कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और एक हेल्दी लाइफ जीने की शुरुआत हमारी रोजमर्रा की आदतों के साथ ही होती है। अक्सर लोग सोचते हैं कि बीमारियां अचानक आती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। कोई भी बीमारी हमारे शरीर में धीरे-धीरे पनपती है और अनदेखा करने पर गंभीर रूप ले लेती है। कैंसर से बचाव में भी छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाकर हम कई तरह के कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। आइए इस लेख में Dr. Mandeep Singh Malhotra, Oncologist, Art of Healing Cancer, Delhi से जानते हैं कि कैंसर से बचाव के लिए रोजाना की आदतों में क्या बदलाव करें?
कैंसर से बचाव के लिए आदतों में करें ये 5 बदलाव
Dr. Mandeep Singh Malhotra का कहना है कि कैंसर से बचाव की शुरुआत किसी एक खास डाइट या लाइफस्टाइल ट्रेंड से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों से होती है।
साल 2004 में Evidence-Based Complementary and Alternative Medicine में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, कैंसर से बचाव के लिए स्मोकिंग और हानिकारक केमिकल्स से दूर बनाना, कम फैट और कम रिफाइंड चीनी वाली डाइट लेना, भोजन में भरपूर मात्रा में साबुत अनाज, फल, सब्जियां, फाइबर, सोया और एंटीऑक्सीडेंट शामिल करने के साथ रोजाना 30 से 60 मिनट एरोबिक एक्सरसाइज या हल्की शारीरिक गतिविधियां शामिल हैं।
1. तंबाकू और शराब से दूरी
शराब और तंबाकू को कैंसर का एक बड़ा जोखिम कारक माना जाता है। इसलिए, कैंसर से बचाव के लिए सबसे जरूरी बात है कि तंबाकू और उससे जुड़े सभी प्रोडक्ट्स से पूरी दूरी बना लिया जाए।
सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी और अन्य तंबाकू प्रोडक्ट्स कई तरह के कैंसर के जोखिम बढ़ाते हैं। शराब का सेवन भी सीमित रखना चाहिए क्योंकि नियमित रूप से और बहुत ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन कुछ कैंसर के जोखिम से जुड़ा हुआ है।
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2. संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाएं
कैंसर से बचाव में खाने-पीने की आदतों पर भी खास ध्यान देना बहुत जरूरी है। अपनी डेली डाइट में ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और अन्य पौष्टिक फूड्स जरूर शामिल करें।
ध्यान रहे, बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा नमक, चीनी और प्रोसेस्ड मीट का सेवन कम करना कैंसर के जोखिम को कम करने का एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि किसी एक फूड का सेवन पूरी तरह छोड़ देने से कैंसर नहीं होगा। बल्कि आपको अपनी पूरी डाइट को संतुलित और पौष्टिक रखने पर फोकस करना चाहिए।
3. एक्टिव लाइफस्टाइल और एक्सरसाइज
शारीरिक रूप से एक्टिव रहना कैंसर के खतरे को कम करने में बहुत अहम भूमिका निभाता है। रोजाना नियमित रूप से तेज चलना, योग करना, वर्कआउट करना या अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार कोई भी एक्सरसाइज करना न सिर्फ वजन को कंट्रोल रखने में मदद करता है, बल्कि मेटाबॉलिक स्वास्थ्य में भी सुधार करता है।
Lifestyle-Change-To-Prevent-Cancer
इसके विपरीत, दिन भर एक ही जगह पर लगातार घंटों बैठे रहने की आदत शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकती है और कई स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकती है। इसलिए, अपने डेली रूटीन में छोटे-छोटे शारीरिक मूवमेंट शामिल करना और लंबे समय तक बिना किसी कारण बैठे रहने से बचना चाहिए।
4. सूरज की यूवी किरणों से बचाव
सूरज की हानिकारक यूवी किरणें स्किन को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे स्किन कैंसर का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि आप सीधे तेज धूप के संपर्क में लंबे समय तक रहने से बचने की कोशिश करें। घर से बाहर निकलते समय हमेशा फुल-स्लीव कपड़े पहनें, सिर पर टोपी लगाएं और अपनी स्किन पर अच्छी तरह क्वालिटी की सनस्क्रीन का नियमित रूप से इस्तेमाल करें।
5. नियमित कैंसर स्क्रीनिंग का महत्व
कैंसर से बचाव और समय रहते इसके सही इलाज के लिए नियमित रूप से स्क्रीनिंग करवाना बहुत जरूरी है। अपनी उम्र, पारिवारिक इतिहास और स्वास्थ्य जोखिमों को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर की सलाह से समय-समय पर जरूरी मेडिकल टेस्ट करवाएं। शुरुआती स्टेज में कैंसर का पता चल जाने से उसका इलाज बहुत आसान और सफल हो जाता है, जिससे कैंसर से बचाव करने की संभावना कई गुना ज्यादा बढ़ जाती है।
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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
हेल्दी आदतें अपनाने के बावजूद शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों पर नजर रखना और समय पर डॉक्टर से कंसल्ट करना बहुत जरूरी है। इसलिए, अगर आपको बिना किसी डाइट या एक्सरसाइज के अचानक तेजी से वजन कम होने, आराम करने के बाद भी थकान महसूस होने या शरीर के किसी हिस्से में गांठ उभरने जैसा महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
इसके अलावा, शरीर या मुंह में कई दिनों तक न भरने वाले घाव, पेशाब में खून आना, लगातार खांसी, आवाज में भारीपन या निगलने में मुश्किल होने पर भी डॉक्टर के पास जाना जरूरी है।
निष्कर्ष
Dr. Mandeep Singh का कहना है कि कैंसर से बचाव के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि कैंसर की रोकथाम को लेकर किसी एक उपाय पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। तंबाकू से दूरी, हेल्दी वजन, संतुलित आहार, नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करना और समय पर स्क्रीनिंग करवाना कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।
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FAQ
क्या सिर्फ खानपान बदलने से कैंसर का खतरा पूरी तरह टल सकता है?
नहीं, सिर्फ खान-पान बदलने से ही कैंसर का जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता है। कैंसर से बचाव के लिए एक हेल्दी लाइफस्टाइल जरूरी है।क्या रोजाना एक्सरसाइज करने से वाकई कैंसर से बचा जा सकता है?
हां, नियमित रूप से शारीरिक रूप से एक्टिव रहना कैंसर के खतरे को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। एक्सरसाइज करने से शरीर का वजन कंट्रोल रहता है, मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और इम्यूनिटी मजबूत होती है।
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Sep 29, 2026 10:39 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Mandeep Singh Malhotra
