Sat Oct 24, 2026 | 06:08 PM IST

Medically Reviewed by Dr Lavanya Kiran , Gynaecologogist & Fertility Exper

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान अनानास खाना सुरक्षित है? गायनेकॉलजिस्ट से जानें

प्रेग्नेंसी के दौरान अनानास का सेवन सीमित मात्रा में सुरक्षित है। यह गर्भपात या समय से पहले डिलीवरी का कारण नहीं बनता है। इसमें विटामिन सी, मैंगनीज और फाइबर जैसे पोषक तत्व होते हैं, लेकिन एसिडिटी या जेस्टेशनल डायबिटीज वाली महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए।
क्या प्रेग्नेंसी के दौरान अनानास खाना सुरक्षित है? गायनेकॉलजिस्ट से जानेंक्या प्रेग्नेंसी के दौरान अनानास खाना सुरक्षित है? गायनेकॉलजिस्ट से जानें

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को हेल्दी और पोषक तत्वों से युक्त फलों, सब्जियों और अन्य फूड्स को खाने की सलाह दी जाती है। इनका सेवन करने से स्वास्थ्य को हेल्दी रखने में मदद मिलती है, लेकिन कई लोग प्रेग्नेंसी के दौरान अनानास खाने से मना करते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि इस दौरान अनानास का सेवन करना सेफ है या नहीं? आइए इस बारे में Dr. Lavanya Kiran, Director & Lead Consultant – Obstetrics, Gynecology, Robotics, Regenerative Medicine, Cosmetic Gynaecology & Fertility, KIMS Hospitals, Electronic City, Bengaluru से जानें।

प्रेग्नेंसी में अनानास खाना सेफ है?

Dr. Lavanya Kiran के अनुसार, अगर प्रेग्नेंसी के दौरान अनानास को सीमित मात्रा में खाया जाए, तो इससे जुड़े कोई खतरे नहीं हैं। हालांकि, एक गलत धारणा है कि अनानास खाने से गर्भपात (miscarriage) हो सकता है या समय से पहले लेबर पेन (early labor) शुरू हो सकता है, लेकिन ऐसा कोई साइंटिफिक प्रूफ नहीं है, जो यह बताए कि नॉर्मल मात्रा में अनानास खाने से ऐसी समस्याएं होती हैं।

इसका असल कारण ब्रोमेलैन (bromelain) नामक एंजाइम है, जो प्रोटीन को तोड़ने का काम करता है। अगर इसे सप्लीमेंट के रूप में लिया जाए, तो इसके प्रभाव ताजे फल से अलग हो सकते हैं। हालांकि, माना जाता है कि ताजे अनानास के एक हिस्से में ब्रोमेलैन की मात्रा इतनी नहीं होती कि वह गर्भाशय में संकुचन (contraction) पैदा करे या गर्भपात का कारण बने।

साल 2026 में Medicine में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, अनानास में मौजूद ब्रोमेलैन तत्व डिलीवरी की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, हालांकि इस बात के अभी कोई पुख्ता साइंटिफिक सबूत नहीं हैं।

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अनानास में मौजूद पोषक तत्व

Dr. Lavanya के अनुसार, अनानास में विटामिन सी होता है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। यह पौधों से मिलने वाले आयरन को शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है और कोलेजन के प्रोडक्शन को भी बढ़ावा देता है। अनानास में मैंगनीज भी पाया जाता है, जो हड्डियों की सेहत सुधारता है और मेटाबॉलिज्म में मदद करता है। अनानास में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखती है। साथ ही, इसमें फाइबर भी होता है, जो पाचन और मल त्याग (bowel movement) में मदद करता है।

प्रेग्नेंट महिलाएं कितना अनानास खा सकती हैं?

Dr. Lavanya आगे बताती हैं, प्रेग्नेंसी के दौरान अनानास खाने की कोई तय सीमा नहीं है। अपनी पसंद के अनुसार, प्रेग्नेंट महिलाएं अपनी बैलेंस डाइट में एक छोटी कटोरी अनानास शामिल कर सकती हैं। चीनी मिलाए गए अनानास के बजाय, ताजे और अच्छी तरह कटे हुए अनानास खाना बेहतर है।

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प्रेग्नेंट महिलाओं को अनानास खाते समय कब सावधान रहना चाहिए?

Dr. Lavanya बताती हैं, अनानास एक हाई एसिडिक फूड होता है, जिससे कुछ प्रेग्नेंट महिलाओं को सीने में जलन (heartburn) या एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन प्रेग्नेंट महिलाओं को ऐसी दिक्कतें हैं, वे अनानास को बहुत कम मात्रा में खा सकती हैं या अगर इससे उन्हें परेशानी होती है, तो वे इसको खाने से बच सकती हैं। जिन महिलाओं को जेस्टेशनल डायबिटीज (प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली डायबिटीज) है, उन्हें भी यह ध्यान रखना चाहिए कि इस फल में शुगर होती है।

Dr. Lavanya आगे कहती हैं, मिसकैरेज या समय से पहले डिलीवरी के डर से प्रेग्नेंट महिलाओं को अनानास खाना पूरी तरह से बंद करने की जरूरत नहीं है। यही सलाह बाकी सभी फलों पर भी लागू होती है। इन्हें सीमित मात्रा में खाना और खाने-पीने की चीजों की साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है।

निष्कर्ष

प्रेग्नेंसी के दौरान सीमित मात्रा में अनानास खाना पूरी तरह से सेफ है। मिसकैरेज या समय से पहले डिलीवरी होने का कोई साइंटिफिक प्रूफ नहीं है। अनानास में विटामिन सी, मैंगनीज, आयरन और फाइबर जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, साथ अच्छी मात्रा में पानी होता है, जो इम्यूनिटी और पाचन को सुधारते हैं। प्रेग्नेंट महिलाएं इसे बैलेंस डाइट में एक छोटी कटोरी तक शामिल कर सकती हैं। हालांकि, एसिडिटी या जेस्टेशनल डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन किसी भी डर के कारण इसे पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है।

ध्यान रहे, इससे किसी भी तरह की एलर्जी या परेशानी होने पर इसके सेवन से बचें और प्रेग्नेंसी से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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FAQ

  • हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए क्या खाएं?

    हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों, प्रोटीन दालें, छोले, राजमा, अंडे, टोफू, साबुत अनाज, डेयरी प्रोडक्ट्स और ताजे फलों को डाइट में शामिल करें।
  • पाइनएप्पल खाने के क्या फायदे हैं?

    पाइनएप्पल खाने से इम्यूनिटी को बूस्ट करने, पाचन तंत्र में सुधार करने, सूजन कम करने, दर्द से राहत देने, हड्डियों को मजबूती देने, स्किन को हेल्दी रखने, वजन कम करने और हार्ट को हेल्दी बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 24, 2026 17:04 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Lavanya Kiran