प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को खान-पान पर ध्यान देने और पोषक तत्वों से युक्त फूड्स को खाने सलाह दी जाती है। इन फूड्स को घी को भी शामिल किया जाता है। कई लोग मानते हैं कि प्रेग्नेंसी में घी खाने से मां और बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और उनको पोषण मिलता है, लेकिन क्या वाकई में ऐसा हैं और क्या प्रेग्नेंसी में घी खाना सेफ होता है या नहीं? आइए इस बारे में Dr. Lavanya Kiran, Director & Lead Consultant – Obstetrics, Gynecology, Robotics, Regenerative Medicine, Cosmetic Gynaecology & Fertility, KIMS Hospitals, Electronic City, Bengaluru से जानें।
क्या प्रेग्नेंसी में घी खाना सेफ है?
Dr. Lavanya के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान, एक बैलेंस्ड डाइट में सीमित मात्रा में घी का सेवन करना सेफ माना जाता है। कई भारतीय घरों में यह माना जाता है कि प्रेग्नेंसी में ज्यादा घी खाने से बच्चे की हेल्दी ग्रोथ होती है और मां को ताकत मिलती है और डिलीवरी में आसानी होती है। हालांकि, घी एनर्जी और फैट में घुलनशील (फैट-सॉल्यूबल) विटामिन देने में मददगार हो सकता है, लेकिन इस दावे का कोई ठोस साइंटिफिक बेस नहीं है कि बहुत ज्यादा घी खाने से डिलीवरी आसान हो जाती है।
प्रेग्नेंसी में घी खाने के फायदे
Dr. Lavanya का कहना है, घी फैट का एक अच्छा सोर्स है। इसके साथ-साथ घी में अच्छी मात्रा में विटामिन A, D, E और K जैसे फैट में सॉल्यूबल विटामिन्स होते हैं। ऐसे में इस दौरान सीमित मात्रा में घी का सेवन करने से स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं।
1. शरीर को एनर्जी दे
घी में भरपूर मात्रा में हेल्दी फैट्स होते हैं। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान इसका सेवन करने से मां को एनर्जी देने और इस दौरान होने वाली थकान या कमजोरी की समस्या से राहत देने में मदद मिल सकती है
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2. पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर करे
प्रेग्नेंसी में घी का सेवन करने से फैट में सॉल्यूबल विटामिन्स जैसे विटामिन ए, डी, ई और के को अवशोषित करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, घी खाने से भी शरीर को ये विटामिन्स मिलते हैं।
3. भ्रूण की ग्रोथ में सहायक
प्रेग्नेंसी के दौरान फैट जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। ऐसे में घी और फैट्स के अन्य सोर्स का सेवन करने से मां को एनर्जी देने के साथ-साथ भ्रूण की ग्रोथ को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।
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4. पाचन को दुरुस्त रखे
प्रेग्नेंसी में कई महिलाओं को कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं। ऐसे में घी का सेवन करने से आंतों में नमी बनाए रखने और कब्ज की समस्या से राहत देने में मदद मिल सकती है।
क्या कहती है स्टडी?
साल 2023 में Journal of Emerging Technologies and Innovative Research में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, घी में अच्छी मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। डोकोसाहेक्सैनोइक एसिड (DHA) एक ओमेगा-3 फैटी एसिड है, जो ब्रेन, सेरेब्रल कॉर्टेक्स, स्किन और आंखों के रेटिना का एक मुख्य हिस्सा है। प्रेग्नेंसी के तीसरे ट्राइमेस्टर के दौरान प्लेसेंटा के जरिए मां से मिलने वाला डीएचए (DHA) गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इस खास समय में बढ़ते दिमाग को इसकी बहुत ज्यादा जरूरत होती है। इसलिए, दिमाग की सही बनावट और उसके ठीक से काम करने के विकास के लिए मां द्वारा डीएचए का सेवन करना बहुत जरूरी है।
प्रेग्नेंसी में फैट्स क्यों हैं जरूरी?
Dr. Lavanya का कहना है, प्रेग्नेंसी में फैट एक जरूरी पोषक तत्व है, जिसकी पर्याप्त मात्रा जरूरी होती है, क्योंकि यह मां की एनर्जी की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भ्रूण के विकास में भी मदद करता है, लेकिन ध्यान रहे, सिर्फ घी पर निर्भर न रहें।
अन्य पोषक तत्व भी हैं जरूरी
Dr. Lavanya आगे कहती हैं, सिर्फ घी से पूरा पोषण नहीं मिल सकता है। प्रेग्नेंट महिलाओं को अन्य पोषक तत्वों की भी जरूरत होती है, जिनमें प्रोटीन, आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम और डाइटरी फाइबर शामिल हैं।
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प्रेग्नेंसी के दौरान घी का सेवन कितनी मात्रा में करें?
Dr. Lavanya के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान महिला और उसके बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य के लिए घी की कोई फिक्स्ड मात्रा तय नहीं है। यह पूरी तरह से महिला की रोज की एनर्जी जरूरतों, उसकी फिजिकल एक्टिविटीज, उसकी आम स्वास्थ्य स्थिति और वह अन्य किन सोर्स से फैट ले रही है, इस पर निर्भर करता है।
घी में बहुत ज्यादा कैलोरी और सैचुरेटेड फैट होता है, इसलिए इसका बहुत ज्यादा सेवन करने से शरीर में कैलोरी की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो सकती है और डाइट में फैट का बैलेंस बिगड़ सकता है।
Dr. Lavanya बताती हैं, घी का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। इसके साथ ही, अन्य अनसैचुरेटेड फैट भी लेने चाहिए, जो नट्स, सीड्स और कुछ टाइप के वनस्पति तेलों (vegetable oils) से मिल सकते हैं।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
घी खाने से पाचन से जुड़ी समस्या या कई अन्य परेशानी होती है, तो इसके सेवन से बचें और डॉक्टर से सलाह लें। ऐसे में डॉक्टर अन्य फैट के सोर्स को खाने की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा, लैक्टोज इंटॉलरेंस या अन्य परेशानी में घी का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
निष्कर्ष
प्रेग्नेंसी के दौरान सीमित मात्रा में घी का सेवन करना फायदेमंद होता है। इसका सेवन करने से मां के शरीर को एनर्जी देने, पोषक तत्वों के अवशोषण के बेहतर करने, भ्रूण की ग्रोथ को बढ़ावा देने और पाचन प्रक्रिया को बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
ध्यान रहे, स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
प्रेग्नेंसी में क्या खाएं?
प्रेग्नेंसी में अच्छे स्वास्थ्य के लिए महिलाएं डाइट में फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर हरी पत्तेदार सब्जियां, अनार, खजूर, दालें, दूध, अखरोट, बादाम, ताजे फल और साबुत अनाज को शामिल करें।1 दिन में कितने चम्मच घी खाना चाहिए?
स्वस्थ व्यक्ति के लिए 1 दिन में 10-15 ग्राम तक घी खाना सेफ माना जाता है। इसका सेवन करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन सीमित मात्रा में।
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Oct 23, 2026 15:00 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Lavanya Kiran
