कई लोग ब्लैकहेड्स की समस्या से परेशान रहते हैं, जिसके कारण उनके चेहरे पर काले दाग दिखने लगते हैं, जो देखने में बुरे लगते हैं। ये अक्सर धूल-मिट्टी के संपर्क में आने या त्वचा को साफ न रखने से हो सकते हैं। ब्लैकहेड्स की समस्या क्या है और इससे राहत के लिए क्या करना चाहिए, यह जानने के लिए हमने बात की Dr. Chandani Jain Gupta, MBBS, MD- Dermatologist & Aesthetic Physician, Elantis Healthcare, New Delhi से। डॉक्टर चांदनी बताती हैं कि ब्लैकहेड्स की समस्या धूल-मिट्टी, गंदगी और डेड सेल्स जैसी समस्याओं के कारण हो सकती है। इससे बचने के लिए स्किन को साफ रखना बेहद जरूरी हो जाता है।
ब्लैकहेड्स क्या हैं?
डॉ. चांदनी जैन गुप्ता के अनुसार, "ब्लैकहेड्स एक तरह के मुंहासे होते हैं, जिन्हें ओपन कॉमेडोन कहा जाता है। यह स्किन की एक आम समस्या है, जो चेहरे पर होते हैं। यह तब बनते हैं जब स्किन के ओपन पोर्स में ऑयल (सीबम), धूल और डेड स्किन सेल्स जमा हो जाते हैं। जब ये जमा हुए पदार्थ हवा के संपर्क में आते हैं, तो ये ऑक्सीडाइज (ऑक्सीजन के साथ रिएक्शन) होते हैं, जिससे उनका रंग काला हो जाता है। इसी कारण से इन्हें ब्लैकहेड्स कहा जाता है।"
ब्लैकहेड्स क्यों होते हैं?
डॉ. चांदनी जैन गुप्ता के अनुसार, "स्किन में एक्स्ट्रा ऑयल बनने, हार्मोन्स में बदलाव होने, प्रदूषण और गलत स्किन केयर जैसे कारणों से ब्लैकहेड्स की समस्या हो सकती है। जो पिंपल और मुंहासों जैसी स्किन की समस्याओं को भी बढ़ा सकते हैं।"
Cleveland Clinic के अनुसार, त्वचा में सीबम का उत्पादन बढ़ने, केराटिन का असामान्य तरीके से उत्पादन होने, एंड्रोजन हार्मोन के बढ़ने और त्वचा पर बैक्टीरिया के बढ़ने के कारण ब्लैकहेड्स की समस्या बढ़ सकती है।
ज्यादा ऑयल बनने
जब स्किन जरूरत से ज्यादा ऑयल (सीबम) का उत्पादन करने लगती है, तो वह पोर्स में जमा हो जाता है और पोर्स को बंद कर देता है। यही एक्स्ट्रा ऑयल ब्लैकहेड्स बनने का कारण बनता है।
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हार्मोनल बदलाव होना
टीनएज में या पीरियड्स और कई अन्य स्थितियों में शरीर में हार्मोन्स तेजी से बदलते हैं या हार्मोन्स के असंतुलित होने की समस्या होती है। हार्मोन्स के असंतुलन के कारण स्किन में एक्स्ट्रा ऑयल का उत्पादन बढ़ जाता है। जिससे ब्लैकहेड्स बनने लगते हैं।
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गलत स्किन केयर
अगर स्किन की सही देखभाल न की जाए, ज्यादा हैवी कंसिस्टेंसी वाली क्रीम या गलत मेकअप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जाए, तो स्किन के पोर्स बंद हो सकते हैं। जिसके कारण ब्लैकहेड्स की समस्या बढ़ सकती है।
धूल-मिट्टी या प्रदूषण
बाहरी धूल-मिट्टी, गंदगी और प्रदूषण के कारण त्वचा में गंदगी जमा होने लगती है, जिसके कारण स्किन के पोर्स बंद होने की समस्या होती है, जिससे ब्लैकहेड्स की समस्या को बढ़ावा मिलता है।
ब्लैकहेड्स किसे होने के चांस ज्यादा होते हैं?
