Hair Fall: प्रदूषण और बदलते मौसम के कारण आजकल बालों का झड़ना, रूखापन और डैंड्रफ की समस्या आम हो गई है। जिस तरह से प्रदूषित पानी लोगों को बीमार कर रहा है, उसका असर बालों पर भी पड़ रहा है। पानी की क्वालिटी खासतौर पर खारा या हार्ड वाटर, जो रोज नहाने और बाल धोने के काम में लिया जा रहा है, उससे धीरे-धीरे बालों को नुकसान पहुंच रहा है। बहुत से लोग अक्सर कहते हैं कि अब बाल पहले जैसे नहीं रहे, सब तरीके अपना लिए हैं, लेकिन बाल झड़ना कम नहीं हो रहे। इसकी वजह शैंपू या तेल नहीं, बल्कि खारा पानी हो सकता है। इस बारे में जानने के लिए हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के सीनियर आयुर्वेदिक पंचकर्मा कंसल्टेंट डॉ. चेतन शर्मा (Dr. Chetan Sharma, Sr. Ayurveda Panchakarma Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad & Noida) से बात की। उन्होंने बताया कि खारे पानी का असर धीरे-धीरे दिखता है, लेकिन जब तक समझ में आता है, तब तक बाल काफी कमजोर हो चुके होते हैं।
खारा पानी क्या होता है?
डॉ. चेतन कहते हैं, “हार्ड वाटर में कैल्शियम, मैग्नीशियम और मिनरल्स की मात्रा सामान्य से ज्यादा होती है। यह पानी दिखने में भले साफ लगे, लेकिन इसके मिनरल्स बालों और स्कैल्प पर जमने लगते हैं। जब खारे पानी से बाल धोने लगते हैं, तो शैंपू झाग नहीं बनाता, तेल और कंडीशनर का असर कम हो जाता है। इस वजह से धीरे-धीरे बालों को न्यूट्रिशन मिलना बंद हो जाता है। लोग इसे उम्र, स्ट्रेस और मौसम का असर मान लेते हैं।”

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खारे पानी से बालों को नुकसान
डॉ. चेतन कहते हैं कि खारे पानी से बाल धोने पर ये समस्याएं महसूस हो सकती हैं।
- बालों का जरूरत से ज्यादा झड़ना
- बालों का रूखा और बेजान हो जाना
- स्कैल्प में खुजली और डैंड्रफ
- बालों का पतला होना
- शैंपू करने के बाद भी बाल चिपचिपे लगना
आयुर्वेद में खारे पानी का असर
डॉ. चेतन कहते हैं, “आयुर्वेद के अनुसार, खारा पानी शरीर में वात और कफ दोष को असंतुलित करता है। इससे केश धातु कमजोर होने लगती है, जो सीधे तौर पर बालों की जड़ों से जुड़ी होती है। जब स्कैल्प पर खारे पानी की परत जमती है, तो रोमछिद्र बंद होने लगते हैं। इससे बालों को सही न्यूट्रिशन नहीं मिल पाता और बाल समय से पहले झड़ने लगते हैं।”
खारे पानी से बचने के असरदार तरीके
डॉ. चेतन कहते हैं कि अगर पानी को बदला नहीं जा सकता, तो बालों की देखभाल का तरीका बदला जा सकता है।
फिल्टर या RO पानी का इस्तेमाल करना
हर बार फिल्टर या RO का पानी इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए अगर संभव हो, तो हफ्ते में एक या दो बार RO या फिल्टर किए हुए पानी से बाल धोएं क्योंकि यह बालों पर जमे मिनरल्स की परत को हटाने में मदद करता है।
आंवला पानी से बालों को धोना
आंवला बालों के लिए आयुर्वेद का वरदान माना जाता है। आंवला से रिंस करने के लिए दो चम्मच सूखा आंवला पाउडर रातभर पानी में भिगो दें और उसे सुबह छान लें। शैंपू के बाद इससे आखिरी रिंस करें। यह बालों को नैचुरल कंडीशनिंग देता है और रूखापन कम करता है।
सिरका या नींबू पानी का हल्का इस्तेमाल
खारे पानी से स्कैल्प का pH बिगड़ जाता है। एक मग पानी में एक चम्मच सेब का सिरका या नींबू का रस मिलाएं। जब बाल धुल जाए, तो आखिरी रिंस के तौर पर इस पानी को इस्तेमाल करें। बस इस बात का ध्यान रखें कि मात्रा ज्यादा न रखें, वरना बाल और ज्यादा रूखे हो जाएंगे।
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नारियल तेल में भृंगराज मिलाकर मालिश करना
अगर खारे पानी से बाल धोते हैं, तो हफ्ते में दो बार नारियल तेल और उसमें भृंगराज तेल या पाउडर डालकर मालिश जरूर करें। यह तेल का मिश्रण जड़ों को मजबूत करता है और खारे पानी से हुई ड्राइनेस को कम करता है।
रीठा-शिकाकाई का काढ़ा
अगर खारा पानी है, तो केमिकल शैंपू की जगह कभी-कभी नेचुरल ऑप्शन्स भी अपनाएं। रीठा और शिकाकाई उबालकर उसे ठंडा कर लें। इस काढ़े से बाल धोने पर स्कैल्प साफ होता है और खारे पानी का असर कम होता है। इसके अलावा, अगर घर में एलोवेरा का पौधा है, तो ताजा एलोवेरा जेल लेकर उसे स्कैल्प और बालों में लगाएं। इसके आधे घंटे बाद हल्के पानी से धो लें। इससे खुजली, जलन और रूखापन काफी हद तक कम होता है।
निष्कर्ष
डॉ. चेतन कहते हैं कि खारा पानी धीरे-धीरे बालों को नुकसान पहुंचाता है, और अगर समय रहते देखभाल कर ली जाए, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। अगर इन उपायों के बावजूद बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हो, स्कैल्प में जलन या दर्द हो, लगातार डैंड्रफ और बालों के साथ स्कैल्प भी कमजोर महसूस हो, तो आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
FAQ
बाल बहुत तेजी से झड़ रहे हैं तो क्या करें?
बहुत ज्यादा बाल झड़ने पर बैलेंस्ड डाइट, सही तेल से स्कैल्प मसाज, स्ट्रेस मैनेज करना, पर्याप्त पानी पीना और केमिकल-फ्री हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना चाहिए।बाल झड़ना किसकी कमी से होता है?
बालों का झड़ना मुख्य रूप से बायोटिन, आयरन, जिंक, प्रोटीन, विटामिन डी, विटामिन बी (B12, B7), विटामिन सी, और विटामिन ई जैसे जरूरी न्यूट्रिशन की कमी के कारण होता है।बाल झड़ने की कौन सी बीमारी होती है?
बाल झड़ने की बीमारी को मेडिकल भाषा में एलोपेसिया (Alopecia) कहते हैं। इसके कई प्रकार होते हैं, जैसे सबसे आम एलोपेसिया एरीटा (Alopecia Areata) होता है, जिसमें पैच में बाल झड़ते हैं। एंड्रोजेनिक एलोपेसिया (Androgenic Alopecia) में मरीज गंजेपन के शिकार हो जाते हैं। यह ऑटोइम्यून बीमारी है।
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Jan 06, 2026 16:22 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jan 06, 2026 16:22 IST
Modified By : Aneesh RawatJan 06, 2026 16:22 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Chetan Sharma