Wed Oct 14, 2026 | 06:20 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Aravinda S N , Lead Consultant – Internal Medicine

क्या हाई कोलेस्ट्रॉल में डेयरी प्रोडक्ट्स ले सकते हैं? डॉक्टर से जानें

हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को डेयरी प्रोडक्ट्स को पूरी तरह से छोड़ने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें कम फैट वाले ऑप्शन्स चुनने चाहिए और फुल-फैट डेयरी से बचना चाहिए।
क्या हाई कोलेस्ट्रॉल में डेयरी प्रोडक्ट्स ले सकते हैं? डॉक्टर से जानेंक्या हाई कोलेस्ट्रॉल में डेयरी प्रोडक्ट्स ले सकते हैं? डॉक्टर से जानें

आज के समय में ज्यादातर लोग हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या से परेशान रहते हैं। इसके कारण कई लोगों को दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में इस समस्या से राहत के लिए अक्सर लोगों को खान-पान से पर ध्यान देने और तली-भुनी चीजों से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन कई लोगों के मन में सवाल आता है कि डेयरी प्रोडक्ट्स में भी फैट होते हैं, ऐसे में कोलेस्ट्रॉल में इनका सेवन करना सही है? इस बारे में Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bengaluru बताते हैं, हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को अपनी डाइट से डेयरी प्रोडक्ट्स को पूरी तरह हटाने की जरूरत नहीं है।

हाई कोलेस्ट्रॉल में डेयरी प्रोडक्ट्स ले सकते हैं?

डॉ. अरविंद के अनुसार, हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को डेयरी प्रोडक्ट्स को अपनी डाइट से पूरी तरह नहीं हटाना चाहिए। हालांकि, किस तरह के डेयरी प्रोडक्ट्स खाए जा रहे हैं, कितनी मात्रा में खाए जा रहे हैं और कुल मिलाकर खान-पान कैसा है, ये सब बातें कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाती हैं।

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कौन से डेयरी प्रोडक्ट बढ़ाते हैं कोलेस्ट्रॉल?

डॉ. अरविंद बताते हैं, फुल-फैट दूध, मक्खन, क्रीम, चीज़ और आइसक्रीम में काफी मात्रा में सैचुरेटेड फैट हो सकता है। ज्यादा सैचुरेटेड फैट लेने से LDL कोलेस्ट्रॉल (जिसे बैड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है) बढ़ सकता है। इससे धमनियों में फैट जमा होने लगता है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

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हाई कोलेस्ट्रॉल में कौन से डेयरी प्रोडक्ट्स लें?

डॉ. अरविंद का कहना है, हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग कम फैट वाला या स्किम्ड दूध, कम फैट वाला दही और कम सैचुरेटेड फैट वाले दूसरे डेयरी प्रोडक्ट्स चुन सकते हैं।

बिना चीनी वाला, कम फैट वाला दही, बिना ज्यादा सैचुरेटेड फैट के प्रोटीन और कैल्शियम ले सकता है। हालांकि, अलग-अलग प्रोडक्ट्स में न्यूट्रिशन की मात्रा अलग-अलग हो सकती है, इसलिए फूड लेबल चेक करना फायदेमंद होता है।

क्या कहती है स्टडी?

साल 2021 में Nutrients में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, रोजाना डेयरी प्रोडक्ट्स के सेवन और सीरम एलडीएल-सी (बैड कोलेस्ट्रॉल) के बीच कोई संबंध नहीं मिला। हालांकि, गाय का दूध पीने से एलडीएल-सी का स्तर कम होता है, जबकि रिकोटा पनीर खाने से यह बढ़ता है। डेयरी प्रोडक्ट में मौजूद अलग-अलग पोषक तत्व, खासकर सैचुरेटेड फैट (SFA), इस अंतर का कारण हो सकते हैं। शरीर का साइज भी कोलेस्ट्रॉल पर असर डालता है।

साल 2021 में Diabetes & Metabolic Syndrome की क्लिनिकल रिसर्च के अनुसार, डेयरी प्रोडक्ट्स के सेवन से ट्राइग्लिसराइड के स्तर पर कोई खास असर नहीं पड़ता है। इसके अलावा, डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी नहीं बदलता है।

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कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए क्या करें?

डॉ. अरविंद आगे कहते हैं, यह भी याद रखना जरूरी है कि डेयरी प्रोडक्ट्स पूरी डाइट का सिर्फ एक हिस्सा हैं।

  • फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स और सीड्स को डाइट में शामिल करें।
  • सैचुरेटेड व ट्रांस फैट वाली चीजों को कम करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल को हेल्दी बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
  • सैचुरेटेड फैट की जगह अनसैचुरेटेड फैट (जैसे नट्स और कुछ खास वेजिटेबल ऑयल में मिलने वाला फैट) लेना भी फायदेमंद हो सकता है।
  • हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करें (एक्सरसाइज करें, हाइड्रेटेड रहें, पर्याप्त नींद लें और स्ट्रेस को मैनेज करें)।

किन लोगों को रहना चाहिए ज्यादा सावधान?

डॉ. अरविंद बताते हैं, जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा है या जिन्हें पहले से दिल की बीमारी है, उन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से खास डाइट की सलाह की जरूरत हो सकती है। डेयरी के सेवन पर दूसरे रिस्क फैक्टर्स, दवाओं और कुल न्यूट्रिशन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सोचा जाना चाहिए।

अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल और सेहत की जरूरतों के हिसाब से सबसे सही डाइट चुनने के लिए डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह लें।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

शरीर में हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण हाथों-पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट, सांस फूलने, दिल की धड़कन के तेज होने, बेचैनी होने और सीने में दर्द होने जैसी समस्याएं बार-बार महसूस होती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसके अलावा, हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में खान-पान के लिए डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह जरूर लें।

निष्कर्ष

हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में डेयरी प्रोडक्ट्स को अपनी डाइट से पूरी तरह नहीं हटाना चाहिए, लेकिन इस स्थिति में सैचुरेटेड फैट से युक्त फुल-फैट दूध, मक्खन, चीज़, क्रीम और आइसक्रीम को लेने से बचना चाहिए। इनके कारण बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है। वहीं, इस स्थिति में लो फैट या स्किम्ड मिल्क और बिना चीनी वाली लो फैट दही जैसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना जरूरी है, लेकिन ध्यान रहे, स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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FAQ

  • कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से शरीर में क्या-क्या परेशानियां आती हैं?

    कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने पर व्यक्ति को सीने में दर्द, पैरों में ऐंठन, सांस फूलने, सीने में भारीपन और हाथों-पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन गंभीर स्थिति में आंखों और त्वचा पर पीले रंग के धब्बे बनने, कॉर्नियल आर्कस होने, हार्ट अटैक या हार्ट स्ट्रोक की स्थिति हो सकती है।
  • हाई कोलेस्ट्रॉल में क्या नहीं खाना चाहिए?

    हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में व्यक्ति को तले-भुने, जंक फूड, हाई सैचुरेटेड, रेड मीट, प्रोसेस्ड मीट, मिठाइयां, शुगरी ड्रिंक्स और बेकरी प्रोडक्ट्स का सेवन करने से बचना चाहिए।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 14, 2026 16:09 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr. Aravinda S N