डॉ. चांदनी जैन बताती हैं कि, "ऑयली स्किन और हार्मोनल असंतुलन जैसे कई कारणों से लोगों में ब्लैकहेड्स होने की संभावना ज्यादा होती है।"
- ऑयली स्किन वाले लोग
- टीनएजर्स
- हार्मोनल असंतुलन
- गलत मेकअप या स्किन केयर का इस्तेमाल करने वाले
इन लोगों को ब्लैकहेड्स होने का खतरा ज्यादा होता है।
Cleveland Clinic के अनुसार, ब्लैकहेड्स आमतौर पर टीनएजर्स और हार्मोन्ल बदलाव से गुजर रहे वयस्कों को प्रभावित करते हैं।
ब्लैकहेड्स के लक्षण और डायग्नोसिस
डॉ. चांदनी जैन के अनुसार, "ब्लैकहेड्स को पहचानने के लिए किसी भी टेस्ट की जरूरत नहीं होती है। आमतौर पर इनको त्वचा पर देखकर ही इसका पता लगाया जा सकता है। इसमें नाक, ठुड्डी और माथे पर छोटे-छोटे काले दाने दिखाई देते हैं, जो ब्लैकहेड्स के लक्षण भी हैं। इनमें दर्द या सूजन आमतौर पर नहीं होती है।"
- नाक, ठुड्डी और माथे पर छोटे-छोटे काले दाने
- त्वचा की सतह पर उभरे हुए काले दाने
- ब्लैकहेड्स में त्वचा में सूजन या दर्द नहीं होता
ब्लैकहेड्स का इलाज
डॉ. चांदनी जैन बताती हैं कि, "ब्लैकहेड्स का इलाज सही तरीके से किया जाए तो इनको आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए डॉक्टर द्वारा सैलिसिलिक एसिड (Salicylic Acid) और रेटिनॉइड्स (Retinoids) जैसी टॉपिकल दवाएं दी जाती हैं, जो पोर्स को साफ करने और नई सेल्स के बनने में मदद करती हैं।"
2024 में Journal of the American Academy of Dermatologyमें प्रकाशित स्टडी के अनुसार, ब्लैकहेड्स को हटाने के लिए 4 हफ्तों तक सैलिसिलिक एसिड (Salicylic acid), टोनर और मास्क (इन दोनों में ग्लाइकोलिक एसिड था) का इस्तेमाल किया गया। इनका इस्तेमाल करने से ब्लैकहेड्स में कमी आई है। इसके अलावा, इससे खुले हुए मुहांसों या पोर्स (open comedones) में भी कमी आई और इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बंद करने के बाद भी यह सुधार बना रहा।
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ब्लैकहेड्स से बचाव के घरेलू उपाय
डॉ. चांदनी जैन के अनुसार, "ब्लैकहेड्स से बचने के लिए या उनको कम करने के लिए कुछ घरेलू और आसान उपायों को अपनाया जा सकता है, जैसे हल्की एक्सफोलिएशन, क्ले मास्क और ऑयल-फ्री प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।"
हल्की एक्सफोलिएशन
ब्लैकहेड्स से बचाव करने और स्किन को हेल्दी बनाए रखने के लिए हफ्ते में 1 से 2 बार स्किन को हल्का स्क्रब या एक्सफोलिएट किया जा सकता है। इससे स्किन के डेड सेल्स को निकालने और स्किन के पोर्स को साफ करने में मदद मिलती है।
क्ले मास्क
ब्लैकहेड्स से बचने के लिए क्ले मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे स्किन के एक्स्ट्रा ऑयल को कम करने और पोर्स को साफ करने में मदद मिलती है।
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ऑयल-फ्री (नॉन-कॉमेडोजेनिक) स्किन प्रोडक्ट्स
ब्लैकहेड्स की समस्या से बचने के लिए नॉन-कॉमेडोजेनिक (जो पोर्स को बंद न करें) प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। ये त्वचा के लिए सेफ होते हैं।
चेहरा साफ रखें
ब्लैकहेड्स से बचने के लिए दिन में 2 बार नियमित रूप से चेहरे को धोएं। ऐसा करने से त्वचा को साफ रखने में मदद मिलती है।
ब्लैकहेड्स में क्या नहीं करना चाहिए?
