Drinking Once In Month Cause Cancer: WHO समेत कई अन्य अध्ययनों के मुताबिक, शराब की कोई मात्रा सुरक्षित नहीं होती है। भले ही आप महीने में एक बार ही शराब का सेवन करते हों, लेकिन इससे भी कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। जितनी ज्यादा मात्रा में अल्कोहल शरीर में जाएगी, कैंसर का खतरा उतना ही ज्यादा होगा। कुछ लोग यह बोलकर खुद को एक तरफ कर लेते हैं कि 'हम केवल खास मौकों पर शराब पीते हैं इसलिए हमें कैंसर का खतरा नहीं होगा', यह कथन उतना ही गलत है जितना यह कहना कि जहर को खाकर जान बच भी सकती है। आइए जानते हैं कि अल्कोहल पीने से कैंसर का खतरा कैसे बढ़ता है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Arun Goel, Surgical Oncologist & Chairman At Andromeda Cancer Hospital, Haryana से बात की।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, शराब पीने की ऐसी कोई मात्रा नहीं है, जिसे सेहत के लिए पूरी तरह सुरक्षित कहा जा सके। आप कितनी भी शराब पीते हों, किसी भी मादक पेय की पहली बूंद से ही सेहत को खतरा शुरू हो सकता है। केवल इतना निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि जितनी ज्यादा शराब पी जाएगी, नुकसान उतना ही ज्यादा होगा।
इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने कई दशक पहले ही शराब को ग्रुप 1 कार्सिनोजेन यानी कैंसर पैदा करने वाले पदार्थों की सबसे ज्यादा खतरनाक श्रेणी में रखा था। इस श्रेणी में एस्बेस्टस, रेडिएशन और तंबाकू भी शामिल हैं।
शराब पीने की आवृत्ति और कैंसर के जोखिम का वैज्ञानिक विश्लेषण
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साल 2017 में Cancer Research And Treatment में प्रकाशित एक मेटा-विश्लेषण के मुताबिक, कम मात्रा में शराब पीने का संबंध महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के 13 प्रतिशत और पुरुषों में आंत के कैंसर के 6 प्रतिशत मामलों के साथ देखा गया।
साल 2024 में Journal Of Women's Health में प्रकाशित एक अध्ययन में 39811 महिलाओं को शामिल किया गया। शराब बहुत कम या न पीने से ब्रेस्ट कैंसर के लगभग 64 अतिरिक्त मामले होने का अनुमान लगाया गया। स्टडी में कुल 2 830 महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले सामने आए, जबकि 237 महिलाओं की मौत ब्रेस्ट कैंसर के कारण हुई।
शरीर में अल्कोहल कैसे कैंसर कोशिकाओं को बढ़ावा देता है?
| शरीर में होने वाला बदलाव | कैंसर का खतरा कैसे बढ़ता है? |
| DNA को नुकसान | DNA कोशिकाएं में गड़बड़ी से कैंसर का खतरा। |
| हार्मोनल असंतुलन | एस्ट्रोजन के बढ़ने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा। |
| हानिकारक रसायनों का असर बढ़ना | रसायनों के संपर्क में आने से मुंह और गले के कैंसर का खतरा। |
DNA को नुकसान पहुंचता है
रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मुताबिक, शराब शरीर की कोशिकाओं के सामान्य काम करने के तरीके को बिगाड़ सकती है। इससे शरीर में लंबे समय तक सूजन रह सकती है और DNA को नुकसान पहुंच सकता है। जब DNA को नुकसान पहुंचता है, तो कोशिकाएं अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लग सकती हैं और कैंसर का कारण बन सकती हैं।
हार्मोनल असंतुलन
शराब शरीर में एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ा सकती है। एस्ट्रोजन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के विकास में भूमिका निभाता है। इसलिए शराब पीने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
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अल्कोहल से हानिकारक केमिकल्स का असर बढ़ सकता है
जब कोई व्यक्ति शराब पीने के साथ धूम्रपान, तंबाकू या अन्य हानिकारक चीज का सेवन करता है, तो शराब के कारण मुंह की कोशिकाएं उस चीज के हानिकारक रसायनों को ज्यादा आसानी से सोख सकती हैं। इससे कैंसर का खतरा और बढ़ जाता है।
