कई बार शरीर में होने वाले कुछ नॉर्मल लगने वाले बदलाव किडनी की समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। शरीर में खुजली, पेशाब से जुड़ी परेशानी, सूजन या थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

1. शरीर में लगातार खुजली

किडनी का फंक्शन कम होने पर शरीर में कुछ अपशिष्ट पदार्थ जमा हो सकते हैं, इससे कुछ लोगों को स्किन पर लगातार खुजली की समस्या हो सकती है। अगर खुजली बिना किसी स्पष्ट एलर्जी या स्किन डिजीज के लंबे समय तक बनी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

2. पेशाब में बदलाव या जलन

डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि पेशाब करते समय जलन को केवल क्रिएटिनिन बढ़ने का संकेत नहीं माना जा सकता है। पेशाब में जलन अक्सर यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, पानी की कमी या अन्य मूत्र संबंधी समस्याओं के कारण भी हो सकती है। वहीं पेशाब की मात्रा, रंग या बार-बार पेशाब आने में बदलाव किडनी की जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है।

3. पैरों और चेहरे पर सूजन

किडनी शरीर में पानी और नमक का बैलेंस बनाए रखने में मदद करती है। इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने पर शरीर में अतिरिक्त तरल जमा हो सकता है, जिससे पैरों, टखनों या आंखों के आस-पास सूजन दिखाई दे सकती है। अचानक या लगातार होने वाली सूजन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

4. बिना ज्यादा काम के थकान और कमजोरी

किडनी की गंभीर बीमारी में थकान और कमजोरी की शिकायत हो सकती है। इसका एक कारण शरीर में अपशिष्ट पदार्थों का जमा होना और एनीमिया की समस्या हो सकती है। अगर पर्याप्त आराम के बावजूद लगातार कमजोरी महसूस होती है, तो इसकी वजह की जांच करानी चाहिए।

5. भूख कम लगना या मतली

क्रिएटिनिन बढ़ने से किडनी फंक्शन प्रभावित हो सकता है और शरीर में अपशिष्ट पदार्थ बढ़ सकते हैं। ऐसे में कुछ लोगों को भूख कम लगना, जी मिचलाना या उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ये लक्षण कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में भी दिखाई देते हैं, इसलिए केवल इनके आधार पर क्रिएटिनिन बढ़ने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

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साल 2025 में Journal of Pharmacy & BioAllied Sciences में प्रकाशित स्टडी के अनुसार-

  • हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन के मरीजों में किडनी के फंक्शन पर बुरा असर पड़ सकता है।
  • रिसर्च बताती हैं कि हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों में सीरम क्रिएटिनिन का लेवल अक्सर बढ़ा हुआ मिलता है, जो शुरुआती किडनी डिजीज का संकेत हो सकता है।
  • इसलिए, किडनी की बीमारी का समय रहते पता लगाने के लिए हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को नियमित रूप से अपने क्रिएटिनिन और किडनी की जांच करवाते रहना चाहिए।

क्रिएटिनिन बढ़ने पर क्या करना चाहिए?

डॉ. गोपाल जी शर्मा सलाह देते हैं कि क्रिएटिनिन की रिपोर्ट बढ़ी हुई आने पर घबराने के बजाय डॉक्टर से कारण की जांच करानी चाहिए। डॉक्टर जरूरत के अनुसार दोबारा क्रिएटिनिन, यूरिन टेस्ट, ब्लड प्रेशर और अन्य हेल्थ चेकअप की सलाह दे सकते हैं। खुद से दर्द की दवाएं या कोई सप्लीमेंट लेना सही नहीं है, क्योंकि कुछ दवाएं किडनी पर असर डाल सकती हैं।

निष्कर्ष

शरीर में खुजली, पेशाब में जलन, सूजन, कमजोरी या पेशाब में बदलाव कई अलग-अलग कारणों से हो सकते हैं। इन्हें देखकर सीधे यह मान लेना सही नहीं है कि क्रिएटिनिन बढ़ गया है लेकिन अगर ऐसे लक्षण लगातार बने हुए हैं या कई लक्षण एक साथ दिखाई दे रहे हैं, तो समय पर डॉक्टर से संपर्क करके किडनी की जांच कराना बेहतर है।

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FAQ

  • क्या पानी कम पीने से क्रिएटिनिन बढ़ सकता है?

    हां, शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन कुछ परिस्थितियों में क्रिएटिनिन का लेवल अस्थायी रूप से बढ़ा सकती है। पर्याप्त पानी पीने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच कराना जरूरी है।
  • क्रिएटिनिन की सामान्य रेंज कितनी होती है?

    क्रिएटिनिन की सामान्य सीमा व्यक्ति की उम्र, लिंग, मसल्स और इस्तेमाल की जा रही लैब की जांच के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए रिपोर्ट को डॉक्टर से समझना बेहतर है।
  • क्या क्रिएटिनिन बढ़ने पर ब्लड प्रेशर बढ़ता है?

    किडनी और ब्लड प्रेशर का आपस में गहरा संबंध है। किडनी की बीमारी या क्रिएटिनिन बढ़ना और हाई ब्लड प्रेशर एक-दूसरे को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए दोनों को देखना जरूरी है।

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Akanksha Tiwari

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    Sep 28, 2026 15:48 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Gopal Jee Sharma