हार्ट अटैक के बाद इस नए उपचार से ठीक हो जाएगा ह्रदय!

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 12, 2018

वैज्ञानिकों ने हार्ट अटैक के बाद हृदय को दुरुस्त करने के लिए एक नए इलाज की पहचान की है। इसकी मदद से हार्ट टिश्यू की दोबारा उत्पत्ति की जा सकती है। इससे हार्ट फेल होने के खतरे से भी बचाव हो सकता है। हार्ट अटैक के दौरान ऑक्सीजन की कमी पड़ जाती है और हृदय की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। शरीर प्रतिक्रिया में मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए इम्यून सेल्स को भेजता है लेकिन ये कोशिकाएं पहले से क्षतिग्रस्त हृदय में सूजन का कारण बन जाती हैं। इस समस्या के चलते हार्ट फेल होने का खतरा बढ़ सकता है। ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि हार्ट अटैक के बाद चूहे में वीईजीएफ-सी नामक प्रोटीन इंजेक्शन के जरिये पहुंचाने से हृदय की मांसपेशियों को होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है। यही नहीं हृदय की रक्त पंप करने की क्षमता को भी पहले की तरह किया जा सकता है।

चूहों पर सफल रहा शोध

जर्नल ऑफ क्लीनिकल इनवेस्टिगेशन में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार शोधकर्ताओं ने चूहों पर शोध किया। दिल के दौरे पड़ने के बाद चूहों में  वीईजीएफ-सी नामक प्रोटीन इंजेक्शन दिया। यह पाया गया कि वीईजीएफ-सी उपचार जो लिम्फैटिक प्रणाली का हिस्सा है जो ह्रदय की मांसपेशियों की क्षति को कम करता है। इस प्रणाली से मृत कोशिकाओं को सुधारने और साफ़ करने में मदद के बाद प्रतिरक्षा कोशिकाओं को तुरंत साफ़ किया जा सकता है। इस उपचार से हृदय में बेहतर उपचार और दिल की पंपिंग बेहतर हुई।

दवाओं का विकास करने का मार्ग प्रशस्त

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के पॉल रिले ने कहा, "हमने कुछ साल पहले दिल में लिम्फैटिक प्रणाली को देखना शुरू कर दिया था। हम नहीं जानते थे कि यह दिल की मरम्मत के लिए कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।" इस शोध ने हमें लिम्फैटिक प्रणाली के विकास को बढ़ावा देने और प्रतिरक्षा कोशिकाओं को तुरंत स्पष्ट करने के लिए दवाओं का विकास करने के लिए एक दवा खोज कार्यक्रम शुरू करने का मार्ग प्रशस्त किया है।  हम उम्मीद करते हैं कि अगले पांच से दस साल बाद हमारा खोज सफल होगा। दिल के दाैरे के बाद ह्रदय की मांशपेशियों को पहले की तरह स्वस्थ करना संभव होगा।

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