American Cancer Society के मुताबिक, बहुत कम मात्रा में शराब पीने से भी मुंह में जलन हो सकती है और छाले या घाव और ज्यादा बढ़ सकते हैं। इसलिए कैंसर से बचाव के लिए शराब न पीना सबसे अच्छा है।
अल्कोहोलिक फैटी लिवर, सिरोसिस और लिवर कैंसर का खतरा
अल्काेहल पीने से शरीर में फैट तेजी से जमा हो सकता है। रोजाना चार यूनिट से ज्यादा अल्कोहल का सेवन करने से कम समय में ही फैटी लिवर की समस्या हो सकती है जिसे अल्कोहलिक फैटी लिवर कहा जाता है और यह आगे चलकर स्टीटोहेपेटाइटिस (Steatohepatitis) में बदल सकती है। अल्कोहोलिक फैटी लिवर के कारण सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है।
महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा
ऐसा नहीं है कि अल्कोहल के सेवन से केवल पुरुषों को खतरा है। महिलाओं में शराब के कारण होने वाले ब्रेस्ट कैंसर के ज्यादातर मामले भी इसी तरह के शराब सेवन से जुड़े हैं। शराब कम से कम 7 तरह के कैंसर का कारण बन सकती है। इनमें आंतों का कैंसर और महिलाओं में होने वाला ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम प्रकारों में गिने जाते हैं।
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क्या शराब पीने के साथ धूम्रपान करना ज्यादा नुकसानदायक है?
हां, अगर आप शराब पीने के साथ धूम्रपान भी करते हैं, तो सेहत को ज्यादा नुकसान हो सकता है। Cancer Research, UK के मुताबिक, अल्कोहल पीने और धूम्रपान करने वाले लोगों में मुंह और गले के ऊपरी हिस्से का कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। तंबाकू और शराब, दोनों ही कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शराब और तंबाकू का संयुक्त असर शरीर की कोशिकाओं को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।
कैंसर का खतरा कम करने के लिए क्या करना चाहिए?
- शराब का सेवन न करें। अगर पीते हैं, तो इसे छोड़ने की कोशिश करें।
- सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पादों से दूर रहें।
- फल, सब्जियां, साबुत अनाज और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करें।
- नियमित एक्सरसाइज करें और स्वस्थ वजन बनाए रखें।
- अपनी उम्र और खतरे के अनुसार जरूरी कैंसर जांच करवाएं।
- कैंसर के लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
निष्कर्ष:
इस लेख से हमें पता चला कि महीने में एक बार शराब पीने से भी कैंसर होने का खतरा होता है। WHO के मुताबिक, अल्कोहल की कोई सुरक्षित सीमा नहीं होती है। साथ ही, कई अध्ययनों से पता चलता है कि कम मात्रा में शराब पीने से भी कैंसर का खतरा हो सकता है। अल्कोहल शरीर में जाकर DNA कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, हार्मोनल असंतुलन का कारण बनता है और हानिकारक केमिकल्स का असर बढ़ सकता है। शराब पीने से अल्कोहोलिक फैटी लिवर, सिरोसिस, स्टीटोहेपेटाइटिस, आंत का कैंसर और लिवर कैंसर का खतरा रहता है और महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा हो सकता है। जो लोग शराब के साथ धूम्रपान करते हैं, उनमें दोनों का संयुक्त असर शरीर की कोशिकाओं को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इसलिए धूम्रपान और अल्कोहल से परहेज करना चाहिए।
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FAQ
शराब पीने से कौन-कौन से कैंसर हो सकते हैं?
शराब पीने का संबंध मुख्य रूप से मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, भोजन नली का कैंसर, लिवर का कैंसर, स्तन कैंसर, बड़ी आंत और मलाशय के कैंसर से हो सकता है।शराब पीने के कितने साल बाद कैंसर हो सकता है?
कैंसर होने की कोई निश्चित समय सीमा नहीं है। यह शराब की मात्रा, सेवन की अवधि, धूम्रपान और अन्य स्वास्थ्य से जुड़े खतरों पर निर्भर करता है।
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Oct 22, 2026 13:19 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Arun Goel
