Fri Oct 30, 2026 | 11:41 AM IST

Medically Reviewed by Dr Lavanya Kiran , Gynaecologogist & Fertility Exper

क्या घी नेचुरल रूप से डिलीवरी को आसान बनाता है? डॉक्टर से जानें

प्रेग्नेंसी के दौरान घी का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन क्या यह डिलीवरी को स्वाभाविक रूप से आसान बनाता है, इस पर डॉक्टर्स की अलग-अलग राय है। सीमित मात्रा में घी मां और भ्रूण दोनों के लिए फायदेमंद होता है।
क्या घी नेचुरल रूप से डिलीवरी को आसान बनाता है? डॉक्टर से जानेंक्या घी नेचुरल रूप से डिलीवरी को आसान बनाता है? डॉक्टर से जानें

प्रेग्नेंसी के दौरान घी को डाइट में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसका सेवन करने से स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने में मदद मिल सकती है, लेकिन लोग यह भी कहते हैं कि प्रेग्नेंसी में घी खाने से डिलीवरी को नेचुरल रूप से आसान बनाने में मदद मिल सकती है, लेकिन क्या वाकई में ऐसा होता है? आइए इस बारे में Dr. Lavanya Kiran, Director & Lead Consultant – Obstetrics, Gynecology, Robotics, Regenerative Medicine, Cosmetic Gynaecology & Fertility, KIMS Hospitals, Electronic City, Bengaluru से जानें।

क्या घी नेचुरल रूप से डिलीवरी को आसान बनाता है?

Dr. Lavanya Kiran के अनुसार, "इस बात का कोई साइंटिफिक प्रूफ नहीं है कि प्रेग्नेंसी के आखिरी हफ्तों में घी खाने से डिलीवरी आसान हो जाती है या यह एक लुब्रिकेंट की तरह काम करके बर्थ कैनाल (जन्म मार्ग) और सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) को नरम कर देता है।"

Dr. Lavanya आगे कहती हैं, "हालांकि, एक नॉर्मल प्रेग्नेंसी के दौरान घी से पूरी तरह परहेज करने की जरूरत नहीं है, लेकिन फिर भी इसे बहुत ज़्यादा मात्रा में न खाने की सलाह दी जाती है।"

आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार, "हां, प्रेग्नेंसी में घी खाने से डिलीवरी आसान हो सकती है। इससे शरीर को जरूरी फैट्स और पोषक तत्व मिल जाते हैं।"

साल 2023 में Journal of Emerging Technologies And Innovative Research में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, आयुर्वेद के अनुसार, प्रेग्नेंसी में घी खाने से शरीर को वे जरूरी फैटी एसिड और डीएचए (DHA) मिल जाते हैं, जो आमतौर पर सिर्फ मछली या सी-फूड से मिलते हैं। बाजार में मिलने वाले कई सप्लीमेंट्स में भी घी का इस्तेमाल किया जाता है, जो प्रेग्नेंट महिलाओं को सही पोषण देते हैं। कई अध्ययनों से यह साबित हुआ है कि आयुर्वेदिक आहार का पालन करने वाली महिलाओं में समय पर प्रसव शुरू होता है और नॉर्मल डिलीवरी होने की संभावना बढ़ती है। इस तरह, घी खाने से शरीर में डीएचए (DHA) की जरूरत आसानी से पूरी हो जाती है।

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घी में मौजूद पोषक तत्व

Dr. Lavanya का कहना है, घी में अच्छी मात्रा में विटामिन ए, डी, ई, के और अच्छी मात्रा में फैट होते हैं। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान घी का सेवन करने से मां की एनर्जी की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भ्रूण के विकास में भी मदद मिलती है। ध्यान रहे, प्रेग्नेंसी के दौरान इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। इसके लिए डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है।

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प्रेग्नेंसी में कब नहीं खाना चाहिए घी?

Dr. Lavanya का कहना है, प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लड शुगर (जेस्टेशनल डायबिटीज) या हाई कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित महिलाओं को अपनी डाइट में कोई भी फैट शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेनी चाहिए।

नेचुरल डिलीवरी किन बातों पर निर्भर करती है?

