Fri Sep 11, 2026 | 09:32 PM IST

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एलोवेरा Vs ग्लिसरीन: सर्दियों में ड्राई स्किन के लिए क्या है बेस्ट? एक्सपर्ट ने बताया

Aloevera vs glycerin for skin: सर्दियों में ड्राई स्किन की समस्या अक्सर लोगों को परेशान करती है। ऐसे में एलोवेरा और ग्लिसरीन का इस्तेमाल बहुत से लोग करते हैं लेकिन क्या बेस्ट ऑप्शन हो सकता है? आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

Aloevera vs glycerin for skin: सर्दियां बढ़ने के साथ जैसे-जैसे हवा में नमी बढ़ती जा रही है ड्राई स्किन की समस्या बढ़ रही है। दरअसल, ड्राई स्किन दो कारणों से होती है पहला कारण सर्द हवाएं और दूसरा कारण खराब ब्लड सर्कुलेशन। सर्द हवाएं स्किन पोर्स ने नमी को खींच लेती हैं और इन्हें बहुत जल्दी-जल्दी ड्राई कर देती हैं। इसके अलावा खराब ब्लड सर्कुलेशन की वजह से भी नमी की कमी हो जाती है और ये भी ड्राईनेस की वजह बनता है। ऐसे में लोग अक्सर उन विकल्पों की तलाश करते हैं जो कि स्किन में नमी को आसानी से और लंबे समय तक लॉक कर सके। ऐसे में एलोवेरा और ग्लिसरीन दोनों का ही लोग ज्यादा इस्तेमाल करते हैं लेकिन इनमें से क्या है बेहतर विकल्प? आइए जानते हैं इस बारे में डॉ. विजय सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट - डर्मेटोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट, दिल्ली से।

सर्दियों में ड्राई स्किन के लिए एलोवेरा और ग्लिसरीन का इस्तेमाल-Aloe vera vs glycerin for dry skin

डॉ. विजय सिंघल बताते हैं कि सर्दियों में त्वचा के लिए एलोवेरा और ग्लिसरीन दोनों ही अच्छे माने जाते हैं, लेकिन इनकी भूमिका अलग-अलग होती है। ऐसे में आपको इन दोनों के गुणों पर ध्यान देना होगा। जैसे कि

एलोवेरा-Aloevera for dry skin

एलोवेरा हल्की, ठंडी और सूदिंग जेल है, जो स्किन पर जलन, खुजली, रैशेज या रूखापन होने पर तुरंत आराम देती है और त्वचा की ऊपरी परत में नमी पहुंचाती है। यह खासकर उन लोगों के लिए बेहतर है जिनकी स्किन सेंसिटिव है या जिन्हें अक्सर जलन और रेडनेस की समस्या रहती है। एलोवेरा एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है जो हवा से नमी को त्वचा में खींचता है, जिससे रूखेपन और पपड़ीदार त्वचा से छुटकारा मिलता है। इसके ठंडे गुण रूखी या क्षतिग्रस्त त्वचा, जैसे सनबर्न या रैशेज से होने वाली जलन, रेडनेस और बेचैनी को कम कर सकते हैं। एलोवेरा में मौजूद विटामिन और एंजाइम रूखे धब्बों को ठीक करने और त्वचा की प्राकृतिक बाधा को मजबूत करने में मदद करते हैं। यह त्वचा के पुनर्जनन में मदद करता है और छोटे-मोटे कट और घावों को जल्दी भरने में मदद कर सकता है।

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ग्लिसरीन-Glycerin for dry skin

ग्लिसरीन एक नेचुरल ह्यूमेक्टेंट है, यानी यह हवा से नमी खींचकर स्किन में लॉक करने का काम करता है इसलिए बहुत ज्यादा ड्राई, छिलती हुई या फटी त्वचा के लिए इसे अधिक प्रभावी माना जाता है। एक नमी प्रदान करने वाले पदार्थ के रूप में, ग्लिसरीन त्वचा में पानी खींचता है, जिससे रूखापन, खुरदरापन और पपड़ीदार त्वचा से छुटकारा मिलता है। यह त्वचा की प्राकृतिक नमी बनाए रखने में मदद करता है, जिससे त्वचा मुलायम और हाइड्रेटेड रहती है।

क्या है बेहतर-Which is best for dry skin in winters in hindi

एलोवेरा स्किन को शांत करता है और हल्की मॉइस्चराइजिंग देता है, जबकि ग्लिसरीन गहराई तक जाकर लंबे समय तक हाइड्रेशन देती है। हालांकि ग्लिसरीन को अकेले लगाने से चिपचिपाहट हो सकती है, इसलिए इसे गुलाबजल या पानी में मिलाकर लगाना बेहतर रहता है। सर्दियों में अगर स्किन बहुत रूखी है तो ग्लिसरीन ज्यादा फायदेमंद है और अगर त्वचा नॉर्मल से सेंसिटिव है या जलन होती है तो एलोवेरा बेहतर विकल्प है।

सही चुनाव स्किन टाइप पर निर्भर करता है, लेकिन दोनों ही सुरक्षित और प्रभावी माने जाते हैं। तो ये टिप्स अपनाएं और ड्राई स्किन की समस्या से खुद का बचाव करें। इसके अलावा आप नारियल तेल और इसी प्रकार के भारी तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं जो कि ड्राई स्किन के लिए फायदेमंद है।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 07, 2025 18:57 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Dec 07, 2025 18:57 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Vijay Singhal

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