Tue Oct 6, 2026 | 07:50 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chandni Jain Gupta , Dermatologist

क्या स्ट्रेच मार्क्स कम करने में वाकई असरदार है विटामिन E ऑयल? जानें डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट की राय

त्वचा के तेजी से खिंचने के कारण उसकी अंदरूनी परत में बदलाव आता है, जिससे स्ट्रेच मार्क्स नजर आने लगते हैं। कई लोग मानते हैं क‍ि इसे व‍िटाम‍िन E ऑयल से ठीक क‍िया जा सकता है। डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट से जानें इसमें क‍ितनी सच्‍चाई है?
क्या स्ट्रेच मार्क्स कम करने में वाकई असरदार है विटामिन E ऑयल? जानें डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट की रायक्या स्ट्रेच मार्क्स कम करने में वाकई असरदार है विटामिन E ऑयल? जानें डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट की राय

जब त्‍वचा तेजी से खि‍ंचती या स‍िकुड़ती है, तो त्‍वचा में धार‍ियां बनने लगती हैं। इन्‍हें ही स्‍ट्रेच मार्क्स कहा जाता है। स्‍ट्रेस मार्क्स से छुटकारा पाने के ल‍िए लोग तरह-तरह की क्रीम और तेल का इस्‍तेमाल करते हैं और इनमें से एक पॉपुलर नाम है व‍िटाम‍िन E ऑयल, जो बाजार में आसानी से म‍िल जाता है और ऐसा माना जाता है क‍ि स्‍ट्रेच मार्क्स पर व‍िटाम‍िन E ऑयल लगाने से इस समस्‍या से न‍िजात म‍िलती है। क्‍या यह सच है? क्‍या वाकई व‍िटाम‍िन E ऑयल, स्‍ट्रेच मार्क्स का इलाज है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Chandni Jain Gupta, Dermatologist, Cosmetologist And Hair Transplant Surgeon At Elantis Healthcare, New Delhi से बात की।

क्या व‍िटाम‍िन E ऑयल से स्ट्रेच मार्क्स कम होते हैं?

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व‍िटाम‍िन E ऑयल को स्‍ट्रेच मार्क्स का पक्‍का इलाज नहीं माना जा सकता। खासकर ज‍िन लोगों को लंबे समय से स्‍ट्रेच मार्क्स की श‍िकायत है, उनके ल‍िए इसे पूरी तरह से हटाना संभव नहीं है। व‍िटाम‍िन E ऑयल, त्‍वचा को नमी देने और त्‍वचा के टेक्‍सचर को बेहतर बनाने में मदद करता है। हालांक‍ि, यह पूरी तरह से स्‍ट्रेच मार्क्स हटाने वाला जादुई तेल नहीं है।

American Academy Of Dermatology Association के मुताब‍िक, शोधकर्ताओं ने पाया है कि स्ट्रेच मार्क्स को रोकने के लिए बताए जाने वाले कई उपाय वास्तव में प्रभावी नहीं होते। अध्ययनों में बादाम का तेल, कोकोआ बटर, जैतून का तेल और विटामिन E में से कोई भी तेल स्ट्रेच मार्क्स को रोकने में प्रभावी साबित नहीं हुआ। शोधकर्ताओं के अनुसार, हयालूरोनिक एसिड स्ट्रेच मार्क्स को रोकने में मदद कर सकता है। यह एसिड त्वचा में प्राकृतिक रूप से मौजूद भी होता है।

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स्‍ट्रेच मार्क्स कब होते हैं?

प्रेग्नेंसी, तेजी से वजन बढ़ने या घटने और शरीर की ग्रोथ के दौरान अक्‍सर स्‍ट्रेच मार्क्स की समस्‍या देखने को म‍िलती है। स्‍ट्रेच मार्क्स मुख्‍य रूप से पेट, जांघ, कूल्‍हों, कमर, ब्रेस्‍ट या शरीर के अन्‍य ह‍िस्‍सों पर नजर आ सकते हैं।

व‍िटाम‍िन E ऑयल त्‍वचा के ल‍िए क्‍यों फायदेमंद है?

  • व‍िटाम‍िन E फैट सॉल्‍यूबल एंटीऑक्‍सीडेंट है जो फ्री रेड‍िकल्‍स से होने वाले नुकसान से कोश‍िकाओं को बचाने में मदद करता है।
  • व‍िटाम‍िन E ऑयल में मौजूद हेल्‍दी फैट्स, त्‍वचा को नमी देने में मदद करते हैं।
  • व‍िटाम‍िन E ऑयल को त्‍वचा पर लगाने से ड्राईनेस कम होती है और त्‍वचा हाइड्रेट रहती है।

व‍िटाम‍िन E ऑयल लगाने के नुकसान भी हैं?