नॉर्मल डिलीवरी मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। इसमें कई शारीरिक और मानसिक फैक्टर्स भी हो सकते हैं। जैसे - बच्चे की पोजीशन, शारीरिक स्ट्रेंथ, हीमोग्लोबिन, पेल्विक एरिया का फ्लैक्सिबल होना, नियमित एक्टिविटी, स्ट्रेस-फ्री प्रेग्नेंसी और हेल्थ कंडीशन्स पर निर्भर करता है।

स्वस्थ प्रेग्नेंसी के लिए क्या खाएं?

Dr. Lavanya के अनुसार, हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए घी में मौजूद पोषक तत्वों के साथ-साथ महिलाओं के लिए प्रोटीन, आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम और डाइटरी फाइबर जैसे पोषक तत्वों से युक्त फूड्स को डाइट में शामिल करना जरूरी है। इसके लिए प्रेग्नेंट महिलाएं ड्राई फ्रूट्स, दालें, बीन्स, दूध, दही, पनीर, छाछ, हरी सब्जियां, ओट्स, दलिया और साबुत अनाज को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

साल 2016 में Nutrients में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान सही लाइफस्टाइल और खान-पान (जिसमें पर्याप्त पोषक तत्व शामिल हों) महिलाओं और उनके होने वाले बच्चे दोनों की सेहत के लिए बहुत जरूरी हैं। गर्भधारण से पहले ही अलग-अलग तरह का और बैलेंस फूड लेना मां की अच्छी सेहत और प्रेग्नेंसी के अच्छे रिजल्ट के लिए बेहद जरूरी है।

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हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए क्या करें?

Dr. Lavanya का कहना है, स्वस्थ प्रेग्नेंसी के लिए महिलाओं के लिए हेल्दी डाइट के साथ-साथ हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना भी जरूरी हो जाता है।

  • बैलेंस डाइट लें (फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से युक्त फूड्स को शामिल करें।)
  • शरीर को हाइड्रेट रखें
  • डॉक्टर की सलाह अनुसार हल्की स्ट्रेचिंग और एक्सरसाइज करें
  • योग करें
  • 7-8 घंटों की भरपूर नींद लें
  • स्ट्रेस को मैनेज करें
  • स्मोकिंग, अल्कोहल और कैफीन के सेवन से बचें

निष्कर्ष

प्रेग्नेंसी के दौरान घी खाने से डिलीवरी नेचुरल रूप से आसान होने या बर्थ कैनाल को नरम करने का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन सीमित मात्रा में इसका सेवन मां और भ्रूण के विकास के लिए फायदेमंद होता है। हालांकि, जेस्टेशनल डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे डाइट में शामिल करना चाहिए। वहीं, आयुर्वेद के अनुसार घी खाना आसान डिलीवरी में कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है।

नॉर्मल डिलीवरी पूरी तरह से बच्चे की पोजीशन, मां की शारीरिक ताकत, हीमोग्लोबिन और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है। स्वस्थ गर्भधारण के लिए घी के साथ-साथ प्रोटीन, आयरन, फोलिक एसिड और कैल्शियम से भरपूर संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, हल्की एक्सरसाइज, योग और 7-8 घंटे की पूरी नींद लेना बेहद जरूरी है।

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FAQ

  • घी खाने के क्या फायदे हैं?

    घी में बहुत से पोषक तत्व होते हैं। इसका सेवन करने से पाचन में सुधार करने, शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर करने, इम्यूनिटी को बूस्ट करने, ब्रेन को हेल्दी और आंखों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान क्या खाना चाहिए?

    प्रेग्नेंसी के दौरान डाइट में फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम, विटामिन डी, प्रोटीन, फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर दूध, दही, अंडे, दालें, फलियां, अखरोट, अलसी के बीज और साबुत अनाज को डाइट में शामिल करें। 

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 30, 2026 10:41 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Lavanya Kiran