डॉ. चांदनी जैन कहती हैं कि, "ब्लैकहेड्स की स्थिति में व्यक्ति को ब्लैकहेड्स को दबाने से बचना चाहिए और ज्यादा स्क्रब न करें। ऐसा करने से इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।"
- ब्लैकहेड्स को दबाने से बचें
- गलत प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचें
- बहुत ज्यादा स्क्रब न करें
डॉक्टर से कब मिलें?
अगर किसी व्यक्ति को ब्लैकहेड्स बहुत ज्यादा हो जाएं या घरेलू उपायों से ठीक न हों और बार-बार मुंहासे या पिंपल्स होने लगें तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके अलावा, ध्यान रहे कि ब्लैकहेड्स पर बार-बार हाथ लगाने और दबाने से बचें। इनके कारण ज्यादा परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह के साथ सही दवा और ट्रीटमेंट ली जा सकती है।
निष्कर्ष
ब्लैकहेड्स स्किन से जुड़ी एक आम समस्या है। यह समस्या तब होती है, जब ओपन पोर्स में एक्स्ट्रा ऑयल के जमा होने, धूल-मिट्टी, प्रदूषण और डेड सेल्स जमा हो जाती हैं और इनके हवा के संपर्क में आने पर ये काले पड़ जाते हैं। इनसे बचने के लिए त्वचा की साफ-सफाई का ध्यान रखें, सही स्किन केयर और सही प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। इसके अलावा, हेल्दी स्किन के लिए गलत आदतों से बचें। स्किन से जुड़ी अधिक समस्या महसूस होने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
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FAQ
ब्लैकहेड्स का रंग काला क्यों होता है?
जब त्वचा के पोर्स में जमा ऑयल और गंदगी हवा के संपर्क में आती है, तो उसका ऑक्सीकरण हो जाता है। इसके कारण उसका रंग काला पड़ जाता है।क्या ब्लैकहेड्स को हाथों से दबाकर निकालना सही है?
ब्लैकहेड्स को हाथों से दबाकर नहीं निकालना चाहिए। डॉक्टर के अनुसार ब्लैकहेड्स को दबाने या नोंचने से त्वचा में इंफेक्शन फैल सकता है और दाग-धब्बे पड़ सकते हैं।ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स में क्या अंतर है?
ब्लैकहेड्स ओपन कॉमेडोन होते हैं यानी इनके पोर्स खुले होते हैं और हवा के संपर्क में आकर काले हो जाते हैं। वहीं, व्हाइटहेड्स क्लोज्ड कॉमेडोन होते हैं, जिनमें पोर्स बंद होते हैं और वे सफेद दाने जैसे उभरे हुए दिखते हैं।ब्लैकहेड्स होने के मुख्य कारण क्या हैं?
ब्लैकहेड्स की समस्या व्यक्ति को स्किन में ज्यादा तेल बनना यानी सीबम का उत्पादन बढ़ने, हार्मोनल बदलाव होने, धूल-मिट्टी, प्रदूषण, बैक्टीरिया, स्किन पर गंदगी के जमा होने और गलत कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल करने से होती है।
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Apr 25, 2026 20:26 IST
Modified By : Priyanka Sharma Apr 25, 2026 20:26 IST
Modified By : Priyanka SharmaApr 25, 2026 20:26 IST
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Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta