सर्दी हो या गर्मी, कई पुरुष हर मौसम में गर्म पानी से ही नहाते हैं। कुछ पुरुष थकान उतारने के लिए सोना बाथ या देर तक गर्म पानी के बाथटब में बैठे रहते हैं। क्या गर्म पानी से पुरुषों के स्पर्म काउंट कम हो सकते हैं या उनकी फर्टिलिटी पर असर पड़ सकता है? इस बारे में Dr. Vineet Malhotra, Senior Consultant in Urology & Andrology, VNA Hospital, Delhi से बात की, तो उन्होंने बताया कि पुरुषों के शरीर में स्पर्म बनने के लिए एक खास तापमान जरूरी होता है। अगर अंडकोष लंबे समय तक ज्यादा गर्मी के संपर्क में रहें, तो स्पर्म बनने के प्रोसेस को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि गर्म पानी से नहाने वाले हर पुरुष को यह समस्या हो सकती है।
क्या गर्म पानी से नहाने से पुरुषों की फर्टिलिटी पर असर पड़ता है?
Dr. Vineet Malhotra बताते हैं कि पुरुषों की फर्टिलिटी के लिए सेहतमंद स्पर्म जरूरी होते हैं। जब स्पर्म बनते हैं, तो प्रोसेस को स्पर्मेटोजेनेसिस कहा जाता है। इस प्रक्रिया के सही तरीके से होने के लिए अंडकोष का तापमान शरीर के अंदरूनी तापमान से थोड़ा कम होना चाहिए। अगर अंडकोष बार-बार या लंबे समय तक ज्यादा गर्मी के संपर्क में आते हैं, तो स्पर्म बनने और क्वालिटी पर असर पड़ सकता है।
American Society of Andrology में एक रिसर्च की गई, जिसमें अमेरिका और कनाडा में रहने वाले 3.041 कपल्स को लिया गया। इसमें पुरुषों ने सौना बाथ, गर्म पानी के बाथटब, सीट हीटर और टाइट अंडरवियर पहनने की बात की। इस रिसर्च के परिणामों में पाया गया कि जिन पुरुषों ने गर्म पानी के बाथ टब का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया, उनमें गर्भधारण की संभावना हल्की कम पाई गई। यह प्रभाव 30 साल या उससे ज्यादा उम्र के पुरुषों में ज्यादा स्पष्ट तरीके से देखने को मिला।
स्पर्म बनने के लिए अंडकोष का तापमान कम क्यों होना चाहिए?
Dr. Vineet Malhotra ने कहा, “पुरुषों के अंडकोष शरीर के अंदर रहने के बजाय पेट के नीचे एक थैली में मौजूद होते हैं। इसके पेट के नीचे रहने का कारण तापमान को कंट्रोल रखना भी है। आमतौर पर अंडकोष का तापमान शरीर के अंदरूनी तापमान से लगभग 2 से 4 डिग्री सेल्सियस कम रहता है। यही अंतर स्पर्म के विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है। जब अंडकोष का तापमान लगातार बढ़ता है, तो स्पर्म बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।”
बहुत गर्म पानी से नहाने पर स्पर्म काउंट पर क्या असर पड़ सकता है?
Dr. Vineet Malhotra ने कहा कि बहुत गर्म पानी में लंबे समय तक बैठने या बार-बार हॉट टब इस्तेमाल करने से अंडकोष को ज्यादा गर्मी मिल सकती है। इससे स्पर्म से जुड़ी कुछ समस्याएं आ सकती हैं।
- स्पर्म काउंट का मतलब सीमन यानी वीर्य में मौजूद स्पर्म की संख्या है। लगातार ज्यादा गर्मी में रहने से कुछ पुरुषों में स्पर्म काउंट पर असर पड़ सकता है।
- गर्म पानी में रहने से पुरुषों की स्पर्म मोटिलिटी का मतलब स्पर्म की आगे बढ़ने की क्षमता कम हो सकती है। यह गर्भधारण के लिए बहुत जरूरी होता है।
- बहुत ज्यादा गर्मी में रहने से स्पर्म के आकार और क्वालिटी पर असर पड़ सकता है। हालांकि, यह बदलाव हर पुरुष में अलग-अलग हो सकते हैं।
Does Hot Water Bath Affect Sperm Count
यह भी पढ़ें- मर्दाना ताकत के लिए शिलाजीत कितना असरदार? आयुर्वेदाचार्य से जानें फायदे और जरूरी सावधानियां
क्या रोज गुनगुने पानी से नहाना चाहिए?
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “लोगों को यह फर्क समझना होगा कि सामान्य गुनगुने पानी से नहाना और बहुत गर्म पानी के बाथटब में देर तक बैठे रहना एक जैसा नहीं होता। थोड़ी देर गुनगुने पानी से नहाने से पुरुषों की फर्टिलिटी या स्पर्म काउंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर अंडकोष बार-बार और लगातार लंबे समय तक गर्म पानी में रहेंगे, तो स्पर्म काउंट पर असर पड़ सकता है। हालांकि, सर्दियों में हल्के गर्म पानी से नहाने से स्पर्म उंट कम नहीं होते।”
क्या हॉट टब और सॉना से भी स्पर्म क्वालिटी प्रभावित हो सकती है?
Dr. Vineet Malhotra ने कहा कि हॉट टब में लंबे समय तक बैठने से शरीर को लगातार गर्मी मिलती रहती है। इसी तरह सौना या स्टीम बाथ से भी शरीर का तापमान बढ़ सकता है। इसलिए जो पुरुष पेरेंट्स बनने का प्लान कर रहे हैं या जिनकी स्पर्म क्वालिटी या काउंट पहले से कम है, उनके लिए बहुत गर्म पानी में लंबे समय तक बैठने से बचना चाहिए।
गर्म पानी से नहाना छोड़ने पर क्या स्पर्म क्वालिटी दोबारा बेहतर हो सकती है?
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “गर्मी के कारण स्पर्म क्वालिटी और काउंट दोनों कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकता है। अगर लाइफस्टाइल को बेहतर कर लिया जाए, तो नए स्पर्म बनने की प्रक्रिया में लगभग 74 दिन लगते हैं। इसके बाद भी स्पर्म को पूरी तरह से मैच्योर होने में कुछ समय लगता है। इसलिए अगर लगातार गर्मी में रहने के कारण स्पर्म क्वालिटी प्रभावित हुई है, तो आदत बदलने के बाद सुधार दिखाई देने में कई हफ्ते या महीने लग सकते हैं।”
पुरुषों को फर्टिलिटी बेहतर रखने के लिए क्या करना चाहिए?
Dr. Vineet Malhotra ने पुरुषों को नहाने और लाइफस्टाइल में बदलाव करने की सलाह दी है।
- नहाते समय पानी का तापमान न बहुत ज्यादा गर्म और न ही ठंडा रखें। गुनगुने पानी में नहाना बेहतर रहता है।
- रेगुलर हॉट टब या लंबे गर्म पानी से नहाने से बचना चाहिए।
- बैलेंस्ड डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद लें।
- पुरुषों को स्मोकिंग से बचना चाहिए।
- अगर लंबे समय से प्रेग्नेंसी में दिक्कत आ रही है, तो डॉक्टर जरूरत के अनुसार सीमेन एनालिसिस की सलाह दे सकते हैं।
यह भी पढ़ें- Male Fertility: स्पर्म काउंट और क्वालिटी सुधारने में कितनी कारगर है अश्वगंधा और सफेद मूसली? जानें आयुर्वेदाचार्य से
निष्कर्ष
रोज गर्म पानी से नहाना पुरुषों की फर्टिलिटी के लिए खतरनाक नहीं है, लेकिन जो लोग लगातार गर्म बाथ टब में बैठे रहते हैं, उन्हें इससे बचना चाहिए। गर्म जगह पर ज्यादा रहने से अंडकोष का तापमान बढ़ सकता है, जो स्पर्म काउंट और क्वालिटी, दोनों को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, प्रेग्नेंसी में दिक्कत होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
All Image Credit: Magnific
FAQ
क्या गर्म पानी की सिकाई या हीटिंग पैड कमर/पेट पर रखने से भी फर्टिलिटी प्रभावित होती है?
अगर हीटिंग पैड या हॉट वाटर बैग को पेट के निचले हिस्से या ग्रोइन के बहुत करीब लंबे समय तक रखा जाए, तो उससे निकलने वाली गर्मी सीधे अंडकोश के तापमान को बढ़ा देती है। इससे कुछ समय के लिए स्पर्म एक्टिविटी कम हो सकती है।यदि कोई कपल गर्भधारण की प्लान बना रहा हो, तो पुरुष को कितने समय पहले से गर्म पानी से बचना चाहिए?
गर्भधारण का प्लान करने से कम से कम 3 महीने पहले से बहुत गर्म पानी, बाथटब, जकूजी और सौना से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए। इससे नए बनने वाले स्पर्म का पूरा साइकल पूरा हो जाएगा।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Oct 26, 2026 19:43 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineet Malhotra