ज्‍यादातर लोगों के ल‍िए व‍िटाम‍िन E ऑयल का इस्‍तेमाल सुरक्ष‍ित हो सकता है। अगर एलर्जी की आशंका है, तो इसे इस्‍तेमाल करने से पहले त्‍वचा के छोटे ह‍िस्‍से पर पैच टेस्‍ट करके चेक करें। अगर त्‍वचा में खुजली, रेडनेस या जलन महसूस हो, तो इस्‍तेमाल तुरंत बंद कर दें। साथ ही, अगर ऑयली स्‍क‍िन है, तो कम मात्रा में ही तेल का इस्‍तेमाल करें क्‍योंक‍ि व‍िटाम‍िन E ऑयल गाढ़ा होता है।

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स्‍ट्रेच मार्क्स का इलाज कैसे होता है?

स्ट्रेच मार्क्स के लिए सिर्फ क्रीम, लोशन या तेल पर निर्भर रहना सही नहीं है। ये त्वचा को नमी दे सकते हैं, लेक‍िन पुराने स्ट्रेच मार्क्स को पूरी तरह हटाने की गारंटी नहीं देते। इसलिए जरूरत पड़ने पर डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट से सलाह लेना बेहतर है। स्‍ट्रेच मार्क्स को हटाने के ल‍िए इन तीन तकनीकों की मदद ली जाती है-

1. रेटिनोइड क्रीम

Mayo Clinic के मुताब‍िक, विटामिन A से बनी रेटिनोइड क्रीम कुछ हद तक स्‍ट्रेच मार्क्स को कम करने में मदद कर सकती है। गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान रेटिनोइड क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

2. केमिकल पील

केमिकल पील प्रक्र‍िया में त्वचा की ऊपरी परत पर केमिकल लगाया जाता है, जिसके बाद पुरानी त्वचा हटकर नई त्वचा बनने की प्रक्रिया शुरू होती है। इससे स्ट्रेच मार्क्स की रंगत और बनावट कुछ हद तक बेहतर हो सकती है।

3. लेजर थेरेपी

लेजर त्वचा की गहरी परतों को टारगेट करके कोलेजन बनने की प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकता है। इससे स्ट्रेच मार्क्स कम दिखाई दे सकते हैं, हालांकि इन्हें पूरी तरह हटाना संभव नहीं होता।

4. माइक्रोडर्माब्रेशन

माइक्रोडर्माब्रेशन में त्वचा की ऊपरी परत को हल्के तरीके से एक्सफोलिएट किया जाता है। इससे त्वचा की सतह चिकनी हो सकती है और स्ट्रेच मार्क्स कुछ हद तक कम हो सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

त्‍वचा के तेजी से ख‍िंचने या सि‍कुड़ने के कारण स्‍ट्रेच मार्क्स आते हैं। कुछ लोग मानते हैं क‍ि इसे व‍िटाम‍िन E ऑयल से ठीक क‍िया जा सकता है, जबक‍ि व‍िटाम‍िन E ऑयल त्‍वचा को नमी देने में मदद करता है। इससे ड्राईनेस कम होती है और त्‍वचा हाइड्रेट रहती है। हालांक‍ि, व‍िटाम‍िन E ऑयल, स्‍ट्रेच मार्क्स का इलाज नहीं है। स्‍ट्रेच मार्क्स के इलाज के ल‍िए डॉक्‍टर रेटिनोइड क्रीम, केम‍िकल पील, लेजर थेरेपी या माइक्रोडर्माब्रेशन जैसी तकनीकों की मदद लेने की सलाह दे सकते हैं।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या स्ट्रेच मार्क्स सिर्फ महिलाओं को होते हैं?

    नहीं, स्ट्रेच मार्क्स पुरुषों और महिलाओं दोनों को हो सकते हैं। तेजी से वजन या शरीर का आकार बढ़ने पर इनका खतरा बढ़ सकता है।
  • क्या मांसपेशियां बढ़ने से स्ट्रेच मार्क्स हो सकते हैं?

    हां, मसल्‍स बनाने या तेजी से मांसपेशियों का आकार बढ़ने पर त्वचा खिंच सकती है और स्ट्रेच मार्क्स बन सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

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    Oct 06, 2026 18:24 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta